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Amit Shah UCC: अमित शाह के यूसीसी ऐलान से एनडीए में हलचल, जेडीयू ने कहा- बिना व्यापक चर्चा के लागू न हो कानून
Amit Shah UCC: अमित शाह के यूसीसी ऐलान से एनडीए में हलचल
Amit Shah UCC: अमित शाह के यूसीसी ऐलान से एनडीए में हलचल

Amit Shah UCC: यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले NDA में एक बार फिर से चर्चा तेज हो गई है। बता दें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 से पहले NDA के सभी 21 राज्यों में UCC लागू करने के बयान के बाद बीजेपी की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर की है। जिसमें JDU का कहना है कि UCC जैसे संवेदनशील विषय पर फैसला लेने से पहले सभी पक्षों के साथ व्यापक चर्चा जरूरी है।

ऐसे में JDU के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने इसी सिलसिले में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के लिए समय मांगा है। माना जा रहा है कि बैठक में संजय झा पार्टी की चिंताओं और UCC को लेकर उसके पुराने रुख को अमित शाह के सामने रख सकते हैं। आइए यहां पढ़ें पूरी खबर

UCC पर JDU की क्या आपत्ति है?

JDU का कहना है कि पार्टी यूनिफॉर्म सिविल कोड पर चर्चा के खिलाफ नहीं है। उसकी मुख्य चिंता इसे बिना व्यापक विचार-विमर्श के लागू करने को लेकर है। पार्टी का मानना है कि UCC का असर देश के अलग-अलग समुदायों और उनकी परंपराओं पर पड़ सकता है, इसलिए सभी संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए।

JDU नेता नीरज कुमार ने भी पार्टी के पुराने रुख का जिक्र करते हुए कहा कि UCC की वजह से किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संविधान और संविधान निर्माता डॉ. बीआर आंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि संविधान सभी नागरिकों को अधिकार देता है और देश में हर समुदाय की भावनाओं का सम्मान किया जाना जरूरी है।साथ ही, नीरज कुमार ने यह भी कहा कि फिलहाल UCC का कोई आधिकारिक ड्राफ्ट सामने नहीं आया है। ऐसे में ड्राफ्ट आने और उसके प्रावधानों पर चर्चा होने के बाद ही पार्टी अपने रुख को आगे बढ़ाएगी।

बिना चर्चा UCC पर सहमति मुश्किल

JDU नेताओं का कहना है कि UCC जैसे बड़े और संवेदनशील कानून पर आगे बढ़ने से पहले व्यापक स्तर पर चर्चा होनी चाहिए। इसमें अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों, धार्मिक अल्पसंख्यकों, राज्य सरकारों और अन्य संबंधित पक्षों को शामिल किया जाना चाहिए।

ऐसे में पार्टी का मानना है कि देश की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखकर ही UCC पर कोई अंतिम फैसला होना चाहिए। यही वजह है कि संजय झा ने अमित शाह से मुलाकात का समय मांगा है।

श्याम रजक के बयान के बाद बढ़ी थी चर्चा

UCC को लेकर JDU का रुख उस समय भी चर्चा में आया था, जब पार्टी महासचिव श्याम रजक ने कहा था कि बिहार में किसी भी स्थिति में UCC लागू नहीं होने दिया जाएगा। इस बयान के बाद पार्टी के भीतर और NDA में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। इसके बाद संजय झा ने गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की बात कही। अब उनके संभावित मुलाकात को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें JDU सीधे तौर पर अपनी चिंताओं को केंद्र सरकार के सामने रख सकती है।

चिराग पासवान ने भी कही व्यापक चर्चा की बात

NDA की एक अन्य सहयोगी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने भी UCC पर सावधानी से आगे बढ़ने की बात कही है। उनका कहना है कि भारत की सामाजिक संरचना काफी विविध है और अलग-अलग समुदायों की अपनी परंपराएं और रीति-रिवाज हैं।

चिराग पासवान के मुताबिक, UCC का ड्राफ्ट सार्वजनिक होने के बाद सभी हितधारकों के हितों को ध्यान में रखकर उस पर चर्चा की जानी चाहिए। इसके बाद ही उनकी पार्टी अपना अंतिम रुख स्पष्ट करेगी।

TDP का भी रहा है चर्चा का पक्ष

NDA में शामिल तेलुगु देशम पार्टी (TDP) भी पहले UCC को लेकर व्यापक चर्चा और बहस की जरूरत बता चुकी है। हालांकि, अमित शाह के ताजा बयान के बाद TDP की ओर से अभी कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे साफ है कि UCC को लेकर बीजेपी के सामने अपने सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने की चुनौती बनी हुई है। बीजेपी की ओर से सहयोगी दलों की चिंताओं को नई बात नहीं माना जा रहा है। पार्टी का कहना है कि संवेदनशील मुद्दों पर सहयोगियों के साथ बातचीत की जाती रही है।

उत्तराखंड मॉडल का दिया जा सकता है उदाहरण

जानकारी के मुताबिक, UCC को लेकर बीजेपी अपने सहयोगी दलों के सामने उत्तराखंड मॉडल का उदाहरण भी रख सकती है। उत्तराखंड में व्यापक विचार-विमर्श के बाद UCC लागू किया गया है। बीजेपी इसी प्रक्रिया को दूसरे राज्यों के लिए भी एक मॉडल के तौर पर पेश कर सकती है।

2029 से पहले 21 राज्यों में UCC का लक्ष्य

अमित शाह ने कहा है कि 2029 से पहले NDA के सभी 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा। UCC के तहत शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों के लिए धर्म के आधार पर अलग-अलग कानूनों की जगह समान कानूनी व्यवस्था का प्रस्ताव है।

ऐसे में अब सबकी नजर अमित शाह और संजय झा की संभावित बैठक पर है। इस मुलाकात में JDU अपनी चिंताओं को सामने रख सकती है, जबकि बीजेपी सहयोगी दलों को साथ लेकर UCC पर आगे बढ़ने की रणनीति समझा सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में NDA के भीतर UCC को लेकर होने वाली चर्चा काफी अहम रहने वाली है।

ये भी पढ़ें: UCC News: यूसीसी पर अमित शाह का बड़ा ऐलान, 2029 से पहले 21 NDA शासित राज्यों में लागू होगा कानून, जानें सरकार का प्लान

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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