
BRICS Summit 2026: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत में आयोजित BRICS समिट में ग्लोबल साउथ, अंतरराष्ट्रीय नियमों, UN सुधार, AI और आर्थिक सहयोग को लेकर चीन का विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि दुनिया में किसी देश की ताकत उसे सही साबित नहीं करती। सभी देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय नियम समान होने चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं यहां पूरी खबर
‘ताकतवर है तो सही है’ वाली सोच नहीं चलेगी
शी जिनपिंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में सभी देशों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर दुनिया में नियम नहीं होंगे तो स्थिति ऐसी हो जाएगी जैसे बिना ट्रैफिक लाइट वाला चौराहा, जहां अराजकता फैल सकती है। साथ ही, उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियम किसी एक देश की इच्छा से नहीं, बल्कि सभी देशों की भागीदारी से बनाए जाने चाहिए। सभी देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून समान होना चाहिए और किसी भी तरह के दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए।
जिनपिंग का यह बयान वैश्विक राजनीति में अमेरिका समेत बड़ी शक्तियों के लिए एक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। चीन लंबे समय से बहुध्रुवीय दुनिया और ग्लोबल साउथ की मजबूत भूमिका की वकालत करता रहा है।
UN और वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में सुधार की मांग
चीनी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र यानी UN की भूमिका को और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी देश का आकार, आर्थिक ताकत या संपत्ति उसकी अंतरराष्ट्रीय अहमियत का आधार नहीं होना चाहिए।
जिनपिंग ने बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और अंतरराष्ट्रीय मामलों में विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने WTO में सुधार के साथ-साथ वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में विकासशील देशों की आवाज मजबूत करने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि वैश्विक संस्थाओं में सभी देशों को समान अवसर और अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए।
AI को लेकर चीन की बड़ी पहल
BRICS Summit में शी जिनपिंग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर भी चीन का विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि AI और नई तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ आर्थिक फायदे के लिए नहीं, बल्कि लोगों की भलाई और साझा विकास के लिए होना चाहिए।
चीन ने BRICS देशों के बीच AI सहयोग बढ़ाने के लिए ओपन-सोर्स AI कम्युनिटी बनाने की पहल का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा बड़े लैंग्वेज मॉडल के विकास और इस्तेमाल में सहयोग, AI ट्रेनिंग और सेमिनार आयोजित करने की बात भी कही गई।
जिनपिंग ने कहा कि नई तकनीक का लाभ केवल कुछ देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसका इस्तेमाल विकासशील देशों की क्षमता बढ़ाने और साझा समृद्धि के लिए किया जाना चाहिए।
BRICS देशों के सामने चीन की 5 बड़ी पहल
शी जिनपिंग ने BRICS सहयोग को मजबूत करने के लिए पांच प्रमुख पहलों पर जोर दिया। इनमें AI के क्षेत्र में ओपन-सोर्स सहयोग, व्यापार और निवेश को आसान बनाना, डिजिटल इंडस्ट्री में सहयोग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और विज्ञान-तकनीक के क्षेत्र में प्रतिभाओं को तैयार करना शामिल है।
चीन BRICS देशों के साथ स्मार्ट फैक्ट्री, डिजिटल स्किल ट्रेनिंग और इंजीनियरिंग व तकनीकी विशेषज्ञों को तैयार करने के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना चाहता है। इससे BRICS देशों के बीच तकनीकी और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
ग्लोबल साउथ को एकजुट करने पर जोर
शी जिनपिंग ने अपने भाषण में ग्लोबल साउथ को खास महत्व दिया। उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल साउथ दुनिया को बहुध्रुवीय बनाने में महत्वपूर्ण ताकत बन चुका है। ऐसे में BRICS देशों को इस अवसर का फायदा उठाते हुए विकासशील देशों को साथ लेकर चलना चाहिए।
जिनपिंग ने कहा कि चीन अपने विकास के अवसर दूसरे देशों के साथ साझा करना चाहता है। उन्होंने ग्लोबल डेवलपमेंट इनिशिएटिव का भी जिक्र किया और दावा किया कि इसके तहत 2 हजार से ज्यादा परियोजनाएं लागू की गई हैं, जिनका लाभ 120 से अधिक देशों के लोगों को मिला है।
PM मोदी को कहा धन्यवाद
BRICS Summit के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत की अध्यक्षता और आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी जताया। उन्होंने BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और वैश्विक विकास के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया।
ऐसे में शी जिनपिंग के भाषण में तीन बड़े संदेश साफ दिखाई दिए—दुनिया में बहुध्रुवीय व्यवस्था को बढ़ावा देना, ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करना और BRICS देशों के बीच आर्थिक व तकनीकी सहयोग बढ़ाना। ‘ताकतवर है तो सही है’ वाली सोच के खिलाफ उनका बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चीन के रुख को भी स्पष्ट करता है।
ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026: पीएम मोदी-जिनपिंग की हुई अहम बैठक, द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर हुआ मंथन
Author
-
अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






