
NTA 600 Experts Removed: परीक्षा प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा बदलाव किया है। बता दें कि, एजेंसी ने अपनी परीक्षा टीम में शामिल करीब 600 एक्सपर्ट्स (Experts) को हटाकर (Removed) उनकी जगह नए एक्सपर्ट्स (New Experts) को शामिल करने का फैसला किया है। इसके साथ ही प्रश्नपत्रों की जांच के लिए चार-स्तरीय चेकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था का मकसद प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद जैसी गलतियों को रोकना है।
जानकारी के लिए बता दें NTA का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब एजेंसी की ओर से आयोजित परीक्षाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में UGC-NET जून 2026 के तीन विषयों की परीक्षा रद्द किए जाने के बाद NTA पर सवाल और तेज हो गए थे। ऐसे में यहां पढ़ें खबर को लकर पूरी जानकारी
600 एक्सपर्ट्स को हटाकर नई टीम तैयार
शिक्षा मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, NTA की परीक्षा टीम में व्यापक स्तर पर बदलाव किया गया है। जिनमें करीब 600 एक्सपर्ट्स को टीम से हटाकर नए एक्सपर्ट्स को शामिल किया गया है। इसके अलावा आने वाले दो से तीन हफ्तों में 20 से 25 अधिकारियों को भी टीम में शामिल किया जाएगा।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि आगे होने वाली नियुक्तियों और अधिकारियों के इंडक्शन प्लान की समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य परीक्षा से जुड़े कामकाज को ज्यादा व्यवस्थित और जवाबदेह बनाना है।
अब 4 लेवल पर होगी प्रश्नपत्र की जांच
NTA ने प्रश्नपत्रों की स्क्रूटनी को मजबूत करने के लिए चार-स्तरीय जांच व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इस सिस्टम के तहत परीक्षा में इस्तेमाल होने वाले प्रश्नपत्रों को कई स्तरों पर जांचा जाएगा।
बता दें नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्रश्नपत्र तैयार होने के बाद उसमें किसी भी तरह की तथ्यात्मक, भाषाई, टाइपिंग या अनुवाद संबंधी गलती को परीक्षा से पहले ही पकड़ना है। इससे गलत प्रश्नों के कारण परीक्षा रद्द करने या दोबारा परीक्षा कराने की स्थिति को कम करने में मदद मिल सकती है।
UGC-NET के तीन पेपर रद्द होने के बाद बढ़ा दबाव
रविवार को NTA ने UGC-NET जून 2026 के तीन विषयों की परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया था। इनमें अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र शामिल हैं। इन विषयों की परीक्षाएं 22 से 30 जून 2026 के बीच आयोजित हुई थीं।
अभ्यर्थियों और विशेषज्ञों की ओर से प्रश्नपत्रों को लेकर कई शिकायतें मिलने के बाद NTA ने एक समिति बनाई थी। समिति की जांच में इन तीनों पेपरों में कई गंभीर और व्यापक गलतियां सामने आने की बात कही गई। इनमें तथ्यात्मक गलतियां, टाइपिंग की गलतियां और अनुवाद से जुड़ी खामियां शामिल थीं। इसके बाद NTA ने इन विषयों की परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। परीक्षा रद्द होने के बाद विपक्ष ने भी सरकार और NTA पर सवाल उठाए और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की।
शिक्षा मंत्री की बैठक के बाद लिया गया फैसला
NTA में किए जा रहे बदलावों को लेकर शिक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में सोमवार को समीक्षा बैठक हुई। बैठक में परीक्षा के सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी संचालन को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को परीक्षा संचालन के लिए जरूरी सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए। इसके बाद NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय को एजेंसी की ओर से अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी।
नई जगह शिफ्ट होगा NTA ऑफिस
परीक्षा व्यवस्था में बदलाव के साथ NTA के कार्यालय की सुरक्षा को भी मजबूत करने की तैयारी है। मंत्रालय के मुताबिक NTA के ऑफिस को युद्ध स्तर पर नई जगह पर शिफ्ट किया जाएगा। नई व्यवस्था में CISF की टीमों के साथ कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। बता दें इस कदम का मुख्य उद्देश्य परीक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण संसाधनों की सुरक्षा को और मजबूत करना है।
NEET और UGC-NET जैसी परीक्षाओं की जिम्मेदारी
NTA देश में कई बड़ी प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं का आयोजन करता है। इनमें NEET-UG, CUET-UG और UGC-NET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं शामिल हैं। लाखों छात्र इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं, इसलिए प्रश्नपत्र की गुणवत्ता और परीक्षा प्रक्रिया में छोटी सी गलती भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को प्रभावित कर सकती है।
ऐसे में चार-स्तरीय पेपर चेकिंग सिस्टम और परीक्षा टीम में बदलाव को NTA की परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार के तौर पर देखा जा रहा है।
गलतियों पर लगेगी रोक?
NTA की नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लक्ष्य प्रश्नपत्रों में होने वाली गलतियों को परीक्षा से पहले पकड़ना है। चार स्तरों पर जांच होने से प्रश्नों की भाषा, तथ्य, अनुवाद और तकनीकी पहलुओं की अलग-अलग स्तर पर समीक्षा की जा सकेगी।हालांकि, नई व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है, यह आने वाली परीक्षाओं के दौरान साफ होगा। फिलहाल NTA ने परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी और ज्यादा भरोसेमंद बनाने के लिए बड़े स्तर पर बदलाव शुरू कर दिए हैं।
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अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






