
UP CM Yogi News: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए एक बड़ी राहत दी है। दरअसल, सीएम योगी ने 15 अगस्त के दिन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को आर्थिक मदद देने के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा (Cashless Treatment Facility) देने की योजना का फैसला किया है। राज्य सरकार की इस खास सरकारी स्कीम का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई से जुड़े खर्च को कम करना और निजी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा (Health Facility) उपलब्ध कराना है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार की प्रस्तावित योजना (Proposed Yojana) के तहत सरकारी प्राइमरी और अपर-प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 10 लाख छात्रों को 1,200 रुपये की आर्थिक सहायता DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि यह रकम सीधे बच्चों के माता-पिता के बैंक खातों में भेजी जाएगी। ताकि वह इन पैसे का इस्तेमाल स्कूल यूनिफॉर्म, जूते, मोजे और पढ़ाई से जुड़ी जरूरी चीजें खरीदने में कर सके।
10 लाख छात्रों को मिलेगा 1,200 रुपये का फायदा
मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों (Government Schools) में करीब 1.35 करोड़ बच्चे आधिकारिक रूप से नाम रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इनमें से लगभग 1.10 करोड़ छात्रों के माता-पिता को पहले ही DBT के जरिए इस योजना की आर्थिक सहायता मिल चुकी है। अब राज्य सरकार उन बच्चों तक भी इस स्कीम का लाभ पहुंचाने की तैयारी कर रही है, जो नए दाखिले के कारण इस योजना से वंछित रह गए थे।
जानकारी के मुताबिक, यूपी के करीब 10 लाख पात्र छात्रों का डेटा तैयार किया जा चुका है। ऐसे में इन बच्चों के परिवारों को जल्द ही 1,200 रुपये की सहायता मिलेगी। वहीं, करीब 15 लाख अन्य छात्रों के दस्तावेजों और आधार से जुड़े बैंक खातों का सत्यापन किया जा रहा है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन सभी बच्चों के परिवार भी योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य सिर्फ प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पढ़ाई से जुड़े अतिरिक्त खर्च का बोझ कम से कम किया जा सके। इसी क्रम में यूपी सरकार (UP Government) चाहती है कि इन परिवारों के बच्चों के पास स्कूल जाने के लिए जरूरी यूनिफॉर्म, जूते और पढ़ाई से जुड़े अन्य सभी जरूरी सामान सरकार की तरफ से उपलब्ध करवाएं जा सके।
प्राइवेट स्कूलों के 3 लाख शिक्षकों को कैशलेस इलाज की तैयारी
योगी सरकार सिर्फ बच्चों के लिए ही नहीं बल्कि अब टिचरों के लिए भी स्कीम लेकर आई है, जिसपर सरकार के द्वारा काम किया जा रहा है, ताकि सुचारु रूप से इसका लाभ शिक्षकों को मिल सके। प्रदेश सरकार निजी स्कूलों (Private Schools) में काम करने वाले शिक्षकों के लिए भी बड़ी पहल करने की तैयारी में है। प्रस्तावित योजना के तहत प्रदेश के करीब 35,000 प्राइवेट स्कूलों में काम करने वाले लगभग 3 लाख शिक्षकों को कैशलेस हेल्थकेयर सुविधा (Cashless Healthcare Facility) का लाभ सही तरह से मिलेगा। इसका मतलब है कि पात्र शिक्षक सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के दौरान पहले से अपनी जेब से भुगतान किए बिना स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। प्रस्ताव में शिक्षकों के साथ उनके पात्र आश्रितों को भी शामिल किए जाने की संभावना है।
अगर यह योजना लागू होती है तो प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को मेडिकल खर्च को लेकर बड़ी राहत मिल सकती है। खासतौर पर ऐसे शिक्षक, जिनके पास अभी किसी तरह की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा नहीं है, उन्हें इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
पात्रता और नियमों का है इंतजार
हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार (Government of Uttar Pradesh) की ओर से इस योजना के अंतिम नियम, पात्रता की शर्तें और इसे लागू करने की आधिकारिक समय-सीमा का विस्तृत ऐलान अभी नहीं किया गया है। इसलिए शिक्षकों को योजना के अंतिम स्वरूप और सरकारी आदेश (Government Order) का इंतजार करना होगा।
वहीं, देखा जाए तो यूपी सरकार की योजना में किन अस्पतालों को शामिल किया जाएगा, शिक्षकों और उनके आश्रितों की पात्रता कैसे तय होगी और कैशलेस इलाज (Cashless Treatment) के लिए किस तरह का कार्ड या व्यवस्था लागू होगी, इन सवालों पर भी अंतिम जानकारी सामने आना बाकी है।
शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर फोकस
योगी सरकार (Yogi Government) की इन प्रस्तावित पहलों को शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। एक तरफ सरकारी स्कूलों के लाखों बच्चों के परिवारों को पढ़ाई से जुड़े जरूरी सामान के लिए आर्थिक मदद मिलेगी। वहीं, दूसरी तरफ प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ (Health Protection Benefit) मिलने की पूरी-पूरी संभावना जताई जा रही है।
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अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






