
MP Farmer Protest: मध्य प्रदेश में मूंग की फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 100 फीसदी खरीदी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन बढता जा रहा है। बताया जा रहा है की नर्मदापुरम से शुरू हुआ किसानों का भोपाल मार्च अब राजधानी की सीमाओं तक पहुंच चुका है। जिसमें हजारों किसान अपनी मांगों को लेकर भोपाल पहुंचे हैं और मुख्यमंत्री आवास जाने पर अड़े हुए हैं।
मिली जानकरी के अनुसार पुलिस प्रशासन ने किसानों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद प्रदर्शनकारी किसान भोपाल की सड़क पर ही बैठ गए। जिसके बाद किसानों ने वीर सावरकर सेतु के पास सड़क किनारे कंडों की आग जलाकर दाल-बाटी बनानी शुरू कर दी। ऐसे में किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे वापस नहीं लौटेंगे।
सड़क पर बना खाना
किसानों ने अपने आंदोलन को अलग तरीके से जारी रखते हुए सड़क पर ही खाना बनाना शुरू कर दिया। कंडों की आग में बाटियां सेंकी गईं और दाल तैयार की गई। जिसमें किसानों का कहना है कि वे अपने साथ राशन और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था लेकर आए हैं।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी दाल-बाटी खाने का न्योता दिया है। किसानों ने कहा कि सरकार को उनकी परेशानी समझनी चाहिए और जल्द से जल्द उनकी मांगों पर फैसला लेना चाहिए।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बनी किसानों का घर
भोपाल पहुंचे किसानों ने अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रहने और खाने की व्यवस्था की है। ट्रॉलियों में गद्दे, बिस्तर और जरूरी सामान रखा गया है। किसानों का कहना है कि जहां पुलिस रोकेगी या रात होगी, वहीं वे ट्रॉलियों में रुक जाएंगे।
किसानों का साफ कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लंबे संघर्ष के लिए तैयार हैं। जब तक मूंग की पूरी खरीदी MSP पर नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
किसान आंदोलन के कारण भोपाल-नागपुर मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है, जिससे आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
19 किसान संगठनों के बैनर तले भोपाल पहुंचे किसान
दरअसल मूंग खरीदी की मांग को लेकर नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन, विदिशा समेत कई जिलों के किसान इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। मालवा और नर्मदापुरम संभाग के करीब 19 किसान संगठनों ने इस मार्च का समर्थन किया है।
किसानों ने नर्मदापुरम के प्रसिद्ध सेठानी घाट से आंदोलन की शुरुआत की थी। यहां किसानों ने धरना दिया और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद किसान हाथों में तिरंगा लेकर और ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे लगाते हुए भोपाल की ओर रवाना हुए।
MSP पर 100 फीसदी खरीदी की मांग क्यों कर रहे किसान?
बता दें किसानों का मुख्य मुद्दा मूंग की सरकारी खरीदी की सीमा को बढ़ाना है। किसान संगठनों का कहना है कि सरकार ने समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग खरीदने की सीमा तय की है।
किसानों के अनुसार, एक एकड़ जमीन में औसतन 4 से 5 क्विंटल तक मूंग का उत्पादन होता है। ऐसे में सरकार की तय सीमा के बाद बची हुई मूंग किसानों को मजबूरी में खुले बाजार में बेचनी पड़ती है।
सरकार द्वारा मूंग का MSP 8,668 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, लेकिन खुले बाजार में किसानों को कई बार 4,000 से 5,500 रुपये प्रति क्विंटल तक ही कीमत मिल रही है। किसानों का दावा है कि इस वजह से उन्हें प्रति क्विंटल 3,000 से 4,000 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने किसानों से की मुलाकात
किसानों के प्रदर्शन के बीच मध्य प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने मंत्रालय में किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
मंत्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है। मूंग खरीदी समेत अन्य मांगों को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है और सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेगी। हालांकि किसान संगठन अभी भी अपनी मांगों पर कायम हैं और उनका कहना है कि सिर्फ बातचीत से समाधान नहीं होगा, बल्कि सरकार को ठोस फैसला लेना होगा।

प्रशासन ने किसानों को रोकने की कोशिश की
किसानों के भोपाल कूच के दौरान प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक साईकृष्ण एस. थोटा ने नेशनल हाईवे पर किसानों से बातचीत की है।
प्रशासन ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वार्ता सफल नहीं हो सकी। इसके बाद किसान भोपाल की ओर बढ़ते रहे।
सरकार और किसानों के बीच बढ़ा गतिरोध
मूंग की MSP खरीदी को लेकर किसानों और सरकार के बीच लगातार गतिरोध बना हुआ है। किसान चाहते हैं कि उनकी पूरी फसल सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए ताकि उन्हें बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। वहीं सरकार का कहना है कि किसानों की समस्याओं पर बातचीत जारी है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में फिलहाल भोपाल में किसानों का प्रदर्शन जारी है और किसान अपनी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
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अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






