
Bihar News: बिहार के गया जिले के अतरी विधानसभा क्षेत्र स्थित देवगांव में विकास का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की ओर से लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर का भूमि पूजन और शिलान्यास किया गया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को बिहार में कौशल विकास, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राज्य सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस परियोजना के पूरा होने के बाद हर साल करीब 10 हजार युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
देवगांव के लिए ऐतिहासिक दिन
स्थानीय लोगों के अनुसार यह पहला अवसर है जब राज्य का कोई शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व देवगांव जैसे क्षेत्र में किसी बड़े विकास प्रोजेक्ट के लिए पहुंचा है। इस वजह से पूरे इलाके में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र, शिक्षक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। लोगों का कहना है कि लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से दूर रहे इस क्षेत्र को अब नई पहचान मिलने जा रही है।
क्या है टेक्नोलॉजी सेंटर परियोजना?
एमएसएमई मंत्रालय द्वारा विकसित किया जा रहा यह टेक्नोलॉजी सेंटर आधुनिक मशीनों, डिजिटल लैब, डिजाइन सुविधाओं, रिसर्च यूनिट और स्किल ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस होगा। यह केंद्र युवाओं को उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करेगा। यहां ऑटोमेशन, मशीन टूल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर आधारित डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग तकनीक और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्थानीय युवाओं की रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
हर साल 10 हजार युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां हर वर्ष लगभग 10 हजार छात्रों और युवाओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित की जाएगी। तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा निजी कंपनियों, औद्योगिक इकाइयों और स्टार्टअप सेक्टर में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा कई युवा स्वयं का उद्यम भी शुरू कर पाएंगे। सरकार का मानना है कि कौशल विकास ही रोजगार सृजन का सबसे प्रभावी माध्यम है और यह केंद्र उसी दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।
गया समेत कई जिलों को होगा फायदा
टेक्नोलॉजी सेंटर केवल गया जिले तक सीमित नहीं रहेगा। इसका लाभ जहानाबाद, नवादा, औरंगाबाद, नालंदा तथा आसपास के अन्य जिलों के युवाओं को भी मिलेगा। अभी तक तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण के लिए छात्रों को पटना, दिल्ली, पुणे, बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। केंद्र शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध होगा।
रोजगार और उद्योग को मिलेगी रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए उद्योग और कौशल दोनों जरूरी हैं। गया में बनने वाला यह केंद्र स्थानीय उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराएगा। इससे नए निवेश को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। छोटे और मध्यम उद्योगों को प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी मिलने से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
पिछले कुछ वर्षों में देशभर में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से विकसित हुई है। सरकार चाहती है कि बिहार के युवा भी नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें। टेक्नोलॉजी सेंटर में उद्यमिता विकास कार्यक्रमों की भी व्यवस्था की जाएगी। यहां प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को बिजनेस प्लान, तकनीकी सहायता और उद्योग से जुड़ने के अवसर भी मिल सकते हैं।
बिहार में औद्योगिक विकास की नई पहल
राज्य सरकार लगातार औद्योगिक निवेश और कौशल विकास को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। हाल के वर्षों में बिहार में कई औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की शुरुआत हुई है। सरकार का लक्ष्य राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना और पलायन को कम करना है। देवगांव का यह टेक्नोलॉजी सेंटर भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा केंद्र
प्रस्तावित केंद्र में अत्याधुनिक मशीनें, डिजिटल प्रशिक्षण प्रणाली, स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, परीक्षण प्रयोगशालाएं और उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा उद्योगों के साथ साझेदारी कर छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वे सीधे रोजगार के लिए तैयार हो सकें।
स्थानीय लोगों में उत्साह
भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने इस परियोजना का स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि युवाओं को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे तो उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। कई छात्रों ने भी उम्मीद जताई कि यह केंद्र उनके भविष्य को नई दिशा देगा।
Read Related News: ब्रातिस्लावा में ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ हुआ पीएम मोदी का भव्य स्वागत, सोशल मीडिया पर VIDEO वायरल






