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Uttar Pradesh News: भदोही अब कहलाएगा ‘संत रविदास नगर’, सीएम योगी  के ऐलान ने क्यों बढ़ाई सियासी हलचल?
Uttar Pradesh News: भदोही अब कहलाएगा ‘संत रविदास नगर’
Uttar Pradesh News: भदोही अब कहलाएगा ‘संत रविदास नगर’

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले का नाम बदलकर ‘संत रविदास नगर भदोही’ (Sant Ravidas Nagar Bhadohi) करने का ऐलान किया है। बता दें आज मुख्यमंत्री ने रविवार को भदोही में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कारपेट एक्सपो के दौरान यह घोषणा की है। उन्होंने कहा कि महान संत रविदास के सम्मान और लोगों की भावनाओं को देखते हुए जिले को अब इसी संयुक्त नाम से जाना जाएगा। इस ऐलान के साथ ही एक बार फिर भदोही के नाम को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। जिसमें खास बात यह है कि जिले का नाम पहले भी कई बार बदला जा चुका है और हर बदलाव के पीछे उस समय की सरकार की अलग राजनीतिक सोच नजर आई है। ऐसे में आइए यहां पढ़ें पूरी खबर

कारपेट एक्सपो में CM योगी का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भदोही में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कारपेट एक्सपो में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कालीन उद्योग से जुड़े लोगों से मुलाकात की और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद अपने संबोधन में उन्होंने जिले का नाम ‘संत रविदास नगर भदोही’ करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने संत रविदास का सम्मान करते हुए कहा कि उनके नाम को जिले की पहचान से जोड़ना जनभावनाओं के अनुरूप है। सरकार के इस ऐलान के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

भदोही के नाम को लेकर पहले भी हुई है सियासत

भदोही का नाम बदलने का मुद्दा नया नहीं है। साल 1994 में वाराणसी से अलग होकर भदोही को नया जिला बनाया गया था। इसके बाद अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में जिले का नाम कई बार बदला गया। यही वजह है कि मौजूदा समय में ‘संत रविदास नगर भदोही’ नाम की वापसी को केवल प्रशासनिक फैसला नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक जानकार इसे उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति से जोड़कर भी देख रहे हैं।

1994 में बना था भदोही नया जिला

भदोही को 30 जून 1994 को वाराणसी से अलग करके नया जिला बनाया गया था। उस समय प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी और जिले का नाम ‘भदोही’ रखा गया था।

इसके बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और नाम को लेकर भी बदलाव देखने को मिला। 4 दिसंबर 1997 को मायावती सरकार ने जिले का नाम बदलकर ‘संत रविदास नगर’ कर दिया। इस फैसले के जरिए संत रविदास के नाम को जिले की पहचान से जोड़ा गया।

1999 में फिर जोड़ा गया भदोही नाम

नाम को लेकर अगला बड़ा बदलाव 12 नवंबर 1999 को हुआ। भाजपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री रामप्रकाश गुप्ता ने जिले का नाम ‘संत रविदास नगर भदोही’ कर दिया। इस नाम में संत रविदास और भदोही, दोनों की पहचान को शामिल किया गया। हालांकि यह नाम लंबे समय तक कायम नहीं रहा। प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद एक बार फिर जिले के नाम को लेकर फैसला बदला गया।

अखिलेश सरकार में फिर सिर्फ भदोही हुआ नाम

6 दिसंबर 2014 को तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार ने जिले का नाम बदलकर दोबारा ‘भदोही’ कर दिया। यानी करीब दो दशक में जिले के नाम को लेकर कई बार बदलाव हुआ।

अब 4 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर ‘संत रविदास नगर भदोही’ नाम की घोषणा कर दी है। इस तरह करीब 27 साल के दौरान जिले का नाम कई राजनीतिक बदलावों का हिस्सा रहा है।

2027 चुनाव से पहले फैसले के सियासी मायने

मुख्यमंत्री योगी के इस फैसले को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भदोही की राजनीति में दलित मतदाताओं की भूमिका अहम है। ऐसे में संत रविदास के नाम को जिले की पहचान से जोड़ने के फैसले को दलित समाज तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

हालांकि सरकार की ओर से इसे मुख्य रूप से संत रविदास के सम्मान और जनभावनाओं से जुड़ा फैसला बताया गया है। दूसरी ओर विपक्ष इस फैसले को चुनावी राजनीति से जोड़कर सवाल उठा सकता है।

CM योगी ने गिनाईं यूपी सरकार की उपलब्धियां

नाम परिवर्तन की घोषणा के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रदेश की आर्थिक और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगे, माफिया राज, गुंडागर्दी, अराजकता और कर्फ्यू जैसी समस्याओं से जुड़ी हुई थी। उनके मुताबिक अब प्रदेश की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश को करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हो चुकी है, जबकि 7.5 लाख करोड़ रुपये के अन्य प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू होने की बात उन्होंने कही।

अगले छह महीने में एक लाख नौकरियों का दावा

रोजगार के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार अब तक करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने की तैयारी है।

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के रोजगार, बेटियों की सुरक्षा और व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

क्यों अहम है भदोही?

भदोही को देश और दुनिया में कालीन उद्योग के लिए जाना जाता है। यहां का कारपेट कारोबार स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा आधार है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कारपेट एक्सपो के मंच से जिले के नाम को लेकर की गई घोषणा का राजनीतिक और सामाजिक महत्व और बढ़ जाता है।

फिलहाल मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब यह देखना अहम होगा कि ‘संत रविदास नगर भदोही’ नाम को आधिकारिक रिकॉर्ड में लागू करने की प्रक्रिया कब पूरी होती है। साथ ही 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इस फैसले का राजनीतिक असर कितना दिखाई देता है, इस पर भी सभी की नजर रहेगी।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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