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Satya Niketan Incident Update: सत्य निकेतन हादसे पर हाई कोर्ट सख्त, PG मालिक गिरफ्तार, MCD के 5 अधिकारी सस्पेंड
दिल्ली हाई कोर्ट ने MCD और अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए
दिल्ली हाई कोर्ट ने MCD और अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए

Satya Niketan Incident Update: देश की राजधानी दिल्ली में रविवार के दिन PG इमारत गिरने से हुआ दर्दनाक हादसे ने सबका दिल दहला दिया है। ऐसे में अब दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही दो इमारतों के गिरने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि इस घटना की जिम्मेदारी सिर्फ बिल्डिंग या PG मालिक की नहीं है, बल्कि निर्माण नियमों की निगरानी करने वाले अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसी क्रम में आज हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली पुलिस, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) सभी को नोटिस जारी कर दिया है।

इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और अधिकारियों से इस पूरे मामले में गंभीरता से जांच करने के आदेश दिए है। बताया जा रहा है कि इस मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।

सिर्फ बिल्डिंग मालिक ही जिम्मेदार नहीं

हाई कोर्ट की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने साफ कहा है कि इस तरह की घटना के लिए केवल PG या बिल्डिंग मालिक को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि MCD प्रशासन की भी जिम्मेदारी है कि राजधानी में होने वाले निर्माण नियमों और बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक हों। कोर्ट ने कहा कि अगर संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर सतर्क रहते तो शायद इस तरह की त्रासदी को टाला जा सकता था।

वहीं, याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत में कहा कि दिल्ली में कुछ महीनों के अंतराल पर ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें बाहर से पढ़ने आए छात्रों की जान चली जाती है। उन्होंने MCD की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है।

DU से भी मांगा छात्रों और हॉस्टल का डेटा

हाई कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय (University of Delhi) से भी महत्वपूर्ण जानकारी मांगी है। कोर्ट ने पूछा है कि DU से जुड़े कॉलेजों में बाहर से आकर पढ़ने वाले छात्रों की संख्या कितनी है और यूनिवर्सिटी व उसके कॉलेजों की ओर से कितने हॉस्टल चलाए जा रहे हैं। कोर्ट ने यह भी कहा है कि यह बात आम तौर पर सामने आती है कि DU बाहर से आने वाले सभी छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं करा पाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में छात्रों को PG या किराए के फ्लैट में रहना पड़ता है। अदालत ने PG में रहने वाले छात्रों की संख्या का डेटा भी मांगा है।

PG चलाने के नियमों पर MCD से जवाब

अदालत ने MCD से यह भी सवाल किया है कि दिल्ली में PG चलाने के लिए क्या नियम और प्रावधान मौजूद हैं। MCD को इस संबंध में विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि अगर कोई व्यक्ति सामान्य फ्लैट को PG के तौर पर किराए पर देता है तो प्रशासन को इसकी जानकारी कैसे मिलती है। हाई कोर्ट ने MCD को दिल्ली में चल रहे PG हॉस्टलों का ऑडिट करने का भी निर्देश दिया है। इसमें यह जांच की जाएगी कि इन इमारतों का निर्माण संबंधित अनुमति और बिल्डिंग बायलॉज के तहत किया गया है या नहीं।

गिरी इमारतों की अनुमति की होगी जांच

हाई कोर्ट ने MCD के उच्चतम कार्यकारी स्तर पर जांच कराने का निर्देश दिया है। जांच में यह देखा जाएगा कि हादसे में गिरी दोनों इमारतों का निर्माण वैध अनुमति के साथ हुआ था या नहीं। अगर निर्माण बिना अनुमति के हुआ था तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनकी जवाबदेही तय करने को कहा गया है।

कोर्ट ने गलत तरीके से काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है। केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, MCD और NHRC से भी रिपोर्ट और ऑडिट से जुड़ी जानकारी मांगी गई है।

PG मालिक हरिराम गुप्ता गिरफ्तार

वहीं, हादसे के मामले में पुलिस ने PG के मालिक हरिराम गुप्ता को भी आज गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा है और दिल्ली लाकर उससे पूछताछ की जा रही है। हादसे के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद पालम विहार (Palam Vihar) स्थित उसके आवास पर छापेमारी की थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसके करीबियों और सहयोगियों के संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी। आखिरकार पुलिस ने उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया।

MCD के 5 अधिकारी सस्पेंड

हादसे के बाद MCD ने भी सख्त तौर पर कार्रवाई की, जिसमें MCD के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत 5 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। अब हाई कोर्ट की निगरानी में इस मामले में बिल्डिंग की वैधता, PG संचालन के नियम, MCD की निगरानी व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही जैसे कई पहलुओं की जांच की जाएगी।

ये भी पढ़ें: दिल्ली में भरभराकर गिरी PG की इमारत, 5 लोगों की मौत, मालिक के खिलाफ हुई FIR, रेस्क्यू अभियान जारी

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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