
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के ग्रामीण इलाकों में एक अज्ञात बीमारी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जिसमें जिले के माछुर्दा, अदोरी, बोंडारी, कोरका और कुंडेकासा समेत कई गांवों में पिछले करीब 40 दिनों से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 26 जून से अब तक इस बीमारी से 8 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार , इन गांवों में सबसे ज्यादा असर कुंडेकासा क्षेत्र में बताया जा रहा है। यहां बड़ी संख्या में बच्चों और ग्रामीणों में बुखार, त्वचा संबंधी परेशानी, सर्दी-खांसी और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आए हैं। बीमारी के मामलों में अचानक बढ़ोतरी के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में मेडिकल टीमों को भेजकर जांच और उपचार का काम तेज कर दिया है।
कई तरह के संक्रमण के लक्षण मिले
बालाघाट के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. परेश उपलाप के मुताबिक, प्रभावित हुए बच्चों में किसी एक बीमारी के स्पष्ट लक्षण नहीं मिले हैं। जिन बच्चों की मौत हुई है और जो अस्पतालों में भर्ती हैं, उनमें मलेरिया बुखार, खुजली और दूसरे संक्रमणों के लक्षण दिखाई दिए हैं। जिसमें कुछ मरीजों में पोषण संबंधी कमियों के संकेत भी मिले हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह भी है कि मरीजों में एक जैसे लक्षण नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में कुछ लोगों में तेज बुखार है तो कुछ में त्वचा संक्रमण और खुजली की समस्या देखी जा रही है। कई मरीजों में सर्दी-खांसी, डिहाइड्रेशन और कमजोरी की शिकायत भी सामने आई है।
मलेरिया से लेकर टाइफाइड तक के मामले
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शुरुआती जांच में प्रभावित गांवों में मलेरिया, टाइफाइड, फंगल और त्वचा संक्रमण, खुजली, खसरा, बुखार, सर्दी-खांसी और डिहाइड्रेशन जैसे मामले सामने आए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन सभी मामलों के पीछे कोई एक ही कारण है।
इसी वजह से बीमारी की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए व्यापक स्तर पर जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर मरीजों की जानकारी जुटा रही हैं और जरूरत के अनुसार उनकी जांच कर रही हैं।
#WATCH | Balaghat, Madhya Pradesh: Health Department conducts medical camps as Baiga tribal belt faces disease outbreak with 8 child deaths reported in two months.
CMHO, Balaghat, Dr Paresh Uplap says, “Initially, we realised that this is a tribal-dominated area where residents… pic.twitter.com/iJ8iJOQ0qC
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) August 13, 2026
पानी और खाने के सैंपल की भी जांच
बीमारी फैलने के संभावित कारणों का पता लगाने के लिए प्रशासन ने प्रभावित गांवों में पीने के पानी और खाद्य पदार्थों की भी जांच शुरू की है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीमें पानी के सैंपल और मरीजों के रक्त के नमूने एकत्र कर रही हैं।
इन सैंपलों को देश के अलग-अलग उन्नत परीक्षण केंद्रों में जांच के लिए भेजा गया है। इनमें कोलकाता स्थित ICMR संस्थान और पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV) समेत अन्य जांच केंद्र शामिल हैं। अधिकारियों को इन जांच रिपोर्टों का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के संभावित कारण को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
गांवों में लगाए जा रहे मेडिकल कैंप
मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। मेडिकल टीमों की ओर से ग्रामीणों की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल रेफर किया जा रहा है। गंभीर हालत वाले बच्चों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें बीमारी के फैलाव पर लगातार नजर रख रही हैं। ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह
प्रशासन ने ग्रामीणों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। लोगों को पीने के लिए साफ या उबला हुआ पानी इस्तेमाल करने और आसपास गंदगी जमा नहीं होने देने की सलाह दी गई है। किसी व्यक्ति, खासकर बच्चे में लगातार बुखार, कमजोरी, त्वचा पर दाने या खुजली, उल्टी-दस्त, सर्दी-खांसी या डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने को कहा गया है।
ऐसे में फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता बीमारी के कारण का पता लगाने के साथ-साथ मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना है। आठ बच्चों की मौत के बाद प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहा है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। बीमारी की वजह स्पष्ट होने के बाद ही इसके संक्रमण को रोकने के लिए आगे की रणनीति तय की जा सकेगी।
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अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






