
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़े जलस्तर के कारण एपी तटबंध टूट गया। इसके बाद आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर पहुंचकर बाढ़ (Kushinagar Flood 2026) प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने राहत सामग्री का वितरण कराया और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के आदेश दिए हैं। ऐसे में आइए यहां पढ़ें पूरी खबर
CM योगी ने लिया बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को कुशीनगर पहुंचे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ है और राहत पहुंचाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित लोगों तक भोजन, राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है।
अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर, टूट गया तटबंध
बताया गया कि नारायणी नदी में सामान्य तौर पर करीब 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी रहता है, लेकिन नेपाल की ओर से अधिक पानी आने के बाद जलस्तर काफी बढ़ गया। करीब साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी आने के दबाव के कारण तटबंध का हिस्सा टूट गया। इसके बाद पानी आसपास के निचले इलाकों में तेजी से फैल गया।
जानकारी के मुताबिक, तटबंध टूटने से कई गांव प्रभावित हुए हैं। जिसके बाद प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। राहत एवं बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन के साथ SDRF और NDRF की टीमें भी सक्रिय हैं।
बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए कई निर्देश दिए हैं। जनहानि की स्थिति में पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है। इसके अलावा प्रभावित लोगों के लिए पांच हजार सूखा राहत पैकेट और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
सरकार की ओर से फसल और मकानों को हुए नुकसान का भी आकलन कराया जा रहा है। प्रभावित किसानों और परिवारों को नुकसान के आधार पर सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
घरों में घुसा पानी, फसलें भी प्रभावित
नारायणी नदी का पानी गांवों में पहुंचने से कई घर प्रभावित हुए हैं। खेतों में पानी भरने के कारण धान और अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।
प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में निगरानी कर रही हैं। लोगों को जरूरी सामान और भोजन उपलब्ध कराने के लिए राहत शिविरों और अन्य व्यवस्थाओं को सक्रिय किया गया है। अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पानी उतरने के बाद सफाई और सैनिटाइजेशन पर जोर
मुख्यमंत्री ने बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रभावित गांवों में तुरंत साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य बाढ़ के बाद गंदगी और दूषित पानी के कारण होने वाली बीमारियों के खतरे को कम करना है।
बता दें लगातार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी है। ऐसे में प्रशासन को सार्वजनिक सुविधाओं को जल्द बहाल करने और प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन की तैयारी
बता दें बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य नदी के बहाव को व्यवस्थित करना और भविष्य में तटबंध तथा आसपास के गांवों पर बाढ़ के खतरे को कम करना है।
ऐसे में फिलहाल कुशीनगर में प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना, भोजन और राहत सामग्री उपलब्ध कराना तथा बाढ़ के पानी से होने वाले नुकसान को नियंत्रित करना है। NDRF और SDRF की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
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अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






