
दिल्ली सरकार: दिल्ली में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के बीच स्थिति गंभीर होती जा रही है। जिससे भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा येलो अलर्ट जारी किए जाने के बाद राजधानी में गर्मी का असर और तेज हो गया है। इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों के लिए नई Heatwave Guidelines 2026 जारी की हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि इन गाइडलाइन्स का मुख्य उद्देश्य बच्चों को लू (Heatstroke), डिहाइड्रेशन और गर्मी से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रखना है।
बच्चों की सेहत को प्राथमिकता दे रही सरकार
दिल्ली सरकार ने साफ कहा है कि इस समय पढ़ाई से ज्यादा जरूरी बच्चों की सेहत है। स्कूलों को आदेश दिए गए हैं कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए जरूरी बदलाव करें और सभी सुरक्षा उपाय अपनाएं। साथ ही, सरकार का कहना है कि बढ़ते तापमान में बच्चों को लंबे समय तक धूप या गर्म वातावरण में रखना खतरनाक हो सकता है।
वॉटर बेल सिस्टम होगा लागू
नई गाइडलाइन्स में सबसे अहम कदम ‘वॉटर बेल सिस्टम’ को शामिल किया गया है। इस व्यवस्था के तहत हर 45 से 60 मिनट के अंतराल पर स्कूल में एक खास घंटी बजाई जाएगी। बता दें कि यह घंटी क्लास खत्म करने के लिए नहीं बल्कि छात्रों को पानी पीने की याद दिलाने के लिए होगी। जिससे सभी बच्चों को तुरंत पानी पीना जरूरी होगा। इस पहल का खास उद्देश्य भीषण गर्मी के दौरान बच्चों को डिहाइड्रेशन, लू और गर्मी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से सुरक्षित रखना है, ताकि वे स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें।
स्कूलों में पानी की व्यवस्था अनिवार्य
नई गाइडलाइन्स के अनुसार सभी स्कूलों में बच्चों के लिए साफ और ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था करना अनिवार्य कर दिया गया है। गर्मी के मौसम को देखते हुए स्कूल परिसर में अलग-अलग स्थानों पर पानी पीने के स्टेशन बनाए जाएंगे, ताकि बच्चों को आसानी से पानी उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही छात्रों को घर से अपनी पानी की बोतल लाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र को पानी की कमी का सामना न करना पड़े और वे गर्मी में स्वस्थ और सुरक्षित रहें।
आउटडोर एक्टिविटी पर रोक
भीषण गर्मी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों में बाहर होने वाली गतिविधियों पर सख्त रोक लगा दी है। नई गाइडलाइन्स के अनुसार ओपन ग्राउंड में होने वाली कक्षाएं फिलहाल पूरी तरह बंद रहेंगी। साथ ही, सभी आउटडोर स्पोर्ट्स को भी अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। सुबह होने वाली असेंबली को अब इनडोर या छायादार स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य बच्चों को सीधी धूप और गर्मी के प्रभाव से बचाना है, ताकि वे सुरक्षित रहें और हीटवेव के जोखिम से दूर रह सकें।
‘बडी सिस्टम’ से बढ़ेगी सुरक्षा
नई गाइडलाइन्स में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘बडी सिस्टम’ नाम का एक नया कॉन्सेप्ट शामिल किया गया है। इस सिस्टम के तहत स्कूलों में दो-दो छात्रों की जोड़ी बनाई जाएगी, जो एक-दूसरे की सेहत पर लगातार नजर रखेंगे। अगर किसी बच्चे को चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या गर्मी से परेशानी जैसी स्थिति होती है, तो उसका बडी तुरंत शिक्षक को इसकी जानकारी देगा। यह व्यवस्था आपसी सहयोग और सतर्कता को बढ़ावा देती है, जिससे बच्चों को हीटवेव के खतरे से सुरक्षित रखा जा सके और समय पर मदद मिल सके।
लू और डिहाइड्रेशन पर जागरूकता
स्कूलों को आदेश दिए गए हैं कि वे छात्रों को हीटवेव और उसके खतरों के बारे में पूरी तरह जागरूक करें। इसके लिए खास जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिनमें लू के लक्षणों की पहचान, गर्मी से बचने के उपाय और पानी व हल्के भोजन के महत्व की जानकारी दी जाएगी। छात्रों को फर्स्ट एड ट्रेनिंग भी दी जाएगी ताकि वे आपात स्थिति में मदद कर सकें। अगर किसी बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ती है तो स्कूल प्रशासन को तुरंत प्राथमिक उपचार देने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे समय पर सहायता मिल सके और गंभीर स्थिति से बचाव हो सके।
अभिभावकों के लिए जरूरी निर्देश
सरकार ने माता-पिता को भी अलर्ट किया है कि वे बढ़ती गर्मी में बच्चों की सेहत का खास ध्यान रखें। जिसमें अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को हल्के और सूती कपड़े पहनाकर स्कूल भेजें ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। साथ ही बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाए। टिफिन में पानी से भरपूर फल जैसे तरबूज, खीरा और संतरा शामिल करने की सलाह भी दी गई है। बच्चों को बिना पानी पिए बाहर न भेजने के आदेश दिए गए हैं। स्कूल WhatsApp ग्रुप से अपडेट साझा करेंगे।
स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ी
नई गाइडलाइन्स के अनुसार स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ा दी गई है। सभी स्कूलों को हीटवेव से संबंधित पोस्टर और जागरूकता नोटिस बोर्ड प्रमुख स्थानों पर लगाने होंगे ताकि बच्चों को गर्मी से बचाव की जानकारी मिल सके। नियमित हेल्थ चेकअप सुनिश्चित करना भी अनिवार्य किया गया है। किसी भी आपात स्थिति के लिए फर्स्ट एड किट हर समय तैयार रखनी होगी। इसके अलावा बच्चों की सभी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
दिल्ली में बढ़ता तापमान बना चिंता का कारण
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में तापमान लगातार तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। राजधानी के कई इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है ताकि लू से बचाव किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए सावधान रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि दोपहर के समय, जब तापमान सबसे अधिक होता है, बाहर निकलने से बचना चाहिए। लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। साथ ही हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करने को कहा गया है। विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया है कि तेज धूप में लंबे समय तक न रहें और जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलें।
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