
CM Yogi Statement: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से सियासी गरमाई हुई है। दरअसल, आज शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि दूसरों को नसीहत देने से पहले अपने समर्थकों को भाषा और व्यवहार की मर्यादा सिखानी चाहिए। बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव से जुड़े सोशल मीडिया विवाद का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने बेटियों के सम्मान को सर्वोपरि बताते हुए सख्त कार्रवाई की बात भी कही।
जानकारी के लिए बता दें कि सीएम योगी ने यह भी कहा कि यदि समाजवादी पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संयमित भाषा का इस्तेमाल करना नहीं सिखा सकती, तो सरकार उन्हें समझाने का काम करेगी।
अखिलेश अपने चेले-चपाटों को उपदेश दे: सीएम योगी
आज यूपी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अखिलेश जी, अपने चेले-चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दे दो कि अपनी भाषा पर संयम कर लें। अगर नहीं समझा सकते तो हमारे हवाले कर दो, हम उनको अच्छी तरह समझा देंगे।”
बेटी के सम्मान पर राजनीति नहीं होनी चाहिए
मुख्यमंत्री का यह बयान उस विवाद के संदर्भ में आया है जिसमें समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट साझा किए गए थे। सीएम योगी ने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि बेटियों के सम्मान के मामले में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। चाहे वह किसी भी परिवार, समाज या राजनीतिक दल से जुड़ी हों, उनका सम्मान सर्वोपरि है।
सीएम योगी ने कहा कि हाल के दिनों में मैंने देखा कि अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ कुछ लोगों ने अनुचित टिप्पणियां कीं। जैसे ही मामला मेरे संज्ञान में आया, मैंने पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।

भारतीय संस्कृति में बेटियों का विशेष सम्मान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय परंपरा में बेटियों को देवी का स्वरूप माना जाता है। उन्होंने कहा कि गांव की बेटी पूरे गांव की बेटी होती है और गांव की बहन पूरे गांव की बहन मानी जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति बेटियों का सम्मान करना सिखाती है। किसी भी बेटी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार बेटियों के लिए चला रही कई योजनाएं
सीएम योगी ने अपनी सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा तक सहायता प्रदान कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने कन्या शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य बेटियों को बेहतर अवसर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। सरकार बेटियों के प्रति किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करती और सभी वर्गों की लड़कियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
क्या है अदिति यादव सोशल मीडिया विवाद?
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया था। इस मामले में कानपुर साइबर क्राइम थाने (Cyber Crime Police Stations) में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन लोगों को नामजद किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता एवं समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाकर अदिति यादव की छवि खराब करने की कोशिश की गई।
शिकायत के अनुसार, 9 जून को एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें अदिति यादव के बारे में कथित रूप से गलत और आपत्तिजनक दावे किए गए थे। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी सियासी गर्मी
इस पूरे मामले को लेकर यूपी की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि बेटियों के सम्मान के मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की अभद्र टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और महिलाओं के सम्मान के खिलाफ जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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