Skip to main content Scroll Top
Priyanka Gandhi: लोकसभा में प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर पीएम से मांगा जवाब

Priyanka Gandhi: लोकसभा में प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला

Priyanka Gandhi: लोकसभा के मानसून सत्र में आज मंगलवार को छात्रों के मुद्दे पर जोरदार बहस देखने को मिली है। बता दें की कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। जिसमें उन्होंने कहा है कि देश के युवा लगातार परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज दबाने का काम कर रही है।

जानकारी के लिए बता दें प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया था, जिसके बाद पूरे देश को झकझोर दिया है। साथ ही, सवाल उठाया कि आखिर छात्रों के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी। आखिर लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से नहीं दबाया जा सकता।

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार से मांगा जवाब

सदन में बोलते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि देश जानना चाहता है कि छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आदेश किसने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, मानो वे कोई गंभीर सुरक्षा खतरा हों।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए।

पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में पेपर लीक के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। जिसमें उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों ने युवाओं का शिक्षा व्यवस्था से भरोसा कमजोर कर दिया है। मेहनत करने वाले लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग रहा है, लेकिन सरकार प्रभावी सुधार करने में असफल रही है। ऐसे में देश के युवा केवल निष्पक्ष परीक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा तो शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का विश्वास और कम होगा।

शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर भी जताई आपत्ति

भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे व्यक्ति को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करना चाहिए था। हालांकि, उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

प्रियंका के बयान पर सदन में हुआ हंगामा

प्रियंका गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा में कई बार हंगामे की स्थिति बन गई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उनके बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री के बारे में लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी मंत्री के बारे में इस प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं है और ऐसे बयान संसद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। रिजिजू ने मांग की कि संबंधित टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाया जाए।

लोकसभा अध्यक्ष ने भी दी नसीहत

दरअसल बहस के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने सभी सदस्यों से संसदीय मर्यादा बनाए रखने और संयमित भाषा का प्रयोग करने की अपील की।

अध्यक्ष ने कहा कि सदन में गंभीर विषयों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना आवश्यक है। इसके बाद कार्यवाही आगे बढ़ाई गई।

RSS और शिक्षा नीति पर भी बोलीं प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों की भी आलोचना की। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में वैचारिक हस्तक्षेप बढ़ा है, जिससे संस्थानों की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की।

शिक्षा बजट को लेकर भी सरकार को घेरा

कांग्रेस सांसद ने शिक्षा बजट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में शिक्षा पर खर्च बढ़ाने की जरूरत है। उनके अनुसार यदि शिक्षा क्षेत्र में पर्याप्त निवेश नहीं होगा तो युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, निष्पक्ष परीक्षाएं और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ही युवाओं का विश्वास वापस दिला सकती है।

सत्ता पक्ष ने आरोपों को बताया राजनीति

सरकार की ओर से कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया गया। सत्ता पक्ष के नेताओं ने कहा कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना था कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुकी है।

सत्ता पक्ष ने यह भी कहा कि संसद में तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति पर बिना प्रमाण के आरोप लगाने से बचना चाहिए।

राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत

लोकसभा में हुई इस तीखी बहस के बाद शिक्षा, पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक रूप से गर्म रहने की संभावना है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार अपने कदमों का बचाव कर रही है।

ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर क्या आधिकारिक जवाब देती है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

ये भी पढ़ें: Anti Paper Leak Bill: पेपर लीक बिल पर लोकसभा में हंगामा, गौरव गोगोई ने सरकार की कार्रवाई पर उठाए कई बड़े सवाल

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

Related Posts

लेटेस्ट ➤

Advertising Banner
305x250