
PM Modi Slovakia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोप दौरे के दौरान स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में उनका भव्य और भावनात्मक स्वागत देखने को मिला। रविवार को ब्रातिस्लावा पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत न केवल राजनयिक औपचारिकताओं के साथ किया गया, बल्कि स्लोवाकिया की सांस्कृतिक परंपराओं और भारतीय भावनाओं के अनूठे संगम ने इस अवसर को और खास बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के दौरान स्लोवाकिया के प्रसिद्ध सांस्कृतिक समूह ‘लुसनिका एन्सेम्बल’ (Lucnica Ensemble) ने भारतीय राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति दी। विदेशी धरती पर भारतीय राष्ट्रीय गीत की गूंज सुनकर वहां मौजूद भारतीय समुदाय और अन्य लोगों में उत्साह देखने को मिला। इस खास पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लाखों लोग इसे साझा कर रहे हैं।
ब्रातिस्लावा में दिखी भारत-स्लोवाकिया मित्रता की झलक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंधों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से हो रही इस यात्रा में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग और नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। लेकिन राजनीतिक और कूटनीतिक बैठकों से पहले प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत का दृश्य चर्चा का केंद्र बन गया। जैसे ही प्रधानमंत्री होटल पहुंचे, वहां मौजूद कलाकारों ने भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए ‘वंदे मातरम’ का गायन शुरू किया। इस प्रस्तुति ने पूरे माहौल को भावुक और उत्साहपूर्ण बना दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
ब्रातिस्लावा में हुए इस स्वागत समारोह का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्लोवाक कलाकारों को भारतीय राष्ट्रीय गीत गाते हुए देखा जा सकता है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और सांस्कृतिक प्रभाव का उदाहरण बताया है। कई लोगों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि विदेशों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं को मिल रहा सम्मान देश के लिए गर्व का विषय है।
कौन है लुसनिका एन्सेम्बल?
लुसनिका एन्सेम्बल स्लोवाकिया का एक प्रसिद्ध सांस्कृतिक और लोक कला समूह है। यह समूह लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी इस समूह की प्रस्तुतियों को काफी सराहा जाता है। दिलचस्प बात यह है कि इस समूह ने पहले भी भारतीय गणमान्य व्यक्तियों के स्वागत के दौरान भारतीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी हैं। बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष भी स्लोवाकिया में एक भारतीय उच्चस्तरीय दौरे के दौरान इस समूह ने ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति देकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया था।
स्लोवाक परंपरा के अनुसार हुआ स्वागत
‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति के अलावा प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत स्लोवाकिया की पारंपरिक शैली में भी किया गया। स्थानीय परंपरा के अनुसार उन्हें ब्रेड और नमक भेंट किया गया। स्लोवाक संस्कृति में यह सम्मान, मित्रता और मेहमाननवाजी का प्रतीक माना जाता है। सदियों पुरानी इस परंपरा के तहत विशेष मेहमानों का स्वागत ब्रेड और नमक के साथ किया जाता है। राजनयिक विशेषज्ञों के अनुसार यह स्वागत केवल औपचारिकता नहीं बल्कि अतिथि के प्रति सम्मान और सद्भावना का प्रतीक होता है।
भारतीय समुदाय में दिखा उत्साह
प्रधानमंत्री मोदी के ब्रातिस्लावा पहुंचने की खबर के बाद वहां रहने वाले भारतीय समुदाय में भी उत्साह का माहौल दिखाई दिया। कई भारतीय नागरिक और छात्र प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए कार्यक्रम स्थल के आसपास पहुंचे। लोगों ने भारतीय झंडे लहराए और भारत-स्लोवाकिया मित्रता के समर्थन में नारे लगाए। विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए प्रधानमंत्री का दौरा हमेशा विशेष महत्व रखता है और इस बार भी ऐसा ही देखने को मिला।
यूरोप दौरे का अहम पड़ाव
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। इस दौरान उनकी स्लोवाकिया के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप के देशों के साथ भारत के बढ़ते संबंध वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में नई संभावनाएं पैदा कर रहे हैं।
भारत की बढ़ती वैश्विक छवि
पिछले कुछ वर्षों में भारत की अंतरराष्ट्रीय भूमिका लगातार मजबूत हुई है। G20 की अध्यक्षता, वैश्विक दक्षिण की आवाज़ उठाने की पहल, डिजिटल नवाचार और आर्थिक विकास के कारण दुनिया के कई देशों में भारत के प्रति रुचि बढ़ी है। ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को भी इसी बढ़ती वैश्विक पहचान के संदर्भ में देखा जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि सांस्कृतिक जुड़ाव और जन-जन के स्तर पर बढ़ते संबंध भविष्य में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेंगे।
कूटनीति के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव
अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) की भूमिका लगातार बढ़ रही है। जब किसी देश की संस्कृति, संगीत और परंपराएं दूसरे देश में सम्मान पाती हैं, तो दोनों देशों के लोगों के बीच विश्वास और अपनापन बढ़ता है। ब्रातिस्लावा में ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति को भी इसी सांस्कृतिक कूटनीति का उदाहरण माना जा रहा है।
आगे क्या रहेगा कार्यक्रम?
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान विभिन्न आधिकारिक बैठकों, व्यापारिक कार्यक्रमों और सामुदायिक आयोजनों में भाग लेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों और सहयोग परियोजनाओं पर भी चर्चा होने की संभावना है। दौरे के अंत में जारी होने वाले संयुक्त वक्तव्य पर भी सबकी नजर रहेगी।
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