
संजीव अरोड़ा ईडी रेड: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है, प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और मंत्री संजीव अरोड़ा के घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई है। इस कार्रवाई के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। जिससे आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है।
सुबह-सुबह ED की दबिश घर को किया सील
जानकारी के अनुसार, आज शुक्रवार सुबह लुधियाना में संजीव अरोड़ा के आवास पर ED की टीम पहुंची। छापेमारी के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर घर को सील कर दिया गया, जहां न किसी को अंदर जाने दिया गया और न ही बाहर निकलने की अनुमति थी।
जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन से जुड़े पुराने मामलों को लेकर की गई है। इसके अलावा कुछ विदेशी लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
AAP का आरोप भाजपा की चुनावी रणनीति
बताया जा रहा है कि इस रेड के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली सरकार में मंत्री रहे सौरभ भारद्वाज ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करती है।
AAP नेताओं का कहना है कि पंजाब में आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा इस तरह की कार्रवाई कर रही है ताकि पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
अशोक मित्तल पर रेड के बाद दूसरा बड़ा एक्शन
दरअसल इससे पहले AAP के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के करीब 10 ठिकानों पर भी ED ने छापेमारी की थी। यह कार्रवाई लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) से जुड़े मामलों को लेकर की गई थी। जिसमें दो दिन के भीतर AAP के दो बड़े नेताओं पर हुई ED की कार्रवाई ने पंजाब की राजनीति में हलचल और बढ़ा दी है।
कौन हैं संजीव अरोड़ा?
संजीव अरोड़ा पंजाब के एक प्रमुख उद्योगपति और राजनेता हैं। वे लुधियाना के रहने वाले हैं और लंबे समय से बिजनेस जगत में सक्रिय रहे हैं। जिसमें उनकी कंपनी “रितेश इंडस्ट्रीज” एक्सपोर्ट का काम करती है। जिसमें अमेरिका समेत कई देशों में उनका व्यापार फैला हुआ है। साथ ही, 2018 में उन्होंने “फेमेला फैशन लिमिटेड” के जरिए फैशन इंडस्ट्री में भी कदम रखा है। जिसके बाद राजनीति में उनका प्रवेश 2022 में हुआ, जब आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा। इसके बाद पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका दी।
उपचुनाव जीतकर बने मंत्री
फरवरी 2025 में संजीव अरोड़ा को लुधियाना वेस्ट सीट से उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया गया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 10,637 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की। इसके बाद उन्हें राज्यसभा से इस्तीफा दिलाकर पंजाब सरकार में मंत्री बनाया गया। वर्तमान में वे उद्योग, निवेश, ऊर्जा और स्थानीय प्रशासन जैसे अहम विभाग संभाल रहे हैं।
केजरीवाल और भगवंत मान के करीबी
अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबी माने जाने वाले अरोड़ा को सरकार में काफी प्रभावशाली नेता माना जाता है। हाल ही में हुए कैबिनेट फेरबदल में उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ा दी गई थीं।
पहले भी हो चुकी है छापेमारी
जानकारी के लिए बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब अरोड़ा ED के निशाने पर आए हैं। इससे पहले भी 7 अक्टूबर 2024 को भी उनके ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। उस समय भी मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन से जुड़े मामलों की जांच की गई थी।
हैम्पटन होम्स प्रोजेक्ट पर सवाल
जानकारी के अनुसार, जांच का एक बड़ा हिस्सा “हैम्पटन होम्स” प्रोजेक्ट से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट में हेमंत सूद का नाम भी सामने आया है। जिसमें आरोप है कि जिस जमीन को औद्योगिक उपयोग के लिए आवंटित किया गया था, वहां आवासीय कॉलोनी विकसित की गई। साथ ही विदेशी लेनदेन और फाइनेंसिंग में भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
सियासी असर और आगे की रणनीति
ED की इस कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में माहौल गरमा गया है। AAP इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि विपक्ष इस मामले में पारदर्शिता और जांच की मांग कर रहा है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का असर आने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है। इससे न सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी बढ़ेगी, बल्कि जनता के बीच भी अलग-अलग संदेश जाएंगे।
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