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UP Politics News: अखिलेश का बीजेपी पर तीखा हमला, कहा- रामराज की बात करने वालों ने रामधन भी नहीं छोड़ा
Akhilesh Yadav News: अखिलेश का बीजेपी पर तीखा हमला
Akhilesh Yadav News: अखिलेश का बीजेपी पर तीखा हमला

 

UP Politics News: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज रविवार को बीजेपी सरकार (BJP Government) पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला है। जिसमें उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए धार्मिक स्थलों से चोरी, पेट्रोल में मिलावट और बेरोजगारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही, उन्होंने कहा की भाजपा ने रामराज की बात की लेकिन रामधन तक को भी लूट लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव ने धार्मिक स्थलों से चोरी के मामले का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी बदनामी बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है और बाद में इसे जातिवादी राजनीति से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि मंदिर के बाहर बैठने वाला गरीब व्यक्ति भी किसी की धार्मिक संपत्ति चोरी नहीं करता, बल्कि मदद की उम्मीद में इंतजार करता है। ऐसे में आइए जानते हैं यहां पूरी खबर

‘रामराज की बात करने वालों ने रामधन भी लूट लिया’

अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने रामराज की बात की, उन्होंने रामधन तक को नहीं छोड़ा। जिसके बाद उन्होंने सवाल उठाया कि कथित घटनाओं में बड़े लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय छोटे कर्मचारियों को क्यों पकड़ा गया। सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार को अपनी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और केवल अपनी छवि बचाने के लिए किसी छोटे कर्मचारी को बलि का बकरा नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। अखिलेश ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह अपनी राजनीतिक छवि बचाने के लिए मुद्दों को दूसरी दिशा में मोड़ने की कोशिश करती है।

E-20 पेट्रोल को लेकर भी उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने पेट्रोल की गुणवत्ता और E-20 ईंधन को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अगर पेट्रोल में मिलावट की शिकायतें सही हैं, तो सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उनका कहना था कि वाहन मालिकों को बेहतर माइलेज और ईंधन की गुणवत्ता का भरोसा मिलना चाहिए।

सपा अध्यक्ष ने पेट्रोल में कथित मिलावट को जनता के साथ धोखा बताया और सरकार से कंपनियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों और आम लोगों पर महंगे ईंधन का असर पड़ता है, इसलिए सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।

जातीय जनगणना को बताया जरूरी

अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया है। जिसमें उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए यह जरूरी है कि देश में अलग-अलग सामाजिक वर्गों की वास्तविक आबादी का आंकड़ा सामने आए। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना के बाद जिसकी जितनी आबादी हो, उसे उसके अनुसार अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।

सपा प्रमुख ने अपने PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक फॉर्मूले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई तभी मजबूत होगी, जब समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर आगे आएंगे। अखिलेश ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में PDA की राजनीति को जनता का समर्थन मिला और बुंदेलखंड में भी पार्टी को इसका लाभ मिला।उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान ने देश के वंचित और पिछड़े वर्गों को अधिकार और आरक्षण दिया है। उनके मुताबिक सामाजिक समानता के लिए जातीय जनगणना महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।

पुलिस और भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अपनी सरकार के दौरान शुरू की गई यूपी-100 सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य लोगों को पुलिस की तत्काल मदद उपलब्ध कराना था। उन्होंने आरोप लगाया कि आज थाने और तहसील में आम लोगों की समस्याओं के बजाय पैसे को प्राथमिकता दी जा रही है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि व्यवस्था ऐसी हो गई है कि ‘हथेली गरम, पुलिस नरम’। उन्होंने सरकार से पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार करने की मांग की।

तिरंगा यात्रा और रोजगार पर भी हमला

अखिलेश यादव ने स्वतंत्रता दिवस और तिरंगा यात्रा को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश को जोड़ने के बजाय विभाजन की राजनीति पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बीजेपी नेताओं पर तिरंगा यात्रा निकालने को लेकर सवाल उठाए और कहा कि केवल झंडा लेकर चलने से देश के प्रति जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। लोगों के बीच भाईचारा और विश्वास बढ़ाना भी जरूरी है।

रोजगार के मुद्दे पर अखिलेश ने दावा किया कि सरकारी नौकरियों के अवसर कम किए जा रहे हैं और आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने सरकारी स्कूलों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि स्कूलों की संख्या घटने का असर रोजगार और शिक्षा दोनों पर पड़ता है।

अखिलेश का दावा- सामाजिक न्याय से मिलेगी बराबरी

सपा प्रमुख ने कहा कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने आरक्षण और रोजगार के जरिए पिछड़े, दलित और अन्य वंचित वर्गों को बराबरी का अवसर देने की बात कही।

अखिलेश यादव के इन बयानों से साफ है कि समाजवादी पार्टी आने वाले समय में जातीय जनगणना, PDA, रोजगार, कानून-व्यवस्था और महंगाई जैसे मुद्दों को बीजेपी के खिलाफ प्रमुख राजनीतिक हथियार बनाने की तैयारी में है। वहीं, उनके आरोपों पर बीजेपी की प्रतिक्रिया इस राजनीतिक बहस को और तेज कर सकती है।

ये भी पढ़ें: Uttar Pradesh New: रक्षाबंधन पर महिलाओं को योगी सरकार का तोहफा, 3 दिनों तक मुफ्त यात्रा की सुविधा 

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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