
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: देश के महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। बता दें कि हाल ही में शुरू हुए इस एक्सप्रेसवे पर बने एक फ्लाईओवर की दीवार में दरार आ गई है। दरअसल यह मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गणेशपुर इलाके का बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही NHAI के अधिकारियों में हड़कंप मच गया और तुरंत मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे के फ्लाईओवर की एक दीवार में अचानक दरार दिखाई दी। यह दरार धीरे-धीरे बढ़ने लगी, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। जैसे ही यह मामला सामने आया, NHAI की टीम तुरंत घटना स्थान पर पहुंच गई और स्थिति का संभल लिया।
अधिकारियों ने बिना समय गंवाए मरम्मत कार्य शुरू किया और दरार को रोकने के लिए करीब 20 एंकर प्लेट्स लगाई गईं। फिलहाल स्थिति काबू में बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
पहले भी सामने आ चुकी हैं खामियां
जानकारी के लिए बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब इस एक्सप्रेसवे में तकनीकी खामियां सामने आई हैं। इससे पहले भी पिछले मानसून के दौरान एलिवेटेड रोड के करीब 24 पिलर कमजोर पाए गए थे। उन पिलरों में भी दरारें आई थीं, जिन्हें बाद में जैकेटिंग तकनीक के जरिए ठीक किया गया था। बताया गया कि ये पिलर नदी के मुहाने के पास स्थित थे, जहां मिट्टी और पानी के दबाव के कारण संरचना पर असर पड़ा।
2021 में हुआ था शिलान्यास
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का शिलान्यास वर्ष 2021 में किया गया था। इस परियोजना को कई बार विस्तार (एक्सटेंशन) दिया गया और आखिरकार 2026 में यह बनकर तैयार हुआ। यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल हाईवे प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है।
213 किलोमीटर लंबा है एक्सप्रेसवे
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे करीब 213 किलोमीटर लंबा और छह लेन का है। इससे दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा समय में काफी कमी आई है। पहले जहां इस दूरी को तय करने में 6-7 घंटे लगते थे, वहीं अब यह सफर करीब 2.5 से 3 घंटे में पूरा हो सकता है।
एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो एशिया का सबसे लंबा माना जा रहा है। इसे खासतौर पर वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। बता दें कि यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के शिवालिक वन क्षेत्र से लेकर उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क और देहरादून वन प्रभाग तक फैला हुआ है।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत 8 विशेष पशु मार्ग बनाए गए हैं, ताकि जंगलों में रहने वाले जानवर बिना किसी बाधा के सड़क पार कर सकें। हाथियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए 2 बड़े अंडरपास भी तैयार किए गए हैं। इसके अलावा, डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग बनाई गई है। शोर और तेज रोशनी से बचाने के लिए ‘साउंड बैरियर’ और ‘लाइट बैरियर’ लगाए गए हैं, जिससे वन्यजीवों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े और उनका प्राकृतिक व्यवहार सुरक्षित रहे।
पेड़ों को बचाने पर भी जोर
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण को गंभीरता से लिया गया है। शुरुआत में करीब 45,000 पेड़ों की कटाई का अनुमान लगाया गया था, लेकिन उन्नत तकनीकों और बेहतर योजना के चलते केवल 11,160 पेड़ ही काटने पड़े। इससे बड़ी संख्या में पेड़ों को बचाया जा सका। परियोजना के तहत लगभग 33,840 पेड़ों को सुरक्षित रखा गया, जबकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए करीब 1.95 लाख नए पौधे भी लगाए गए। यह प्रयास दर्शाता है कि विकास और प्रकृति संरक्षण साथ-साथ संभव हैं, जिससे यह परियोजना अन्य हाईवे प्रोजेक्ट्स से अलग पहचान बनाती है।
गुणवत्ता पर उठे सवाल
दरअसल हाल ही में सामने आई दरार की घटना ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिसमें एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतनी बड़ी और नई परियोजना में इस तरह की खामियां सामने आना चिंताजनक है।
हालांकि NHAI का कहना है कि यह एक स्थानीय और तकनीकी समस्या है, जिसे जल्द ही पूरी तरह ठीक कर लिया जाएगा। एजेंसी ने यह भी भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
क्या कहती है NHAI?
NHAI के अधिकारियों के अनुसार फ्लाईओवर की दीवार में आई दरार को तुरंत नियंत्रण में ले लिया गया है। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर ही तकनीकी टीम तैनात की गई और एंकर प्लेट्स लगाकर संरचना को मजबूत किया गया। अधिकारियों ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी जारी किए हैं, ताकि दरार के असली कारणों का पता लगाया जा सके। NHAI का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए निगरानी और गुणवत्ता जांच को और सख्त किया जाएगा, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यात्रियों के लिए क्या है सलाह?
जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य बताया जा रहा है। लेकिन यात्रियों को सलाह दी गई है कि है।
- निर्माण या मरम्मत वाले क्षेत्रों में सावधानी से ड्राइव करें।
- स्पीड लिमिट का पालन करें।
- प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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