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Suvendu Adhikari Red Road Decision: योग दिवस से पहले बंगाल में नया विवाद, रेड रोड बंद करने के फैसले पर हाईकोर्ट पहुंचा मामला
Current image: कलकत्ता हाई कोर्ट

Suvendu Adhikari Red Road Decision: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। शहर की सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त सड़कों में शामिल रेड रोड को योग दिवस कार्यक्रम की तैयारियों के लिए कई दिनों तक बंद रखने के फैसले को अब कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर बहस छेड़ दी है। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलकाता के रेड रोड पर एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस कार्यक्रम में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए रेड रोड और आसपास के कई इलाकों में विशेष ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए हैं। इसी फैसले के खिलाफ अब अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है।

हाईकोर्ट पहुंचा मामला

कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि रेड रोड और उससे जुड़ी सड़कों पर सात दिनों तक व्यापक प्रतिबंध लगाना आम जनता के हित में नहीं है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम कुछ घंटों का है, ऐसे में पूरे सप्ताह ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित करना उचित नहीं माना जा सकता। मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि रेड रोड को लगातार कई दिनों तक बंद रखने से आम नागरिकों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, व्यापारियों और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए आगे सुनवाई की अनुमति दी है।

क्यों बंद किया गया रेड रोड?

प्रशासन का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस बार कोलकाता में बड़े पैमाने पर आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की तैयारियों के लिए विशाल मंच, सुरक्षा व्यवस्था, मेडिकल सुविधाएं, पानी और अन्य जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार रेड रोड पर करीब 50 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पूरे शहर में लगभग पांच लाख लोगों के योग कार्यक्रमों में शामिल होने की उम्मीद जताई गई है। इसके लिए कई दिनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया विशेष एडवाइजरी

कोलकाता पुलिस की ओर से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार, रेड रोड और उसके आसपास के कई मार्गों पर विशेष यातायात नियम लागू किए गए हैं। यातायात विभाग के अनुसार रेड रोड पर वाहनों की आवाजाही को चरणबद्ध तरीके से सीमित किया गया है। कुछ हिस्सों में पूरी तरह रोक लगाई गई है, जबकि कुछ हिस्सों में आवश्यकतानुसार यातायात की अनुमति दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से यह व्यवस्था जरूरी है।

किन सड़कों पर रहेगा असर?

ट्रैफिक विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार रेड रोड के अलावा कई अन्य प्रमुख मार्ग भी प्रभावित रहेंगे। इनमें गुरु नानक सरणी (मायो रोड), जेएल नेहरू रोड, सेंट जॉर्ज गेट रोड, आउटराम रोड, डफरिन रोड, हॉस्पिटल रोड, क्वींसवे, किंग्सवे और अन्य आसपास की सड़कें शामिल हैं। कुछ मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

याचिकाकर्ताओं की आपत्ति क्या है?

याचिका में मुख्य रूप से यह तर्क दिया गया है कि यदि कार्यक्रम 21 जून को आयोजित होना है, तो उसके लिए सात दिन तक बड़े पैमाने पर ट्रैफिक प्रतिबंध लागू करना अनुपातहीन कदम है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल रेड रोड को इतने लंबे समय तक बंद रखने से लाखों लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं और दैनिक आवागमन पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि प्रशासन को “उचित और निर्बाध” यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाए।

प्रशासन का पक्ष

दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम की व्यापकता को देखते हुए पहले से तैयारियां करना आवश्यक है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इतने बड़े आयोजन में हजारों प्रतिभागियों की मौजूदगी, वीआईपी मूवमेंट, मेडिकल टीम, सुरक्षा जांच और अन्य व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त समय चाहिए। इसी कारण रेड रोड पर चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध लगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराए गए हैं।

राजनीतिक रंग भी लेने लगा विवाद

रेड रोड बंदी का मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है। विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाया है कि सार्वजनिक सुविधाओं को प्रभावित करने वाले फैसलों में आम लोगों की परेशानी को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। वहीं सरकार समर्थक नेताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों के लिए कुछ अस्थायी व्यवस्थाएं करना सामान्य बात है और इससे शहर की प्रतिष्ठा बढ़ती है।

कोलकाता के लिए क्यों महत्वपूर्ण है रेड रोड?

रेड रोड कोलकाता की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है। यह शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग माना जाता है। राष्ट्रीय पर्वों, परेड, सरकारी समारोहों और बड़े आयोजनों के दौरान रेड रोड का विशेष महत्व रहता है। हालांकि इतने लंबे समय तक ट्रैफिक प्रतिबंध लगाए जाने के मामले अपेक्षाकृत कम देखने को मिले हैं। इसी वजह से इस बार की व्यवस्था चर्चा का विषय बनी हुई है।

क्या कहता है कानून?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार प्रशासन को सार्वजनिक सुरक्षा और बड़े आयोजनों के लिए यातायात प्रतिबंध लगाने का अधिकार है। लेकिन ऐसे प्रतिबंधों को “उचित” और “आनुपातिक” होना चाहिए। अदालत इसी बात की समीक्षा कर सकती है कि सात दिनों तक लागू प्रतिबंध वास्तव में आवश्यक थे या नहीं। यदि अदालत को लगता है कि आम जनता को अनावश्यक कठिनाई हो रही है तो वह प्रशासन को कुछ संशोधन करने का निर्देश दे सकती है।

लोगों की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग मानते हैं कि इतने बड़े कार्यक्रम के लिए विशेष व्यवस्था जरूरी है, जबकि कई लोगों का कहना है कि शहर के सबसे व्यस्त मार्ग को इतने लंबे समय तक प्रभावित करना उचित नहीं है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और नियमित यात्रियों ने वैकल्पिक मार्गों पर बढ़ते ट्रैफिक को लेकर भी चिंता जताई है।

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Author

  • Sakshi Raj

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