
Karur Stampede: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय शुक्रवार को करूर जिले के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका करूर का पहला आधिकारिक दौरा होगा, जिसे प्रशासनिक और भावनात्मक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है। इस दौरान वह पिछले वर्ष सितंबर में हुई करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात करेंगे और 32 पात्र परिजनों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा उस दर्दनाक घटना के लगभग एक वर्ष बाद हो रहा है, जिसने पूरे तमिलनाडु को झकझोर दिया था। राज्य सरकार का कहना है कि पीड़ित परिवारों के पुनर्वास और आर्थिक सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
32 परिवारों को मिलेंगे सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र
सरकारी कार्यक्रम के तहत भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के 32 पात्र सदस्यों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा और वे अपने भविष्य को अधिक सुरक्षित बना सकेंगे। यह निर्णय हादसे के बाद किए गए पुनर्वास वादों का हिस्सा माना जा रहा है।
41 मृतकों के परिजनों से भी करेंगे मुलाकात
मुख्यमंत्री विजय करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे। वे परिजनों को सांत्वना देंगे और सरकार द्वारा किए जा रहे पुनर्वास कार्यों की जानकारी भी साझा करेंगे। यह मुलाकात उनके दौरे का सबसे संवेदनशील हिस्सा मानी जा रही है।
क्या हुआ था करूर भगदड़ में?
27 सितंबर 2025 को करूर में तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) की एक चुनावी रैली के दौरान भारी भीड़ जुटी थी। इसी दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे तथा मामले की जांच शुरू की गई थी।
‘मक्कल संधिप्पु’ कार्यक्रम को भी करेंगे संबोधित
मुख्यमंत्री विजय करूर-सेलम राजमार्ग पर स्थित एक निजी कॉलेज परिसर में आयोजित ‘मक्कल संधिप्पु’ (जन संवाद) कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में वह पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद करूर में यह उनका पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम होगा।
QR कोड पास से ही मिलेगा प्रवेश
टीवीके के महासचिव और राज्य मंत्री एन. आनंद ने बताया कि कार्यक्रम में सुरक्षा कारणों से सीमित लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। केवल QR कोड आधारित प्रवेश पास रखने वाले लगभग 5,000 लोगों को कार्यक्रम स्थल में आने की अनुमति होगी। उन्होंने सभी से पुलिस के निर्देशों का पालन करने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए करूर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रिपोर्टों के अनुसार, हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री के पूरे यात्रा मार्ग और कार्यक्रम स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल मौजूद रहेगा ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
विकास परियोजनाओं पर भी रहेगा फोकस
सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय एक बड़े औद्योगिक निवेश से जुड़ी परियोजना की आधारशिला भी रख सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, करूर में लगभग ₹1,700 करोड़ की लागत से एक गैर-चमड़ा फुटवियर निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना है, जिससे हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है दौरा
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह पहला आधिकारिक करूर दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल के दिनों में इस दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी हुई। मामले से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री की यात्रा पर रोक लगाने से इनकार किया था। हालांकि, राज्य सरकार का कहना है कि दौरे का मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवारों का पुनर्वास और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
पीड़ित परिवारों के लिए राहत का कदम
सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें उन परिवारों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक सहायता के रूप में भी देखा जा रहा है, जिन्होंने हादसे में अपने कमाने वाले सदस्य को खो दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में अनुकंपा नियुक्तियां प्रभावित परिवारों को नई शुरुआत करने में मदद करती हैं।
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