Skip to main content Scroll Top
Bihar News: बिहार सरकार का बड़ा एक्शन, छात्र प्रदर्शन के बीच AK-47 चलाने के विवाद में सिवान एसपी को हटाया

Bihar News: बिहार सरकार का बड़ा एक्शन

Bihar News: बिहार सरकार ने 25 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग के मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। जिसमें आज मंगलवार के दिन सरकार ने सिवान के पुलिस अधीक्षक (SP) पूरण कुमार झा को उनके पद से हटा दिया है। हालांकि, उन्हें कोई नई जिम्मेदारी नहीं दी गई है और नई पोस्टिंग के लिए वेटिंग में रखा गया है। वहीं इस मामले में पुलिस मुख्यालय पहले से ही AK-47 चलाने वाले कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है।

मिली जानकारी के अनुसार सिवान के नए SP की जिम्मेदारी भरत सोनी को दी गई है। इससे पहले भरत सोनी नालंदा के SP के पद पर तैनात थे। सिवान SP के बदलाव के साथ ही बिहार सरकार ने 17 अन्य वरिष्ठ IPS अधिकारियों का भी तबादला किया है। यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय हुआ है, जब छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। ऐसे में आइए जानें पूरी खबर

25 जुलाई को क्या हुआ था?

बिहार में 25 जुलाई को छात्र संगठनों की ओर से राज्यव्यापी बंद और विरोध प्रदर्शन (Protest) किया गया था। जिसमें कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति भी बनी थी। इसी दौरान सिवान के जेपी चौक के पास पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से फायरिंग करने का वीडियो सामने आया था।

ऐसे में वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल (viral) हुए वीडियो में एक पुलिसकर्मी AK-47 से फायर करता दिखाई दिया था। इसके बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और संबंधित पुलिसकर्मी की पहचान कर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। अब इस मामले में सिवान के SP को हटाए जाने के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार ने क्या कहा?

छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। इसी दौरान बिहार सरकार ने अदालत में अपना जवाब दाखिल किया है। सरकार ने अपने हलफनामे में AK-47 फायरिंग की घटना का भी जिक्र किया है।

सरकार के मुताबिक, 25 जुलाई को सिवान के जेपी चौक के पास कांस्टेबल अभिषेक कुमार प्रदर्शनकारियों के बीच घिर गए थे। स्थिति को संभालने के दौरान उन्होंने अपनी AK-47 से हवा में चार राउंड फायर किए।

बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कांस्टेबल ने भीड़ के बीच फंसने के बाद हवा में फायरिंग की थी। सरकार के अनुसार, इस फायरिंग में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से हथियार के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। इसी वजह से मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर काफी तूल पकड़ा।

पुलिसकर्मी पहले ही हो चुके हैं सस्पेंड

AK-47 से फायरिंग करने वाले कांस्टेबल के वीडियो के वायरल होने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने तुरंत कार्रवाई की थी। पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया था और मामले की जांच शुरू की गई थी।

ऐसे में अब सिवान के SP पूरण कुमार झा को हटाने का फैसला सरकार की ओर से लिया गया है। उन्हें फिलहाल नई पोस्टिंग नहीं दी गई है। इस कार्रवाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों से जोड़कर देखा जा रहा है।

तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा था निशाना

AK-47 फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने भी बिहार सरकार पर हमला बोला था। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो शेयर कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने गोलीबारी की और इसके लिए AK-47 का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी। वहीं विपक्ष की ओर से इस घटना को लेकर सरकार पर कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर लगातार निशाना साधा गया।

17 अन्य वरिष्ठ IPS अधिकारियों का भी तबादला

सिवान SP को हटाने के साथ बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। सरकार ने 17 अन्य वरिष्ठ IPS अधिकारियों का भी तबादला किया है। सिवान की कमान अब भरत सोनी को दी गई है।

भरत सोनी इससे पहले नालंदा के SP थे। अब उनके सामने सिवान में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ छात्र प्रदर्शन से जुड़े इस मामले के बाद पुलिस और जनता के बीच भरोसा कायम रखने की भी चुनौती होगी।

अब आगे क्या होगा?

सिवान में 25 जुलाई की घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई जांच के दायरे में है। एक तरफ बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि AK-47 से चार राउंड हवा में फायर किए गए थे और किसी को चोट नहीं लगी। वहीं, दूसरी तरफ घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठे हैं।

SP को हटाने और कांस्टेबल को निलंबित किए जाने के बाद अब इस मामले में आगे की जांच और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी। छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर अदालत में सरकार का पक्ष और जांच की स्थिति आगे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

ये भी पढ़ें: UP-Japan Investment Meet 2026: योगी सरकार का बड़ा मिशन, अब युवाओं के लिए 500 एकड़ में बनेगी नई जापानी सिटी

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

Related Posts

लेटेस्ट ➤

Advertising Banner
305x250