Skip to main content Scroll Top
Delhi News: निशु आजाद के पिता से मारपीट केस में स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, 3 कानूनों की 6 धाराओं में FIR, जानें क्या लगे आरोप?

Delhi News: निशु आजाद के पिता से मारपीट केस में स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार

Delhi News: निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ जंतर-मंतर पर हुई कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। बता दें शुरुआत में दर्ज मुकदमे के बाद में कुछ और धाराएं जोड़ी गईं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया। अब इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), POCSO एक्ट और IT एक्ट के तहत आरोप लगाए गए हैं।

ऐसे में इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हुई। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद निशु आजाद और उनके परिवार के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे, जबकि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी निशु आजाद के समर्थन में वीडियो जारी किया। वहीं CJP कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस कार्रवाई को लेकर थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

जंतर-मंतर पर क्या हुआ था?

जानकारी के अनुसार , 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। जिसमें परिवार की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई, जिसके आधार पर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

वहीं, बाद में स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर संजय कुमार के साथ हुई मारपीट को लेकर बयान दिया। वीडियो में चिराग पासवान का नाम लेते हुए अपने खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की बात कहने का भी दावा किया गया। इसी के बाद विवाद और ज्यादा बढ़ गया। जिसके बाद CJP कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ा और FIR में अतिरिक्त धाराएं जोड़े जाने की जानकारी सामने आई।

गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेशी

FIR में नई धाराएं जोड़े जाने के बाद पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस को एक दिन की रिमांड मिली।

इस मामले में अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि FIR में लगाई गई धाराएं जमानती हैं या नहीं और आरोपी को जमानत मिल सकती है या नहीं। हालांकि जमानत का फैसला संबंधित अदालत मामले के तथ्यों, जांच और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए करती है।

स्वतंत्र भारद्वाज पर किन धाराओं में केस?

FIR में BNS, POCSO एक्ट और IT एक्ट की धाराओं का जिक्र है। इनमें मुख्य रूप से ये आरोप शामिल हैं:

  1. धारा 78 BNS – पीछा करने का आरोप: भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 महिला का पीछा करने या उसकी गतिविधियों पर नजर रखने जैसे आरोपों से जुड़ी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह जमानती धारा है और इसमें अधिकतम 3 साल तक की सजा का प्रावधान बताया गया है।
  2.  धारा 79 BNS – महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप: महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कथित कृत्य के लिए BNS की धारा 79 लगाई गई है। यह भी जमानती धारा बताई गई है और इसमें 3 साल तक की सजा का प्रावधान है।
  3. धारा 351 BNS – आपराधिक धमकी: किसी व्यक्ति को धमकाने या डराने से संबंधित आरोप में BNS की धारा 351 लगाई जाती है। उपलब्ध विवरण के अनुसार यह जमानती धारा है और इसमें 2 साल तक की सजा हो सकती है।
  4. धारा 12 POCSO एक्ट – बच्चे के यौन उत्पीड़न का आरोप: POCSO एक्ट की धारा 12 बच्चे के यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोपों से संबंधित है। इस मामले में भी यही धारा FIR में शामिल की गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह जमानती धारा है और इसमें 3 साल तक की सजा का प्रावधान है।
  5. धारा 67 IT एक्ट – इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री: IT एक्ट की धारा 67 इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री के प्रसारण या प्रकाशन से जुड़े मामलों में लगाई जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसमें 5 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

क्या स्वतंत्र भारद्वाज को मिल सकती है जमानत?

दरअसल मामले में जमानत को लेकर इसलिए चर्चा हो रही है क्योंकि बताई गई धाराओं को जमानती बताया गया है। जमानती अपराध में आरोपी को कानून के अनुसार जमानत पाने का अधिकार हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर स्थिति में तत्काल रिहाई अपने आप हो जाती है।

ऐसे में कोर्ट मामले की परिस्थितियों, पुलिस की जांच, आरोपों की प्रकृति और केस रिकॉर्ड को देखकर फैसला कर सकती है। इसलिए अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद मामला राजनीतिक और कानूनी, दोनों स्तरों पर चर्चा में है। एक तरफ परिवार और समर्थक कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमानती धाराओं के आधार पर आरोपी को राहत मिलने की संभावना पर भी नजर बनी हुई है।

ये भी पढ़ें: IND vs PAK Highlights: टीम इंडिया का जलवा, पाकिस्तान को 7 विकेट से रौंदकर भारत ने मारी बाजी

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

Related Posts

लेटेस्ट ➤

Advertising Banner
305x250