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Tamil Nadu Politics: विजय की पार्टी TVK का बड़ा कदम, 9 सितंबर को गठबंधन के नाम का ऐलान संभव

Tamil Nadu Politics: विजय की पार्टी TVK का बड़ा कदम

Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में एक्टर से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पार्टी के नेतृत्व में बने गठबंधन को एक नई पहचान देने की तैयारी शुरू हो गई है। बता दें 9 सितंबर को होने वाली गठबंधन की दूसरी बैठक इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

वही, इस बैठक में कांग्रेस, CPI, CPM, VCK और IUML समेत गठबंधन के सभी प्रमुख सहयोगी दल शामिल होंगे। जिसमें माना जा रहा है कि बैठक में गठबंधन के आधिकारिक नाम की घोषणा की जा सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं खबर को लेकर पूरी जानकारी

1 जुलाई को हुई थी पहली बैठक

TVK गठबंधन की पहली बैठक 1 जुलाई को कोवलम में हुई थी। इस बैठक में गठबंधन के घटक दलों के बीच आगे की राजनीतिक रणनीति और साझा कार्यक्रम को लेकर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद से ही गठबंधन के लिए एक साझा नाम तय करने और न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार करने की कवायद चल रही थी।

अब 9 सितंबर को होने वाली दूसरी बैठक में इन मुद्दों को आगे बढ़ाया जाएगा। सबसे ज्यादा चर्चा गठबंधन के नाम को लेकर है। अगर बैठक में नाम पर सहमति बनती है तो यह गठबंधन तमिलनाडु की राजनीति में एक स्पष्ट राजनीतिक पहचान के साथ आगे बढ़ सकता है।

TVK के साथ कांग्रेस के अलावा CPI, CPM, VCK और IUML जैसे दल जुड़े हुए हैं। सभी दलों को एक मंच पर लाने का मकसद चुनावी राजनीति में एक मजबूत मोर्चा तैयार करना बताया जा रहा है।

सरकार चलाने के लिए सहयोगियों का साथ जरूरी

TVK के नेतृत्व वाली सरकार के लिए सहयोगी दलों का समर्थन बेहद महत्वपूर्ण है। पार्टी के पास विधानसभा में अपने दम पर पूर्ण बहुमत नहीं है। ऐसे में कांग्रेस, वाम दलों और अन्य सहयोगियों का समर्थन सरकार की स्थिरता के लिए जरूरी माना जा रहा है।

कांग्रेस के पांच विधायक हैं और पार्टी के दो मंत्री भी सरकार में शामिल हैं। ऐसे में TVK नेतृत्व की कोशिश है कि गठबंधन के सभी दलों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे। किसी भी तरह की आंतरिक खींचतान या मतभेद सरकार और गठबंधन दोनों के लिए चुनौती बन सकते हैं। इसी वजह से 9 सितंबर की बैठक को केवल गठबंधन का नाम तय करने के लिहाज से ही नहीं, बल्कि सहयोगी दलों के बीच एकजुटता दिखाने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

विजय के नाम पर भी बढ़ी चर्चा

इस बीच TVK प्रमुख विजय को लेकर भी गठबंधन के भीतर राजनीतिक चर्चा तेज है। 2029 के लोकसभा चुनाव में विजय को विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने की मांग पार्टी के कुछ नेताओं की ओर से उठाई गई है।

TVK के कुछ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से विजय को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने की बात कही है। पार्टी के विधायक कनिमोझी ने दावा किया था कि 2029 में विजय TVK की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं। उन्होंने कहा था कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, इसका फैसला दिल्ली नहीं बल्कि तमिलनाडु करेगा। वही, रानीपेट की विधायक आई. ताहिरा और आर. निर्मल कुमार समेत पार्टी के कुछ अन्य नेताओं ने भी विजय की राष्ट्रीय राजनीति में संभावित भूमिका का समर्थन किया है।

कांग्रेस की पसंद राहुल गांधी

विजय को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने की मांग के बीच कांग्रेस का रुख अलग नजर आ रहा है। कांग्रेस की ओर से 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए पसंद बताया गया है।

कांग्रेस विधायक दल की नेता थरहाई कथबर्ट ने TVK नेताओं के बयानों को उनके व्यक्तिगत उत्साह से जुड़ा बताया है। वहीं कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने ऐसे दावों को ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। उनका कहना है कि आखिरकार प्रधानमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला देश के मतदाता करेंगे। इससे यह साफ है कि गठबंधन के भीतर राष्ट्रीय स्तर के नेतृत्व को लेकर अभी पूरी तरह एकराय नहीं बनी है। हालांकि राज्य स्तर पर दोनों दल साथ मिलकर सरकार का हिस्सा हैं।

क्या INDIA ब्लॉक का हिस्सा है TVK?

TVK औपचारिक तौर पर INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। हालांकि तमिलनाडु में कांग्रेस उसके साथ गठबंधन सरकार में शामिल है। इसके अलावा वाम दल, VCK और IUML भी गठबंधन का हिस्सा हैं।

ऐसे में TVK और कांग्रेस के बीच तालमेल तमिलनाडु की राजनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। एक तरफ TVK अपने गठबंधन को मजबूत और संगठित करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विजय के राष्ट्रीय राजनीतिक कद को लेकर पार्टी नेताओं के बयान नई बहस पैदा कर रहे हैं।

9 सितंबर की बैठक पर टिकी नजर

अब सभी की नजर 9 सितंबर को होने वाली TVK गठबंधन की दूसरी बैठक पर है। इस बैठक में गठबंधन का नाम तय होने के साथ-साथ न्यूनतम साझा कार्यक्रम और आगे की राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

गठबंधन का नाम सामने आने के बाद यह भी स्पष्ट हो सकता है कि TVK और उसके सहयोगी दल आगामी राजनीतिक चुनौतियों से किस तरह निपटने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही विजय के नेतृत्व और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर गठबंधन के भीतर किस तरह की रणनीति बनती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल 9 सितंबर की बैठक तमिलनाडु की राजनीति में कई सवालों के जवाब दे सकती है। गठबंधन को नया नाम मिलता है या नहीं, सहयोगी दलों के बीच नेतृत्व को लेकर सहमति बनती है या नहीं और विजय की राष्ट्रीय राजनीति को लेकर पार्टी का रुख क्या रहता है—इन सभी मुद्दों पर बैठक के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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