Skip to main content Scroll Top
West Bengal NEET Protest: पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा ऐलान, आंदोलन में शामिल छात्रों को मिली कानूनी राहत

 

West Bengal NEET Protest: पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा ऐलान

West Bengal NEET Protest: नीट (यूजी) परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बताया जा रहा है की राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 26 जुलाई 2026 शाम 6 बजे तक नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा।

जानकारी के लिए बता दें की इस फैसले को छात्रों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे पहले बिहार सरकार भी आंदोलन में शामिल छात्रों को लेकर नरम रुख अपना चुकी थी। अब पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले के बाद छात्र संगठनों और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।

सरकार ने प्रेस रिलीज में क्या कहा?

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि 26 जुलाई 2026 शाम 6 बजे तक NEET (यूजी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों से जुड़े मामलों पर सरकार ने विस्तृत समीक्षा की है।

सरकार का कहना है कि इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज एक मामले में अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा पूरे घटनाक्रम और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया गया कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। जिसमें सरकार ने यह भी कहा कि इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 28 जुलाई 2026 को दिए गए आदेश को भी ध्यान में रखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी रखा गया ध्यान

राज्य सरकार ने अपने आदेश में साफ कहा कि यह निर्णय ‘शैलेंद्र मणि त्रिपाठी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एंड अदर्स’ मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप लिया गया है। हालांकि सरकार ने साफ कर दिया कि जिन लोगों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है या जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें इस फैसले का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

किन छात्रों को मिलेगी राहत?

सरकार के फैसले के मुताबिक राहत केवल उन छात्रों को मिलेगी जो नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ हुए शांतिपूर्ण या सामान्य विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा थे। अब यदि किसी व्यक्ति पर पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं या उसका आपराधिक इतिहास रहा है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रह सकती है।

पश्चिम बंगाल में क्यों हुआ था प्रदर्शन?

नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। दिल्ली के जंतर-मंतर के अलावा पश्चिम बंगाल में भी बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे थे।

इन प्रदर्शनों के दौरान कई जगह तनाव की स्थिति बनी और कुछ स्थानों पर हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कई मामले दर्ज किए और कुछ छात्रों को गिरफ्तार भी किया गया।

विपक्ष ने लगाए थे गंभीर आरोप

विपक्षी दलों ने पश्चिम बंगाल सरकार पर आरोप लगाया था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों को चुनकर निशाना बनाया गया। विपक्ष ने यह भी दावा किया है कि कई मुस्लिम छात्रों के खिलाफ खास तौर से कार्रवाई की गई। हालांकि राज्य सरकार ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया था और कहा था कि पुलिस ने केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की थी। ऐसे में अब सरकार के नए फैसले के बाद माना जा रहा है कि आंदोलन में शामिल अधिकांश छात्रों को राहत मिल सकती है।

16 लोगों की हुई थी गिरफ्तारी

सरकारी जानकारी के अनुसार, विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सरकार ने पूरे मामले की समीक्षा करने के बाद यह निर्णय लिया कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। हालांकि यदि किसी आरोपी पर गंभीर अपराध के अलग आरोप हैं, तो उन मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

बिहार के बाद दूसरा बड़ा फैसला

दरअसल हाल ही के दिनों में बिहार सरकार ने भी छात्र आंदोलनों को लेकर राहत देने वाला कदम उठाया था। अब पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले को उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकारें संतुलित रवैया अपनाने की कोशिश कर रही हैं।

छात्रों के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला?

इस फैसले के बाद उन छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके खिलाफ केवल विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण मामले दर्ज किए गए थे। इससे उनकी पढ़ाई, करियर और भविष्य पर पड़ने वाले संभावित कानूनी असर में कमी आ सकती है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े गंभीर मामलों में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।

ये भी पढ़ें: Rahul Gandhi Press Conference: ‘जो संसद में नहीं कहने दिया गया, वह आज देश को बताऊंगा’, शाम 6 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे राहुल गांधी 

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

Related Posts

लेटेस्ट ➤

Advertising Banner
305x250