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Chandigarh Property Dispute: चंडीगढ़ के सेक्टर-42 में प्रॉपर्टी विवाद खूनी संघर्ष में बदला,कब्जा लेने पहुंची महिला पर चली गोलियां

Chandigarh Property Dispute: चंडीगढ़ के सेक्टर-42 में शनिवार दोपहर एक प्रॉपर्टी विवाद उस समय हिंसक हो गया, जब फ्लैट का कब्जा दिलाने पहुंची 60 वर्षीय महिला को कथित तौर पर गोली मार दी गई। घटना पुलिस टीम की मौजूदगी में हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायल महिला को गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल ले जाया गया और बाद में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद लंबे समय से फ्लैट के स्वामित्व और कब्जे को लेकर चल रहा था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना के सभी पहलुओं को खंगाल रही है। आरोपी अधिवक्ता को हिरासत में लेकर उसका लाइसेंसी हथियार भी जब्त कर लिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब दो बजे 60 वर्षीय मनविंदर कौर पुलिस टीम के साथ सेक्टर-42 स्थित फ्लैट नंबर 2982 का कब्जा लेने पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि संबंधित फ्लैट को लेकर पहले से कानूनी विवाद चल रहा था और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कब्जा दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी। पुलिस टीम में एक एएसआई, एक महिला कांस्टेबल और एक अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। जैसे ही टीम फ्लैट के अंदर पहुंची, वहां मौजूद व्यक्ति और कब्जा लेने पहुंचे पक्ष के बीच विवाद बढ़ गया।

पुलिस के सामने चली गोलियां

प्रारंभिक जांच के अनुसार, फ्लैट में रह रहे 62 वर्षीय अधिवक्ता जे.पी. सिंह चड्ढा पर आरोप है कि उन्होंने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से लगातार चार राउंड फायरिंग की। फायरिंग के दौरान एक गोली मनविंदर कौर के सिर में लग गई। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ीं। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद पुलिसकर्मी और आसपास के लोग भी स्तब्ध रह गए। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।

गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

घायल महिला को सबसे पहले प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, महिला के सिर में गोली लगने के कारण उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। परिजनों और परिचितों की भी अस्पताल में भीड़ लगी रही।

आरोपी अधिवक्ता हिरासत में

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता को हिरासत में ले लिया। साथ ही, घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्तौल भी जब्त कर ली गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और क्या गोली चलाना पूर्व नियोजित था या अचानक हुए विवाद का परिणाम। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य

फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां से कारतूस, हथियार से जुड़े साक्ष्य तथा अन्य जरूरी सामग्री एकत्र की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके। इसके अलावा मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

प्रॉपर्टी विवाद बना हिंसा की वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूरा मामला फ्लैट के कब्जे और स्वामित्व को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा हुआ है। हालांकि, अभी तक पुलिस ने विवाद की पूरी कानूनी पृष्ठभूमि सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों और अदालती आदेशों की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

पुलिस क्या कह रही है?

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। घटनास्थल से मिले सबूत, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

लाइसेंसी हथियार के इस्तेमाल पर भी जांच

इस घटना के बाद एक और महत्वपूर्ण सवाल यह उठ रहा है कि लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हथियार के इस्तेमाल में सभी कानूनी नियमों का पालन किया गया था या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या कानून का उल्लंघन सामने आता है तो उसके अनुसार अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

घटना के बाद सेक्टर-42 और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि विवाद के पुराने घटनाक्रम और दोनों पक्षों के बीच संबंधों के बारे में जानकारी मिल सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि किसी के पास घटना से जुड़ी कोई जानकारी हो तो पुलिस को उपलब्ध कराएं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी संपत्ति विवाद के दौरान हिंसा होती है तो मामला केवल दीवानी विवाद तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आपराधिक कानून भी लागू हो सकता है। यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।

 

 

 

 

 

 

 

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