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Vote Chori Row: राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ को लेकर बड़ा हमला, कहा- ऐसे सांसद कैसे बना रहे हैं देश के कानून?
Vote Chori Row: राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ को लेकर बड़ा हमला
Vote Chori Row: राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ को लेकर बड़ा हमला

Vote Chori Row: चुनाव आयोग को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर वोटों में हेरफेर करके सांसद चुने जाते हैं, तो वही लोग संसद में कानून बनाते हैं। राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र और संविधान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। ऐसे में यहां पढ़ें पूरी खबर

राहुल गांधी ने क्या कहा?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है।

राहुल गांधी ने दावा किया कि अगर किसी चुनाव में मतदाताओं के वोट प्रभावित होते हैं और उसी आधार पर सरकार या सांसद चुने जाते हैं, तो उसका असर आगे बनने वाले कानूनों पर भी पड़ता है। उन्होंने इसे केवल वोटों का मुद्दा नहीं बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफा देने की मांग भी की। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि संस्था की निष्पक्षता को लेकर लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिलना चाहिए।

हरियाणा, महाराष्ट्र और यूपी के चुनावों का भी जिक्र

राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत अलग-अलग चुनावों के नतीजों पर सवाल उठाए। उन्होंने सत्ता विरोधी लहर यानी Anti-Incumbency का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों और चुनावी नतीजों के बीच अंतर को समझने की जरूरत है।

राहुल गांधी ने कहा कि लंबे समय से राजनीति को देखने के बावजूद उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि कुछ राज्यों में सत्ता विरोधी माहौल चुनावी नतीजों में क्यों नहीं दिखाई दिया। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आंकड़ों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जांच की जरूरत बताई। हालांकि, इन चुनावों में कथित हेरफेर को लेकर राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।

विवाद की शुरुआत कहां से हुई?

विवाद की मौजूदा कड़ी एक रिपोर्ट से जुड़ी है, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयोग के तीन सदस्यों में से दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में कई फैसलों पर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कम से कम 14 बार विभिन्न फैसलों पर आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में SIR, नए मतदाताओं से जुड़े Form 6 में बदलाव, मतदाता नाम हटाने और चुनावी डेटाबेस के प्रबंधन जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ आपत्तियों में ऐसे फैसलों को लेकर सवाल उठाए गए जिनके बारे में दोनों आयुक्तों ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी या मंजूरी नहीं थी। इन रिपोर्टों के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज कर दी।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

विपक्ष के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेद या किसी तरह की संस्थागत फूट के दावों को खारिज किया है। आयोग के अनुसार, ड्राफ्ट स्तर पर किसी प्रस्ताव पर टिप्पणी करना, सुझाव देना या सवाल उठाना प्रशासनिक प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है।

ECI के मुताबिक, SIR समेत सभी महत्वपूर्ण फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा कि रिपोर्ट में जिन आपत्तियों का उल्लेख किया गया है, उन्हें अंतिम निर्णय के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

SIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

Special Intensive Revision यानी SIR के तहत मतदाता सूची की जांच और संशोधन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र-अयोग्य मतदाताओं से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करना है। इसी प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए हैं।

इसी बीच दिल्ली में SIR प्रक्रिया से जुड़े नोटिसों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने ‘logical discrepancy’ जैसे आधारों पर जारी नोटिसों की प्रक्रिया को लेकर सवाल किए हैं।

अब आगे क्या होगा?

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की राहुल गांधी की मांग के बाद यह विवाद और राजनीतिक रूप से गरमा गया है। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की जांच और SIR प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग अपने फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बता रहा है।

ऐसे में आगे की स्थिति चुनाव आयोग की ओर से आने वाली विस्तृत सफाई, न्यायिक कार्यवाही और SIR से जुड़े मामलों में होने वाली सुनवाई पर निर्भर करेगी। फिलहाल ‘Vote Chori’ विवाद में विपक्ष के आरोप और चुनाव आयोग का जवाब आमने-सामने हैं।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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