
BRICS Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम (BRICS Business Forum 2026) के लीडर्स सेशन में संगठन की 20 साल की यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चार देशों से शुरू हुआ ब्रिक्स का सफर अब 21 देशों तक पहुंच गया है। पीएम मोदी ने सदस्य देशों के बीच व्यापार बढ़ाने, स्टार्टअप्स को नए बाजार देने और कारोबारियों के लिए साझेदारी के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया है। ऐसे में आइए जानते हैं यहां पूरी खबर
20 साल में 4 से 21 देशों तक पहुंचा BRICS
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि साल 2006 में जब ब्रिक्स की शुरुआत हुई थी, तब इसमें केवल चार देश ही शामिल थे। आज सदस्य देशों और साझेदार देशों को मिलाकर इसका परिवार 21 देशों तक पहुंच चुका है। पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है। इस दौरान संगठन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका बनाई है। साथ ही, उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की बढ़ती सदस्यता दुनिया में बदलती आर्थिक व्यवस्था का संकेत है। संगठन के देशों के बीच सहयोग बढ़ने से व्यापार, निवेश और तकनीक के क्षेत्र में नए अवसर तैयार हो सकते हैं।
व्यापार की 10 बड़ी रुकावटें दूर करने का प्रस्ताव
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पीएम मोदी ने व्यापार को आसान बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। उन्होंने ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल से कहा कि सदस्य देशों के बीच व्यापार में आने वाली शीर्ष 10 बाधाओं की पहचान की जाए। इसके बाद इन बाधाओं को दूर करने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि व्यापार बढ़ाने के लिए केवल समझौते करना पर्याप्त नहीं है। जरूरी है कि कंपनियों और कारोबारियों को वास्तविक सुविधा मिले। व्यापारिक प्रक्रियाएं आसान हों और अलग-अलग देशों के बाजारों तक पहुंच बेहतर बने।
हर साल 100 स्टार्टअप्स को मिलेगा नया बाजार
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स देशों के स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि हर साल 100 ब्रिक्स स्टार्टअप्स को दूसरे सदस्य देशों के बाजारों में विस्तार करने के लिए सहयोग दिया जाए।
इस पहल का उद्देश्य नए उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच दिलाना है। इससे स्टार्टअप्स को निवेश, तकनीक और नए ग्राहकों के अवसर मिल सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि युवा उद्यमियों की क्षमता का इस्तेमाल ब्रिक्स देशों के आर्थिक विकास में किया जाना चाहिए।
कारोबारियों के बीच 1,000 नई साझेदारियां बनाने का लक्ष्य
पीएम मोदी ने ब्रिक्स देशों की कंपनियों और कारोबारियों के बीच हर साल 1,000 नई साझेदारियां बनाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे अलग-अलग देशों के उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ेगा और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल से इन प्रस्तावों पर हर साल प्रगति की समीक्षा करने को कहा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि व्यापारिक बाधाओं को कम करने, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और नई साझेदारियां बनाने के लक्ष्यों पर कितना काम हुआ है।
सुरक्षित समुद्री व्यापार पर भारत का जोर
दुनिया में बढ़ते व्यापारिक प्रतिबंधों और वैश्विक तनाव के बीच प्रधानमंत्री ने सुरक्षित समुद्री व्यापार को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक पुल बनाने और देशों के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत करने का समर्थक है।
पीएम मोदी के अनुसार, वैश्विक व्यापार की प्रगति के लिए समुद्री रास्तों का सुरक्षित रहना जरूरी है। सप्लाई चेन खुली रहनी चाहिए और समुद्र में काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ऐसा वातावरण बनाना होगा, जिसमें सामान की आवाजाही बिना अनावश्यक रुकावट के हो सके।
महिला उद्यमियों की भागीदारी को बताया अहम
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स विमेंस बिजनेस अलायंस की बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत में आयोजित इस बैठक में करीब 200 महिला बिजनेस लीडर्स ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों की भागीदारी समावेशी विकास के लिए महत्वपूर्ण है। महिलाओं को व्यापार, निवेश और उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। इससे आर्थिक विकास का लाभ समाज के अधिक लोगों तक पहुंच सकता है।
भारत की व्यापार नीति का भी किया जिक्र
पीएम मोदी ने भारत की खुली व्यापार नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि साल 2014 के बाद से भारत ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत की सोच व्यापारिक बाधाओं को कम करने और कारोबारियों के लिए नए अवसर तैयार करने की रही है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान कई क्षेत्रों में नए सहयोग नेटवर्क तैयार किए गए हैं। इनका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है।
स्टार्टअप्स और MSME के लिए बड़ा मंच
फोरम में प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप्स और एमएसएमई सेक्टर की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि छोटे उद्योगों और नए उद्यमियों को बड़े बाजारों और वित्तीय संसाधनों से जोड़ना जरूरी है।
भारत ने ब्रिक्स के तहत ऐसे कई कदम उठाए हैं, जिनसे छोटे कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने में मदद मिल सकती है। पीएम मोदी ने उद्योगपतियों और प्रतिनिधियों से इन व्यवस्थाओं का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इन पहलों से ब्रिक्स देशों के बीच निवेश बढ़ सकता है। साथ ही, तकनीक, प्रतिभा और कारोबारी अनुभव का आदान-प्रदान भी आसान होगा।
ब्रिक्स के लिए आगे की राह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावों का मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना है। व्यापारिक रुकावटें कम करने, स्टार्टअप्स को नए बाजार देने और कंपनियों के बीच साझेदारियां बढ़ाने से संगठन की आर्थिक भूमिका और मजबूत हो सकती है।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में सदस्य देशों को घोषणाओं से आगे बढ़कर ठोस नतीजों पर ध्यान देना होगा। इसके लिए नियमित समीक्षा और कारोबारियों के बीच बेहतर सहयोग जरूरी है।
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अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






