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Rinku Singh: क्रिकेटर रिंकू सिंह पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता का इलाज के दौरान निधन,नोएडा स्थित यथार्थ हॉस्पिटल में थे भर्ती
Current image: क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन

Rinku Singh’s father passes away: भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक बल्लेबाज Rinku Singh पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.उनके पिता खानचंद सिंह का ग्रेटर नोएडा स्थित Yatharth Hospital में इलाज के दौरान निधन हो गया. वह लंबे समय से चौथे स्टेज के लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे.
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, खानचंद सिंह की हालत पिछले कुछ दिनों से लगातार गंभीर बनी हुई थी. डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश कर रही थी, लेकिन आखिरकार उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली.

महीनों से चल रहा था इलाज

खानचंद सिंह पिछले कई महीनों से बीमार थे. शुरुआत में उनका इलाज स्थानीय स्तर पर चल रहा था, लेकिन जब बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया तो उन्हें ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें एडवांस स्टेज लिवर कैंसर था. उनकी किडनी भी प्रभावित हो चुकी थी, जिसके चलते उन्हें लगातार रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी यानि RRT दी जा रही थी. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि वह कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था.

टी20 वर्ल्ड कप के बीच लौटे थे रिंकू

पिता की बिगड़ती हालत की खबर मिलते ही रिंकू सिंह को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अस्थायी रूप से ब्रेक लेना पड़ा.वह टी20 वर्ल्ड कप के दौरान टीम के साथ थे, लेकिन पिता को देखने के लिए भारत लौट आए थे. हालांकि बाद में वह 26 फरवरी को जिम्बांबे के खिलाफ मुकाबले से पहले टीम से दोबारा जुड़ गए थे. अब पिता के निधन की खबर के बाद वह फिर से परिवार के पास लौट रहे हैं.

अलीगढ़ की संघर्ष भरी जिंदगी

खानचंद सिंह उत्तर प्रदेश के Aligarh में घर-घर जाकर गैस सिलेंडर पहुंचाने का काम करते थे. उन्होंने बेहद साधारण परिस्थितियों में अपने परिवार का पालन-पोषण किया.रिंकू सिंह की क्रिकेट यात्रा आसान नहीं रही. सीमित संसाधनों के बावजूद उनके पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया. रिंकू की सफलता के बाद भी खानचंद सिंह ने अपना काम नहीं छोड़ा.वह अक्सर कहते थे कि मेहनत करने में कभी शर्म नहीं करनी चाहिए.

पिता के संघर्ष को याद कर भावुक हुए फैंस

रिंकू सिंह की कहानी हमेशा संघर्ष और मेहनत की मिसाल रही है.आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई. सोशल मीडिया पर फैंस लगातार उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं.कई लोगों ने लिखा “रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता का त्याग और मेहनत थी. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे.”
वही,क्रिकेट जगत से जुड़े कई खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने भी संवेदना व्यक्त की है.

रिंकू सिंह का क्रिकेट सफर

रिंकू सिंह ने घरेलू क्रिकेट से शुरुआत की और बाद में आईपीएल में अपनी पहचान बनाई.खासकर एक मैच में लगातार पांच छक्के लगाकर उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया था. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और दबाव में खेलने की क्षमता ने उन्हें भारतीय टीम में जगह दिलाई. उनकी सफलता के पीछे उनके परिवार, खासकर पिता का बड़ा योगदान माना जाता है.

पिता-बेटे का खास रिश्ता

करीबी लोगों के मुताबिक, रिंकू सिंह अपने पिता से हर बड़े फैसले पर सलाह लिया करते थे. जब भी वह कोई बड़ी उपलब्धि हासिल करते, सबसे पहले अपने पिता को फोन करते थे.आईपीएल में ऐतिहासिक पारी खेलने के बाद भी उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा था कि उनकी मेहनत और आशीर्वाद ही उनकी ताकत है. यह रिश्ता सिर्फ पिता-पुत्र का नहीं, बल्कि दोस्ती और भरोसे का भी था.

परिवार पर टुटा दुखों का साया

परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि खानचंद सिंह अपने बेटे की कामयाबी देखकर बेहद खुश रहते थे. हालांकि बीमारी ने उन्हें धीरे-धीरे कमजोर कर दिया था. अब परिवार शोक में डूबा हुआ है.अंतिम संस्कार की तैयारियां अलीगढ़ में की जा रही हैं.

कैंसर की बढ़ती समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, लिवर कैंसर के मामले देश में तेजी से बढ़ रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है.
नियमित स्वास्थ्य जांच, शराब और तंबाकू से दूरी, संतुलित आहार और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों का समय पर इलाज.इन उपायों से लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है.

खेल और निजी जीवन का संतुलन

एक खिलाड़ी के लिए मैदान और परिवार दोनों महत्वपूर्ण होते हैं. रिंकू सिंह का उदाहरण दिखाता है कि निजी दुखों के बावजूद खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रहना पड़ता है. हालाँकि, क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में टीम और बोर्ड को खिलाड़ियों को भावनात्मक सहयोग देना चाहिए, ताकि वह अपने परिवार के साथ रह सकें और शोक से उबर सकें. खेल से बढ़कर परिवार होता है, और यह पल किसी भी इंसान के लिए बेहद कठिन होता है.

रिंकू सिंह के पिता के निधन की खबर सामने आते ही कई क्रिकेटरों और खेल संगठनों ने शोक संदेश जारी किए. सोशल मीडिया पर #RinkuSingh ट्रेंड करने लगा. फैंस और साथी खिलाड़ी इस कठिन समय में उनके साथ खड़े नजर आए.

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