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Delhi Malviya Nagar Fire: मालवीय नगर के होटल में लगी भीषण आग, कई लोगों की मौत, बेसमेंट में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी
Current image: मालवीय नगर के एक रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग

Delhi Malviya Nagar Fire: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर भीषण अग्निकांड की घटना से दहल उठी है। दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इस हादसे में कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है तथा आशंका जताई जा रही है कि बेसमेंट और इमारत के अन्य हिस्सों में कुछ लोग अभी भी फंसे हो सकते हैं।

यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब दिल्ली में हाल के महीनों में आग लगने की कई बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार सामने आ रहे अग्निकांडों ने राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और भवनों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुबह मिली आग लगने की सूचना

जानकारी के अनुसार दिल्ली फायर सर्विस को सुबह लगभग 9 बजे के आसपास मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने कई फायर टेंडर, वाटर बाउजर और क्विक रिस्पॉन्स वाहनों को मौके पर रवाना किया। जब तक दमकल कर्मी पहुंचे, आग इमारत के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले चुकी थी। बताया जा रहा है कि आग सबसे पहले रेस्टोरेंट के निचले हिस्से या बेसमेंट क्षेत्र में भड़की और फिर तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। घना धुआं पूरे भवन में भर गया, जिससे अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया।

अफरा-तफरी के बीच बचाई गई कई जानें

आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इमारत में मौजूद लोग खिड़कियों और बालकनियों से मदद के लिए चिल्ला रहे थे। कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सड़क पर गद्दे और अन्य सामान बिछाए, जिससे कुछ लोग कूदकर सुरक्षित बाहर निकल सके। राहत दलों ने कई लोगों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

SDM जितेंद्र कुमार ने क्या कहा?

दक्षिण जिले के एसडीएम और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) से जुड़े अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भवन के ग्राउंड फ्लोर पर रेस्टोरेंट संचालित हो रहा था और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती चरण में कई लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को अस्पताल भेजा गया। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोगों ने स्थानीय नागरिकों की मदद से ऊपरी मंजिलों से कूदकर अपनी जान बचाई।

बेसमेंट में फंसे लोगों की तलाश जारी

राहत और बचाव अभियान का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा बेसमेंट में फंसे लोगों तक पहुंचना रहा। दमकल कर्मियों को घने धुएं, तेज गर्मी और सीमित दृश्यता के बीच काम करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार बेसमेंट में मौजूद कई लोगों को बाहर निकाला गया है, लेकिन अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है। इसी कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को लगातार जारी रखा गया है। विशेष उपकरणों और ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम की मदद से बचाव दल इमारत के हर हिस्से की जांच कर रहा है।

मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या को लेकर स्थिति लगातार बदल रही है। विभिन्न एजेंसियों द्वारा अलग-अलग समय पर जारी आंकड़ों में अंतर देखने को मिला है, लेकिन ताजा रिपोर्टों में मौतों का आंकड़ा 18 से 20 के बीच बताया गया है। कई घायलों की हालत गंभीर होने के कारण यह संख्या बढ़ भी सकती है। मृतकों में कुछ विदेशी नागरिकों के शामिल होने की भी आशंका जताई गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका

हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों और तकनीकी टीमों को घटनास्थल पर बुलाया गया है। बिजली के तारों, एयर कंडीशनिंग सिस्टम, किचन क्षेत्र और बेसमेंट की विस्तृत जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस और फायर विभाग संयुक्त रूप से इस बात की जांच कर रहे हैं कि कहीं सुरक्षा मानकों में कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई थी।

क्या भवन में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे?

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या भवन में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि इमारत में लोगों की संख्या काफी अधिक थी और आपातकालीन निकासी मार्ग पर्याप्त नहीं थे। हालांकि प्रशासन ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि भवन के पास वैध फायर एनओसी थी या नहीं, और अग्नि सुरक्षा उपकरण कार्यरत स्थिति में थे या नहीं।

दिल्ली में लगातार बढ़ रही आग की घटनाएं

मालवीय नगर की यह घटना हाल के महीनों में दिल्ली में सामने आए कई बड़े अग्निकांडों के बाद हुई है। कुछ दिन पहले मुकुंदपुर में एलपीजी सिलेंडर विस्फोट के बाद एक मकान ढह गया था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। इसके अलावा पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में भीषण आग की घटना में कई लोगों की मौत हुई थी। इन घटनाओं ने राजधानी में भवन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

प्रशासन ने शुरू की जांच

दिल्ली सरकार, पुलिस, फायर विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार कारणों का पता लगाया जाएगा और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विशेष जांच टीम सीसीटीवी फुटेज, विद्युत प्रणाली, भवन स्वीकृति दस्तावेज और फायर सुरक्षा रिकॉर्ड की जांच कर सकती है।

अग्नि सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी में तेजी से बढ़ते व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बीच फायर सेफ्टी ऑडिट को और सख्त बनाने की जरूरत है। कई बार भवनों में आपातकालीन निकास, धुआं निकालने की व्यवस्था, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम केवल कागजों में मौजूद होते हैं। ऐसे हादसे दिखाते हैं कि नियमों के अनुपालन की नियमित निगरानी कितनी आवश्यक है

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