
Rajasthan LDC Exam 2026: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित लिपिक ग्रेड-द्वितीय (LDC) संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा 2026 के दौरान जैसलमेर में एक परीक्षा केंद्र पर हुए विवाद ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बता दें परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र को परीक्षा कक्ष की खिड़की से बाहर भेजा गया। इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर हंगामा शुरू हो गया और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
मिली जानकारी के अनुसार , इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और विस्तृत रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी गई है। वहीं, कांग्रेस और NSUI ने भी निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
परीक्षा के दौरान क्या हुआ?
दरअसल रविवार को जैसलमेर जिले के 19 परीक्षा केंद्रों पर LDC भर्ती परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई थी। इसी दौरान शहर के राजकीय स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा शुरू होने के बाद प्रश्नपत्र को खिड़की के रास्ते बाहर मौजूद किसी व्यक्ति तक पहुंचाया गया।
परीक्षार्थियों का कहना था कि यदि ऐसा हुआ है तो यह परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप सामने आते ही परीक्षा केंद्र पर तनाव का माहौल बन गया और कई अभ्यर्थियों ने विरोध जताया।
प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा
घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) परसाराम सैनी पुलिस बल के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचे। उन्होंने वीक्षकों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की तथा अभ्यर्थियों को शांत कराया। वहीं, एडीएम ने परीक्षार्थियों को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की जांच गहराई से कराई जाएगी और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
कर्मचारी चयन बोर्ड को भेजी गई रिपोर्ट
सोमवार को जिला प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी। रिपोर्ट में परीक्षार्थियों द्वारा लगाए गए आरोपों और मौके पर हुई जांच का पूरा विवरण शामिल किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि अब आगे की कार्रवाई कर्मचारी चयन बोर्ड के आदेश के अनुसार की जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही या संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
रिलीवर पर लगे गंभीर आरोप
परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्र पर मौजूद एक रिलीवर पर नकल करवाने और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने विस्तृत प्रकरण तैयार किया है। हालांकि अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कांग्रेस और NSUI का प्रदर्शन
सोमवार को इस मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी और छात्र संगठन NSUI ने जैसलमेर में विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र और युवा शहर के हनुमान चौराहे पर एकत्र हुए और राज्य सरकार तथा परीक्षा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व NSUI के जिलाध्यक्ष मानाराम ने किया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर और पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल सहित कई स्थानीय नेता भी मौजूद रहे।
सांसद उम्मेदा राम बेनीवाल ने उठाए सवाल
बाड़मेर सांसद उम्मेदा राम बेनीवाल ने भी इस मामले पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि जैसलमेर में LDC भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आए आरोप बेहद गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
घटना के बाद परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि इतनी महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा के दौरान यदि इस तरह के आरोप सामने आते हैं तो भविष्य की परीक्षाओं में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत की जानी चाहिए। हालांकि प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और बिना जांच पूरी हुए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
प्रशासन ने क्या कहा?
एडीएम परसाराम सैनी के अनुसार, परीक्षार्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। सभी तथ्यों को रिपोर्ट में शामिल कर कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुसार आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
फिलहाल क्या स्थिति है?
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। कर्मचारी चयन बोर्ड रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आगे का निर्णय लेगा। अभी तक पेपर लीक या नकल के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप सही हैं या नहीं और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
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