
Noida Fire News: दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार देर रात एक बड़ा अग्निकांड सामने आया। सेक्टर-88 स्थित एक बंद फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय फैक्ट्री बंद थी, इसलिए किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रशासन के अनुसार, आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अंतिम कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
आधी रात मचा हड़कंप
यह घटना 6 और 7 जुलाई की दरमियानी रात करीब 11:15 बजे की बताई जा रही है। नोएडा के थाना फेज-2 क्षेत्र के सेक्टर-88 स्थित बी-ब्लॉक में मौजूद सुरभि इंटरनेशनल नाम की फैक्ट्री से अचानक धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैल गई, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
सुरक्षा गार्ड की सतर्कता से मिली समय पर जानकारी
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के पिछले हिस्से से पहले धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया। ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड को फोन किया। समय रहते सूचना मिलने के कारण दमकल विभाग बिना देरी किए मौके पर पहुंच गया, जिससे आग को और अधिक फैलने से रोका जा सका।
8 दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग ने आठ फायर टेंडर मौके पर भेजे। आग काफी तेजी से फैल चुकी थी और ग्राउंड फ्लोर से लेकर पहली मंजिल तक पहुंच गई थी। दमकल कर्मियों ने अलग-अलग दिशाओं से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। लगातार करीब ढाई घंटे तक चले अभियान के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।
बड़ा हादसा टला
घटना के समय फैक्ट्री पूरी तरह बंद थी। रात का समय होने के कारण वहां कोई कर्मचारी या मजदूर मौजूद नहीं था। यदि यही आग दिन के समय लगती, तो हालात कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे। अधिकारियों ने भी माना कि समय और परिस्थितियों के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
कितना हुआ नुकसान?
आग लगने से फैक्ट्री के अंदर रखी मशीनें, कच्चा माल और अन्य सामान को काफी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है। फैक्ट्री प्रबंधन और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से यह पता लगाने में जुटे हैं कि आग से कितनी आर्थिक क्षति हुई है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने संभावना जताई है कि आग फैक्ट्री के मुख्य इलेक्ट्रिकल पैनल में शॉर्ट सर्किट होने के कारण लगी हो सकती है। हालांकि, अभी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह सामने आएगी।
पुलिस और प्रशासन की जांच जारी
दमकल विभाग के साथ-साथ स्थानीय पुलिस ने भी पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फैक्ट्री प्रबंधन से आवश्यक जानकारी जुटाई। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फैक्ट्रियों में समय-समय पर इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच, फायर सेफ्टी उपकरणों का रखरखाव और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। इससे इस तरह की घटनाओं की संभावना काफी कम की जा सकती है।
प्रशासन ने दी सावधानी बरतने की सलाह
दमकल विभाग ने फैक्ट्री संचालकों से अपील की है कि वे अपने परिसर में फायर सेफ्टी सिस्टम की नियमित जांच कराएं और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें। इसके अलावा बिजली के उपकरणों और वायरिंग की समय-समय पर जांच कराने की भी सलाह दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
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