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BRICS Summit 2026: डिनर मेन्यू को लेकर राहुल गांधी ने उठाए सवाल, किरेन रिजिजू ने दिया करारा जवाब
BRICS Summit 2026: डिनर मेन्यू को लेकर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
BRICS Summit 2026: डिनर मेन्यू को लेकर राहुल गांधी ने उठाए सवाल

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) के दौरान नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए रखे गए डिनर का मेन्यू (BRICS Dinner Menu 2026) अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आयोजित इस खास डिनर में केवल शाकाहारी व्यंजन परोसे गए। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खाने के मेन्यू को लेकर सरकार पर तंज कसा है। जिसमें राहुल गांधी ने दावा किया कि 80 फीसदी भारतीय नॉनवेज खाते हैं। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई। ऐसे में आइए यहां पढ़ें खबर

राहुल गांधी ने मेन्यू पर कसा तंज

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर BRICS डिनर के मेन्यू को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि रिकॉर्ड के लिए 80 फीसदी भारतीय नॉनवेज खाते हैं। राहुल गांधी ने भारतीय नॉनवेज खाने को स्वादिष्ट बताते हुए अपनी बहन के छोले भटूरे की भी तारीफ की। उन्होंने इसके साथ छोले भटूरे की तस्वीर भी साझा की। राहुल गांधी की इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस नेताओं ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब भारत की खान-पान की परंपरा इतनी विविध है, तो BRICS देशों से आए विदेशी मेहमानों के लिए डिनर में केवल शाकाहारी व्यंजन ही क्यों रखे गए।

पवन खेड़ा ने भी सरकार पर उठाए सवाल

कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी डिनर के मेन्यू को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत की खान-पान की परंपरा बेहद विविध है और देश के अलग-अलग हिस्सों में कई तरह के नॉनवेज व्यंजन लोकप्रिय हैं। पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि BRICS देशों से आए नेताओं और प्रतिनिधियों को भारतीय नॉनवेज व्यंजनों का स्वाद क्यों नहीं कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपनी खान-पान की पसंद को दूसरों पर थोपने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि यह सिर्फ खाने का मामला नहीं है, बल्कि भारत की विविध संस्कृति और अलग-अलग खान-पान की परंपराओं को लेकर भी सवाल है।

बीजेपी ने कांग्रेस को दिया जवाब

कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने भी पलटवार किया। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि अगर विपक्ष के पास इतने बड़े BRICS सम्मेलन की आलोचना करने के लिए सिर्फ डिनर के मेन्यू का मुद्दा है, तो यह सम्मेलन की सफलता को दिखाता है। उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहमति बनाने वाली एक महत्वपूर्ण ताकत के रूप में उभर रहा है। ऐसे में विपक्ष को सम्मेलन में हुई महत्वपूर्ण चर्चाओं और फैसलों पर बात करनी चाहिए।

बीजेपी प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी को छोटी और गैरजरूरी राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी जिम्मेदार विपक्ष के नेता हैं तो उन्हें BRICS सम्मेलन की सफलता और भारत की भूमिका के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश को बधाई देनी चाहिए थी।

किरेन रिजिजू ने भी किया पलटवार

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब BRICS देशों के नेताओं को परोसे गए खाने के मेन्यू पर भी राजनीति कर रही है। रिजिजू ने कहा कि BRICS नेताओं ने भारतीय शाकाहारी व्यंजनों का आनंद लिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों की खान-पान की परंपराएं बेहद समृद्ध हैं और भारतीय शाकाहारी भोजन में भी स्वाद के साथ पोषण की भरपूर विविधता है।

डिनर में क्या-क्या परोसा गया?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए खास डिनर का आयोजन किया था। इस दौरान मेहमानों को भारत के अलग-अलग हिस्सों की शाकाहारी पाक परंपरा से जुड़े व्यंजन परोसे गए। डिनर के मेन्यू में खांडवी, पनीर लबाबदार, गुच्ची मार्मिक, मिलेट पुलाव, मशरूम गलौटी और जलेबी जैसे व्यंजन शामिल थे। मेन्यू में मोटे अनाज यानी मिलेट्स पर भी विशेष जोर दिया गया। इसे भारत के श्री अन्न और टिकाऊ खान-पान को बढ़ावा देने की पहल से जोड़कर देखा गया। डिनर के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें 100 से ज्यादा कलाकारों ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में भारत के साथ BRICS के अन्य सदस्य देशों की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली।

80 फीसदी भारतीय नॉनवेज खाते हैं? क्या कहते हैं आंकड़े

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि 80 फीसदी भारतीय नॉनवेज खाते हैं। हालांकि, उन्होंने इस आंकड़े का कोई स्रोत नहीं बताया। उपलब्ध राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण यानी NFHS के आंकड़ों में भी इस तरह का सीधा राष्ट्रीय आंकड़ा नहीं मिलता है।

NFHS-5 के अनुसार, 15 से 49 साल की उम्र के 83.4 फीसदी पुरुष और 70.6 फीसदी महिलाएं कम से कम कभी-कभार मछली, चिकन या मांस खाने की बात कह चुकी थीं। हालांकि, इन आंकड़ों को पूरे भारत की आबादी के लिए सीधे 80 फीसदी नॉनवेज खाने का आंकड़ा नहीं माना जा सकता।

BRICS सम्मेलन के बाद बढ़ी सियासी बहस

BRICS का 18वां शिखर सम्मेलन रविवार को खत्म हुआ। भारत ने दो दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी की, जिसमें 11 सदस्य देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, बहुपक्षीय सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, सम्मेलन खत्म होने के बाद डिनर का शाकाहारी मेन्यू राजनीतिक बहस का नया मुद्दा बन गया है। कांग्रेस जहां इसे भारत की विविध खान-पान संस्कृति से जोड़कर सरकार पर सवाल उठा रही है, वहीं बीजेपी इसे विपक्ष की छोटी राजनीति बता रही है। ऐसे में BRICS डिनर का मेन्यू अब अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से ज्यादा घरेलू सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।

ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026: ब्रिक्स सम्मेलन में शी जिनपिंग ने कहा- ‘ताकत के दम पर नहीं चलेगी दुनिया’, पीएम मोदी को किया धन्यवाद

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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