
G7 Summit 2026: फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की है। बताया जा रहा है की विश्व नेताओं के साथ बैठक से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने पीएम मोदी को “शांत, संयमित और जबरदस्त” नेता बताया है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह खुद प्रधानमंत्री मोदी जैसे शांत और संतुलित नहीं हैं।
जानकारी के लिए बता दें की ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चल रही है। G7 समिट में मोदी और ट्रंप की यह मुलाकात वैश्विक राजनीति के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।
ट्रंप बोले- मैं मोदी जैसा नहीं हूं
दरअसल बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी बेहद शांत, संयमित और प्रभावशाली नेता हैं। मैं उनकी तरह नहीं हूं। जरा उन्हें देखिए।” ट्रंप के इस बयान के बाद वहां मौजूद नेताओं और पत्रकारों के बीच हल्की मुस्कान देखने को मिली। बता दें यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने सार्वजनिक मंच से पीएम मोदी की प्रशंसा की हो। इससे पहले भी वह कई मौकों पर मोदी को मजबूत और लोकप्रिय नेता बता चुके हैं।
16 महीने बाद आमने-सामने आए मोदी और ट्रंप
G7 समिट के दौरान पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की करीब 16 महीनों बाद आमने-सामने मुलाकात हुई। जिसमें दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया और हाथ मिलाकर अभिवादन किया।
ग्रुप फोटो सेशन के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला। इसके बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी शुरू हुई।
किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा?
मिली जानकारी के अनुसार मोदी और ट्रंप की बैठक में कई अहम विषयों पर बातचीत होने की संभावना है। इनमें मुख्य रूप से व्यापार समझौता, ऊर्जा सहयोग, H1-B वीजा नीति, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात शामिल हैं।
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से एक व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देश आने वाले समय में एक अंतरिम समझौते पर पहुंचने की उम्मीद जता रहे हैं।
व्यापार समझौते पर टिकी हैं निगाहें
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होता है तो यह दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा दे सकता है। बता दें कुछ समय पहले अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने के बाद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में कुछ तनाव देखने को मिला था। हालांकि अब दोनों पक्ष बातचीत के जरिए समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा
G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री जहाजों पर हो रहे हमलों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वैश्विक समुद्री व्यापार दुनिया की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसमें काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है।
पीएम मोदी ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी डर के अपना काम कर सकें।” भारत ने इस मुद्दे पर सभी साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है।
अमेरिका के राजदूत ने भी जताई खुशी
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी मोदी और ट्रंप की मुलाकात को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मिलना हमेशा खुशी की बात होती है और दोनों नेताओं की बैठक से सकारात्मक परिणाम निकलने की उम्मीद है।
क्यों खास है मोदी-ट्रंप की यह मुलाकात?
G7 समिट में मोदी और ट्रंप की मुलाकात सिर्फ दो नेताओं की बैठक नहीं है, बल्कि यह भारत-अमेरिका संबंधों के भविष्य से भी जुड़ी हुई है। व्यापार, रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई अहम क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। ऐसे में दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि दोनों नेता आने वाले समय के लिए किस तरह की रणनीति तैयार करते हैं और किन मुद्दों पर सहमति बनती है।
G7 समिट के मंच पर डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पीएम मोदी की खुलकर तारीफ करना यह भी दर्शाता है कि भारत और अमेरिका के रिश्तों में व्यक्तिगत और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर मजबूत संवाद बना हुआ है।
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