
Hormuz Strait Attack: होर्मुज स्ट्रेट में हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बता दें की विदेश मंत्रालय ने ईरान के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन (DCM) और अन्य वरिष्ठ राजनयिकों को तलब कर इस घटना पर अपनी गंभीर चिंता जताई है। जिसमें भारत ने साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।
जानकारी के लिए बता दें यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि का असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
आखिर क्या है पूरा मामला?
सरकारी अधिकारीयों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के झंडे वाले दो तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन पर ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। जिससे हमले के बाद दोनों टैंकरों में आग लग गई और चालक दल के कई सदस्य घायल हो गए।
इस हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए। घायलों में कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है। इस घटना ने भारत सरकार की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में समुद्री जहाजों पर काम करते हैं।
भारत ने ईरान के राजनयिकों को किया तलब
भारतीय विदेश मंत्रालय ने घटना के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए ईरान के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मोहम्मद जवाद होसैनी सहित अन्य अधिकारियों को तलब किया।
बैठक के दौरान भारत ने स्पष्ट रूप से अपनी नाराजगी दर्ज कराई और कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए भी गंभीर चुनौती बन रही हैं।
भारत ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना चाहिए और किसी भी नागरिक जहाज को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
दरअसल विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि होर्मुज क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।
मंत्रालय ने सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील करते हुए कहा कि विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए। भारत ने यह भी दोहराया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। इसके अलावा भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग भी की।
#WATCH | Delhi: Iranian diplomats including Deputy Chief of Mission (DCM) Mohammad Javad Hosseini, who were summoned by Ministry of External Affairs, over recent attack on merchant vessels in Hormuz, leave from MEA
— ANI (@ANI) July 14, 2026
An Indian sailor was killed, six others were wounded in Iranian… pic.twitter.com/BUTEFblCdO
कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा पर जोर
भारत ने अपने बयान में कहा कि व्यापारिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के अनुसार सभी देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहे। इससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
UAE ने भी की हमले की निंदा
संयुक्त अरब अमीरात ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। UAE के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है।
UAE ने अपने बयान में कहा कि देश को अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। साथ ही दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। UAE ने यह भी पुष्टि की कि हमले में उसके झंडे वाले दो टैंकरों को निशाना बनाया गया था।
The Ministry of Defence announces that the national tankers Mombasa and Al Bahiyah were targeted by two Iranian cruise missiles while transiting the southern shipping lane of the Strait of Hormuz, within Omani territorial waters.
— وزارة الدفاع |MOD UAE (@modgovae) July 13, 2026
The attack resulted in the death of one Indian… pic.twitter.com/i1HrXY0fKP
घायलों की स्थिति
हमले में घायल हुए लोगों में भारतीय और यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। जिनमें कई लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार कुछ घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। भारतीय दूतावास संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
IRGC का दावा
बता दें इस घटना के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट के एक ऐसे समुद्री मार्ग से गुजरने में मदद कर रहा है जिसे ईरान सुरक्षित नहीं मानता।
IRGC ने दावा किया कि उस क्षेत्र में समुद्री बारूदी सुरंगें मौजूद थीं और जहाजों को वहां से ले जाना जोखिम भरा था। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में गिना जाता है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों का अधिकांश कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचता है। इसलिए यहां होने वाली किसी भी सैन्य घटना का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।
भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में इस क्षेत्र की सुरक्षा भारत के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
भारत की प्राथमिकता क्या है?
भारत ने स्पष्ट किया है कि उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा है। इसके साथ ही भारत चाहता है कि समुद्री व्यापार सामान्य रूप से चलता रहे और किसी भी तरह का सैन्य तनाव जल्द समाप्त हो।
विदेश मंत्रालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी आवश्यक कूटनीतिक कदम उठाए जा सकते हैं।
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