Skip to main content Scroll Top
Bihar BJP News: देवेश कुमार के इस्तीफे से बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल, क्या अब दीपक प्रकाश बनेंगे MLC?

Bihar BJP News: देवेश कुमार के इस्तीफे से बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल

Bihar BJP News: बिहार की राजनीति एक बार फिर से खबरों की सुर्खियों में बनी हुई है। दरअसल, शनिवार यानी 1 अगस्त 2026 को राज्य में एक बहुत ही बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। जैसा कि आप सब लो जानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधान परिषद सदस्य (MLC) देवेश कुमार ने अचानक से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंप है। इस बड़े बदलाव के बाद राज्य की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं की जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि देवेश कुमार के स्थान पर मंत्री दीपक प्रकाश को विधान परिषद बनाया जा सकता है।

वहीं, देखा जाए तो देवेश कुमार के इस्तीफे को फिलहाल बिहार के लिए सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे सरकार की एक सोची समझी रणनीति मानी जा रही है।

जानें विधान परिषद की सीट कौन संभालेगा?

खबरों के अनुसार, भाजपा जल्द ही दीपक प्रकाश को विधान परिषद का सदस्य बना सकती है। क्योंकि हाल ही के दिनों में उनकी मंत्री नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंचा था। जहां कोर्ट ने मोदी सरकार (Modi Government) से कई तरह के सवाल किया था कि यदि कोई मंत्री 6 महीने के अंदर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य नहीं बनता है, तो वह मंत्री पद पर कैसे बना रह सकते हैं।

ऐसे में देवेश कुमार का इस्तीफा (Devesh Kumar’s Resignation) इस संवैधानिक चुनौती का समाधान निकालने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है। अगर दीपक प्रकाश इस सीट से एमएलसी की कुर्सी (MLC’s Seat) पा लेते हैं, तो उनके मंत्री पद को संवैधानिक आधार मिल जाएगा।

विधान परिषद में पूरे दिन रही हलचल

वहीं, यह भी खबरें सामने आ रही है कि जब से देवेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दिया है, तब से बिहार विधान परिषद परिसर में राजनीतिक गतिविधियां बनी हुई है। जानकारी के लिए बता दें कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई वरिष्ठ नेता सभापति से मिलने पहुंचे। वहीं, देवेश कुमार अलग रास्ते से सभापति कक्ष पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंपा और फिर वहां से निकल गए।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी बनी अहम वजह

देखा जाए तो दीपक प्रकाश की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई ने इस पूरे मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया है। दरअसल, कोर्ट ने बिहार सरकार (Government of Bihar) से पूछा था कि अगर कोई भी मंत्री तय समय पर विधानमंडल का सदस्य नहीं बनता है, तो उसके मंत्री पद का संवैधानिक आधार क्या रहेगा।

इसी जरूरी सवाल के बाद राज्य सरकार पर संवैधानिक दबाव बढ़ गया। ऐसे में अब देवेश कुमार का यह इस्तीफा उसी कड़ी से जुड़ता दिखाई दे रहा है। इस पूरे मामले को देखते हुए माना जा रहा है कि राज्य सरकार जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करेगी, ताकि किसी तरह की संवैधानिक बाधा न हो सके।

अनुच्छेद 164(4) से जुड़ा है पूरा मामला

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(4) के अनुसार, अगर कोई भी व्यक्ति मंत्री बनाया जाता है तो उसे करीब 6 महीने के अंदर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना बहुत ही जरूरी है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो वह अपने मंत्री पद पर बने नहीं रह सकता है।

यह भी खबरें मिल रही है कि इसी संवैधानिक प्रावधान को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने यह अहम रणनीतिक कदम उठाया है। देवेश कुमार के इस्तीफे (Devesh Kumar’s Resignation) से अब एक सीट खाली हो गई है, जिस पर दीपक प्रकाश के चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है।

क्या यह बीजेपी का डैमेज कंट्रोल है?

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद सरकार के सामने संवैधानिक चुनौती खड़ी हो गई थी। ऐसे में एक सुरक्षित सीट खाली कराकर मंत्री को विधान परिषद भेजना सरकार के लिए व्यावहारिक और राजनीतिक रूप से जरूरी माना जा रहा है। हालांकि, बीजेपी सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन घटनाक्रम और नेताओं की गतिविधियों को देखते हुए यह चर्चा बढ़ती जा रही है।

जानें आगे क्या होगा?

बिहार की राजनीति (Politics of Bihar) को लेकर सभी की नजर बीजेपी पर टिकीं हुई है कि क्या भाजपा आधिकारिक तौर पर दीपक प्रकाश को देवेश कुमार की खाली हुई सीट से उम्मीदवार बनाएगी। अगर ऐसा किया जाता है, तो वह विधान परिषद पहुंच सकते हैं और उनके ऊपर उठे हर एक सवाल लगभग खत्म हो जाएंगे।

ये भी पढ़ें: Taslima Nasrin Kolkata Return: तस्लीमा नसरीन 19 साल बाद कोलकाता लौटीं, कभी छोड़ना पड़ा था शहर, अब हुआ स्वागत

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

Related Posts

लेटेस्ट ➤

Advertising Banner
305x250