
Ind vs Eng 2nd ODI: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स मैदान पर खेले गए दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 4 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ मेजबान टीम ने सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का फैसला 19 जुलाई को ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले तीसरे और आखिरी वनडे मुकाबले में होगा। इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 233 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड ने शुरुआती झटकों के बावजूद 44.1 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के सबसे बड़े नायक अनुभवी बल्लेबाज जो रूट रहे, जिन्होंने 133 गेंदों में नाबाद 99 रन की शानदार पारी खेलकर इंग्लैंड को जीत दिलाई।
भारत की शुरुआत अच्छी, लेकिन बड़ी साझेदारी नहीं बन सकी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत ठीक-ठाक रही। कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने टीम को संभली हुई शुरुआत दी, लेकिन दोनों बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। रोहित शर्मा ने 26 रन बनाए, जबकि शुभमन गिल ने 31 रन का योगदान दिया। दोनों बल्लेबाज अच्छी लय में नजर आ रहे थे, लेकिन अपने विकेट गंवा बैठे। इसके बाद ईशान किशन केवल 1 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे भारतीय टीम दबाव में आ गई।
विराट और श्रेयस ने संभाली पारी
शुरुआती विकेट गिरने के बाद विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने भारतीय पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का शानदार मिश्रण दिखाया। विराट कोहली ने 65 रन की बेहतरीन पारी खेली। इस दौरान उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में अपना 14वां 50 से अधिक का स्कोर भी दर्ज किया। दूसरी ओर श्रेयस अय्यर ने भी 66 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों के बीच हुई साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, लेकिन अंत के ओवरों में लगातार विकेट गिरने से टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।
डेथ ओवरों में लड़खड़ाई भारतीय बल्लेबाजी
भारत के लिए आखिरी 10 ओवर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। सेट बल्लेबाजों के आउट होने के बाद मध्यक्रम और निचला क्रम रन गति बनाए रखने में नाकाम रहा। अक्षर पटेल, शिवम दुबे, गुरनूर बरार और प्रसिद्ध कृष्णा जल्दी-जल्दी पवेलियन लौट गए। केवल जसप्रीत बुमराह ने निचले क्रम में 20 रन की उपयोगी नाबाद पारी खेली। आखिरकार भारतीय टीम निर्धारित 50 ओवर में 233 रन ही बना सकी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि कार्डिफ की पिच पर यह स्कोर लड़ने लायक जरूर था, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता था।
इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब
234 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम को पहला झटका मैच की पहली ही गेंद पर लगा। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने बेन डकेट को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद भी भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा। जैकब बेथेल, हैरी ब्रूक और सैम करन भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। शुरुआती विकेट गिरने के बाद इंग्लैंड मुश्किल में नजर आ रहा था और ऐसा लग रहा था कि भारत मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना चुका है।
जो रूट ने दिखाई अनुभव की ताकत
जब इंग्लैंड के विकेट लगातार गिर रहे थे, तब जो रूट ने एक छोर संभालकर रखा। उन्होंने जल्दबाजी नहीं दिखाई और परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाजी की। सबसे पहले उन्होंने विल जैक्स के साथ महत्वपूर्ण 72 रन की साझेदारी की। जैक्स ने 30 रन का योगदान दिया। इसके बाद गस एटकिंसन ने भी 23 रन बनाकर रूट का अच्छा साथ निभाया। रूट ने पूरे मैच के दौरान धैर्य और अनुभव का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने खराब गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाया और सिंगल-डबल लेकर स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ाते रहे। वह अपने शतक से केवल एक रन दूर रह गए, लेकिन नाबाद 99 रन की उनकी पारी इंग्लैंड की जीत की सबसे बड़ी वजह बनी।
भारतीय गेंदबाजों ने की कोशिश, लेकिन रूट पड़े भारी
भारत के गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में शानदार प्रदर्शन किया। जसप्रीत बुमराह ने नई गेंद से शानदार स्पेल डाला और बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, शिवम दुबे और अक्षर पटेल को भी एक-एक विकेट मिला। हालांकि बीच के ओवरों में भारतीय गेंदबाज जो रूट पर दबाव नहीं बना सके। उन्होंने लगातार स्ट्राइक रोटेट की और खराब गेंदों पर रन बटोरे। यही वजह रही कि इंग्लैंड ने धीरे-धीरे मैच पर पकड़ बना ली और आखिरकार लक्ष्य हासिल कर लिया।
इंग्लैंड के गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन
इस मुकाबले में इंग्लैंड की गेंदबाजी भी काफी प्रभावशाली रही। जोफ्रा आर्चर ने अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया और 3 विकेट अपने नाम किए। गस एटकिंसन ने भी 3 विकेट लेकर भारत के मध्यक्रम को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया। साकिब महमूद ने 2 विकेट लिए, जबकि सैम करन और विल जैक्स को एक-एक सफलता मिली। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया, जिसका सीधा फायदा टीम को लक्ष्य का पीछा करते समय मिला।
तीसरा वनडे बनेगा सीरीज का फाइनल
अब तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-1 की बराबरी पर पहुंच चुकी है। ऐसे में 19 जुलाई को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाला तीसरा मुकाबला निर्णायक होगा। भारत चाहेगा कि बल्लेबाज बड़ी साझेदारियां करें और गेंदबाज शुरुआती बढ़त को अंत तक बनाए रखें। वहीं इंग्लैंड जो रूट की शानदार फॉर्म और घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर सीरीज अपने नाम करना चाहेगा। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि लॉर्ड्स में होने वाला मुकाबला भी उतना ही रोमांचक होगा जितना कार्डिफ में देखने को मिला। दोनों टीमों के पास सीरीज जीतने का सुनहरा मौका है और यही वजह है कि निर्णायक मुकाबले पर दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें टिकी रहेंगी।
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