
Karachi Terror Attack: पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर कराची एक बार फिर से आतंकवादी हमले से दहल उठा है। बताया जा रहा है शहर के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित पाकिस्तान रेंजर्स मुख्यालय के पास शनिवार को आत्मघाती हमला हुआ। धमाकों के बाद पूरे इलाके में करीब आधे घंटे तक लगातार गोलीबारी होती रही, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई है। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, हमला गुलिस्तान-ए-जौहर ब्लॉक-6 स्थित पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय के पास हुआ। दरअसल एक आत्मघाती हमलावर ने रेंजर्स कंपाउंड के नजदीक खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। पहला धमाका बेहद शक्तिशाली था, जिसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। इसके कुछ ही देर बाद दो और छोटे विस्फोट हुए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आइए जानते हैं यहां पूरी खबर
धमाकों के बाद हुई भारी गोलीबारी
खबरों के अनुसार, धमाकों के तुरंत बाद अज्ञात हमलावरों और सुरक्षा बलों के बीच भारी गोलीबारी शुरू हो गई। बता दें की करीब 30 मिनट तक लगातार फायरिंग की आवाजें सुनाई देती रहीं। जिसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया और किसी भी नागरिक को घटनास्थल के आसपास जाने की अनुमति नहीं दी गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक हुए धमाकों और गोलियों की आवाज से लोग घरों और दुकानों के अंदर छिप गए। कई सड़कों पर यातायात रोक दिया गया, जबकि आपातकालीन सेवाओं को भी मौके पर भेजा गया।
अभी तक नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि
ऐसे में फिलहाल पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने हमले में हताहतों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है। किसी आतंकी संगठन ने भी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमला किस संगठन ने किया और इसके पीछे क्या मकसद था।
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला कराची यूनिवर्सिटी और मौसम विभाग के कार्यालय के पास हुआ, जो पहले से ही संवेदनशील इलाका माना जाता है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
दरअसल हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान रेंजर्स, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान शुरू कर दिया। इलाके में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। संदिग्धों की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से अहम सबूत जुटाए जा रहे हैं। बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है, ताकि विस्फोट में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक की जांच की जा सके।
क्या है पाकिस्तान रेंजर्स?
पाकिस्तान रेंजर्स देश का एक प्रमुख अर्धसैनिक बल (Paramilitary Force) है। इसका मुख्य काम अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा, आंतरिक कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आतंकवाद विरोधी अभियानों में हिस्सा लेना है।
रेंजर्स कई बार दंगों को नियंत्रित करने, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था संभालने, बड़े आयोजनों और वीआईपी सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह बल पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर भी अभियान चलाता है।
दो हिस्सों में बंटा है रेंजर्स
पाकिस्तान रेंजर्स मुख्य रूप से दो भागों में कार्य करता है।
- पंजाब रेंजर्स – यह पंजाब प्रांत और भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पंजाब सेक्टर की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है।
- सिंध रेंजर्स – यह सिंध प्रांत, विशेष रूप से कराची और उसके आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आतंकवाद विरोधी अभियानों में सक्रिय रहता है।
कराची में अपराध और आतंकवाद से जुड़े मामलों के कारण सिंध रेंजर्स की तैनाती हमेशा बड़ी संख्या में रहती है। इसी वजह से गुलिस्तान-ए-जौहर स्थित रेंजर्स मुख्यालय को हाई-सिक्योरिटी जोन माना जाता है।
कराची में पहले भी हो चुके हैं हमले
कराची पाकिस्तान का आर्थिक केंद्र होने के साथ-साथ सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील शहर माना जाता है। पिछले कई वर्षों में यहां पुलिस, सेना, रेंजर्स और सरकारी संस्थानों को निशाना बनाकर कई आतंकी हमले किए जा चुके हैं। हालांकि हाल के वर्षों में सुरक्षा अभियानों के चलते ऐसे हमलों में कमी आई थी, लेकिन ताजा घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच अभी भी जारी
सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हमले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। फिलहाल पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और आम लोगों से सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।






