
Ryan ten Doeschate Resignation: भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व में सपोर्ट स्टाफ में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बता दें आज टीम इंडिया के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जबकि फील्डिंग कोच टी. दिलीप का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है। जिसमें दोनों बदलाव ऐसे समय हुए हैं, जब भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज और नए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) चक्र की तैयारी में जुटी हुई है। अब ऐसे में फिलहाल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने दोनों पदों के लिए नए नामों का ऐलान नहीं किया है।
इंग्लैंड दौरे के बाद लिया इस्तीफे का फैसला
मिली जानकारी के अनुसार, रयान टेन डोशेट ने इंग्लैंड दौरे के बाद बीसीसीआई को अपने इस्तीफे की जानकारी दी थी। जिसमें उन्होंने जुलाई 2024 में भारतीय टीम के सहायक कोच के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी और लगभग दो वर्षों तक टीम के साथ जुड़े रहे।
बताया जा रहा है कि उन्होंने यह फैसला अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताने के लिए लिया है। लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और व्यस्त कार्यक्रम के कारण उन्हें परिवार के लिए समय निकालना मुश्किल हो रहा था। इसी वजह से उन्होंने कोचिंग पद छोड़ने का निर्णय लिया।
गौतम गंभीर के करीबी माने जाते हैं टेन डोशेट
बता दें रयान टेन डोशेट और गौतम गंभीर लंबे समय से साथ काम कर चुके हैं। जिसमें दोनों ने आईपीएल (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के साथ मिलकर काम किया था। गंभीर के भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने के बाद टेन डोशेट को भी सपोर्ट स्टाफ में शामिल किया गया था।
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि दोनों के बीच अच्छी समझ थी और टीम की रणनीति तैयार करने में टेन डोशेट की अहम भूमिका रहती थी। ऐसे में उनका जाना गंभीर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
फिर KKR से जुड़ सकते हैं रयान टेन डोशेट
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि भारतीय टीम छोड़ने के बाद रयान टेन डोशेट एक बार फिर आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यदि ऐसा होता है तो टेन डोशेट एक बार फिर फ्रेंचाइजी क्रिकेट में सक्रिय नजर आ सकते हैं।
टी. दिलीप का कार्यकाल भी हुआ समाप्त
बता दें की सिर्फ सहायक कोच ही नहीं, बल्कि भारतीय टीम के फील्डिंग कोच टी. दिलीप का कार्यकाल भी खत्म हो गया है। वह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया के साथ नहीं जाएंगे।
टी. दिलीप ने नवंबर 2021 में राहुल द्रविड़ के मुख्य कोच बनने के बाद भारतीय टीम की जिम्मेदारी संभाली थी। लगभग पांच वर्षों तक उन्होंने टीम की फील्डिंग को नई दिशा देने का काम किया।
टी. दिलीप के कार्यकाल में बेहतर हुई भारतीय टीम की फील्डिंग
टी. दिलीप के कार्यकाल में भारतीय टीम की फील्डिंग में लगातार सुधार देखने को मिला है। जिनमें खिलाड़ियों की फिटनेस, कैचिंग और मैदान पर तेज़ी को लेकर उन्होंने कई नए अभ्यास कार्यक्रम शुरू किए। उनकी सबसे लोकप्रिय पहल मैच के बाद खिलाड़ियों को ‘बेस्ट फील्डर’ मेडल देना रही। यह परंपरा खिलाड़ियों के बीच काफी पसंद की गई और सोशल मीडिया पर भी इसे खूब सराहा गया। इससे खिलाड़ियों में बेहतर प्रदर्शन करने की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिली।
BCCI ने की सपोर्ट स्टाफ की समीक्षा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीलंका दौरे से पहले बीसीसीआई (BCCI) ने भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ की समीक्षा की। इसी समीक्षा के बाद टी. दिलीप का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया गया। वहीं, रयान टेन डोशेट ने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया। इन दोनों बदलावों के बाद अब बोर्ड के सामने नई कोचिंग टीम तैयार करने की जिम्मेदारी होगी।
श्रीलंका दौरे से पहले बढ़ी चुनौती
भारतीय टीम जल्द ही श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी। इसके साथ ही नया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र भी शुरू होगा। ऐसे समय में कोचिंग स्टाफ में बदलाव टीम की तैयारियों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व में टीम का अभ्यास कार्यक्रम जारी रहेगा, लेकिन नए सहायक कोच और फील्डिंग कोच की नियुक्ति जल्द होना जरूरी माना जा रहा है ताकि खिलाड़ियों को नई जिम्मेदारियों के साथ तालमेल बैठाने का पर्याप्त समय मिल सके।
कौन बन सकता है नया सहायक और फील्डिंग कोच?
बीसीसीआई ने किसी भी नए नाम का ऐलान नहीं किया है। क्रिकेट जगत में कई पूर्व खिलाड़ियों और अनुभवी कोचों के नाम चर्चा में हैं, लेकिन बोर्ड की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में संभावना है कि श्रीलंका दौरे से पहले या उसके दौरान नए सपोर्ट स्टाफ की घोषणा कर दी जाए।
टीम इंडिया के लिए क्या होगा असर?
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी टीम की सफलता में सपोर्ट स्टाफ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। सहायक कोच रणनीति बनाने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मुख्य कोच की योजनाओं को लागू करने में मदद करता है। वहीं फील्डिंग कोच खिलाड़ियों की फिटनेस, कैचिंग और मैदान पर चुस्ती बनाए रखने में अहम योगदान देता है। ऐसे में लगातार दो अहम पदों का खाली होना निश्चित रूप से टीम प्रबंधन के लिए चुनौती है। हालांकि भारतीय टीम के पास अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं और मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व में टीम नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की कोशिश करेगी।
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अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






