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West Bengal Election 2026: नंदीग्राम उपचुनाव में अचानक बदला समीकरण, ममता गुट की उम्मीदवार ने लिया यू-टर्न, जानें वजह
West Bengal Election 2026: नंदीग्राम उपचुनाव में अचानक बदला समीकरण
West Bengal Election 2026: नंदीग्राम उपचुनाव में अचानक बदला समीकरण

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव (Nandigram Assembly Bypoll 2026) से पहले ही सियासी माहोल बन गया है। बता दें ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नंदीग्राम सीट से अपना नाम वापस ले लिया है। जिसमें खास बात यह भी है कि नामांकन वापस लेने से पहले संचिता प्रधान ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी।

वहीं, इस मुलाकात और नाम वापस लेने के फैसले से राजनीति में चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, संचिता ने अभी तक ऑफिशियल रूप से यह नहीं बताया है कि उन्होंने चुनावी मैदान से हटने का फैसला क्यों लिया है। ऐसे में आइए यहां जानें खबर को लेकर विशेष जानकारी

नबन्ना पहुंचकर शुभेंदु अधिकारी से की थी मुलाकात

संचिता प्रधान डे नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार थीं। पार्टी ने 13 सितंबर को उनके नाम की घोषणा की थी। इसके बाद नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई और उन्हें चुनाव चिह्न भी आवंटित किया गया।

नामांकन के बाद संचिता राज्य सचिवालय नबन्ना पहुंचीं और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से आशीर्वाद भी लिया था। उस समय इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया था। लेकिन अब नामांकन वापस लिए जाने के बाद इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात और नामांकन वापसी के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं। संचिता की ओर से अभी इस फैसले की विस्तृत वजह सामने नहीं आई है। इसलिए इस घटनाक्रम को लेकर सामने आ रही राजनीतिक अटकलों को तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

ममता गुट के लिए बदला नंदीग्राम का चुनावी समीकरण

संचिता प्रधान डे को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाया था। 13 सितंबर को पार्टी ने आधिकारिक तौर पर उनके नाम का ऐलान किया था। उस समय पार्टी ने कहा था कि उम्मीदवारों का चयन ममता बनर्जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा में किया गया है।

ऐसे में अब संचिता के नामांकन वापस लेने के बाद नंदीग्राम उपचुनाव में ममता गुट की ओर से आगे क्या रणनीति अपनाई जाएगी, इस पर नजर है। नामांकन वापसी की समयसीमा खत्म हो चुकी है, इसलिए चुनावी मैदान में उम्मीदवारों की स्थिति को लेकर अब तस्वीर काफी महत्वपूर्ण हो गई है।

TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर भी विवाद

नंदीग्राम का यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद चल रहा है।

चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को दोनों गुटों को पुराने ‘All India Trinamool Congress’ नाम और ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। आयोग ने दोनों गुटों से उपचुनाव के लिए अलग-अलग नाम और स्वतंत्र चुनाव चिह्न के विकल्प मांगे थे। इससे पहले दोनों गुट TMC के नाम और पुराने चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे थे। आयोग की कार्रवाई के बाद उपचुनाव में दोनों खेमों को अलग पहचान के साथ मैदान में उतरना पड़ रहा है।

नंदीग्राम में कौन-कौन मैदान में?

नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव के लिए बीजेपी ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह शुभेंदु अधिकारी के पूर्व करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं। कांग्रेस की ओर से मिलन प्रधान और वाम मोर्चे की ओर से सीपीआई के शांतिगोपाल गिरि मैदान में हैं। वहीं ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया था।

संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद अब चुनावी समीकरण में एक और बदलाव आया है। आने वाले दिनों में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि ममता बनर्जी वाला गुट इस स्थिति पर क्या कदम उठाता है।

क्यों हो रहा है नंदीग्राम में उपचुनाव?

नंदीग्राम विधानसभा सीट शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद खाली हुई है। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखते हुए नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिसके कारण यहां उपचुनाव की जरूरत पड़ी।

नंदीग्राम पहले भी ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच चुनावी मुकाबले का बड़ा केंद्र रहा है। ऐसे में इस सीट पर होने वाला उपचुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी चर्चा में है।

6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को आएंगे नतीजे

नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। दोनों सीटों के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन प्रक्रिया सितंबर में पूरी हो चुकी है।

अब नंदीग्राम में संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद चुनावी मुकाबले का अगला चरण सभी की नजर में है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस फैसले के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट क्या रणनीति अपनाता है और क्या वह नंदीग्राम में अपनी ओर से कोई नया उम्मीदवार या चुनावी विकल्प सामने रखता है।

ये भी पढ़ें: West Bengal Bypoll: ममता-ऋतब्रत गुट की बढ़ी मुश्किलें, टीएमसी चुनाव चिह्न और नाम इस्तेमाल करने पर EC ने लगाई रोक

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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