
Vande Mataram Controversy: कांग्रेस मुख्यालय और गोवा में पार्टी के कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम गाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बता दें इस मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने शिकायत को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वंदे मातरम (Vande Mataram) गाना अपराध है तो फिर महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ भी शिकायत होनी चाहिए। ऐसे में आइए यहां पढ़ें खबर को लकर पूरी जानकारी
क्या है वंदे मातरम विवाद?
आपकी जानकारी के लिए बता दें , 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस के शुभ मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तिरंगा फहराया। इसके बाद कार्यक्रम में वंदे मातरम का गायन शुरू हुआ। इसी दौरान भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि सोनिया गांधी ने गाना पूरा होने से पहले उसे रोकने का इशारा किया।
बीजेपी का दावा है कि जब गायक वंदे मातरम का पूरा गीत गा रहे थे, उस समय सोनिया गांधी ने खरगे की ओर इशारा किया और बाद में गायकों को रुकने के लिए कहा। इस घटना को लेकर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाया और सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
कांग्रेस ने दी सफाई
कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि सोनिया गांधी का इशारा वंदे मातरम (Vande Mataram) को रोकने के लिए नहीं था। पार्टी के मुताबिक, सोनिया गांधी ने मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी लाने का इशारा किया था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि खरगे काफी देर से खड़े थे और उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए सोनिया गांधी उनकी सुविधा को लेकर चिंतित थीं।
कांग्रेस नेता उदित राज ने भी बीजेपी के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम रोकने का कोई इशारा नहीं किया था। उनका कहना था कि सोनिया गांधी केवल खरगे की सेहत को देखते हुए उन्हें बैठाने की कोशिश कर रही थीं।
शिकायत पर भड़के मल्लिकार्जुन खरगे
सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से उसी तरीके से वंदे मातरम गाती आ रही है, जैसा पहले देश के बड़े नेता गाते रहे हैं।
खरगे ने सवाल उठाया कि अगर वंदे मातरम गाना अपराध माना जा रहा है तो फिर महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) और जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) जैसे नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) का भी जिक्र करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व वाली सरकार के दौरान भी वंदे मातरम गाया गया था। जिसके बाद खरगे ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी वंदे मातरम गाया जाता था। उनके मुताबिक, कांग्रेस पिछले कई वर्षों से इसी परंपरा का पालन करती आ रही है।
बीजेपी और कांग्रेस में बढ़ी राजनीतिक तकरार
वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन गया है। बीजेपी जहां कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है।
कांग्रेस का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाना बेबुनियाद है। पार्टी के मुताबिक, कार्यक्रम में किसी तरह से वंदे मातरम का अपमान नहीं किया गया। वहीं बीजेपी इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस की राष्ट्रवाद से जुड़ी सोच पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल कर रही है।
विवाद आगे बढ़ने के आसार
ऐसे में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत के बाद यह मामला और गरमा गया है। कांग्रेस ने जहां अपने नेताओं का बचाव किया है, वहीं बीजेपी अपने आरोपों पर कायम है। ऐसे में आने वाले दिनों में वंदे मातरम विवाद को लेकर दोनों दलों के बीच सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। फिलहाल, विवाद का केंद्र स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का वह वीडियो और सोनिया गांधी का कथित इशारा बना हुआ है। कांग्रेस इसे खरगे की सेहत से जुड़ा मामला बता रही है, जबकि बीजेपी इसे वंदे मातरम को रोकने की कोशिश के तौर पर देख रही है।
ये भी पढ़ें: UP-Japan Investment Meet 2026: योगी सरकार का बड़ा मिशन, अब युवाओं के लिए 500 एकड़ में बनेगी नई जापानी सिटी
Author
-
अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






