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Abhishek Banerjee Statement: घमंडी कहे जाने पर भी शांत रहे अभिषेक, बोले-‘कल्याण दा को बोलने का पूरा अधिकार’
Current image: Abhishek Banerjee Statement: घमंडी कहे जाने पर भी शांत रहे अभिषेक

Abhishek Banerjee Statement: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही खींचतान चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है की पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने पहली बार ऑफिशियल तौर से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने संयमित और शांत अंदाज में कहा कि कल्याण बनर्जी उनके वरिष्ठ हैं और उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।

जानकारी के लिए बता दें की कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कल्याण बनर्जी ने उन्हें बचपन से बड़ा होते देखा है। ऐसे में अगर वे कोई राय रखते हैं तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि उनके मन में कल्याण बनर्जी के प्रति किसी प्रकार की नाराजगी या कड़वाहट नहीं है।

क्या बोले अभिषेक बनर्जी?

दरअसल पत्रकारों से बातचीत के दौरान अभिषेक बनर्जी ने कहा, “कल्याण बनर्जी मेरे सीनियर हैं। उन्होंने मुझे बचपन से देखा है। उन्हें अपनी बात रखने और आलोचना करने का पूरा अधिकार है। मैं उनका सम्मान करता हूं और उनके खिलाफ कुछ भी नहीं बोलूंगा।” ऐसे में उन्होंने आगे कहा कि पार्टी से जुड़े सभी मुद्दों पर आंतरिक स्तर पर चर्चा की जाएगी और सार्वजनिक रूप से किसी तरह की बयानबाजी से बचा जाएगा। अभिषेक का यह बयान ऐसे समय आया है जब टीएमसी के अंदर नेतृत्व और फैसलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

कल्याण बनर्जी ने लगाए थे गंभीर आरोप

दरअसल, गुरुवार को टीएमसी (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि अभिषेक “बहुत घमंडी” हो गए हैं और उन्हें वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करना नहीं आता। कल्याण बनर्जी ने पार्टी की हालिया राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी हार के लिए भी अभिषेक को जिम्मेदार ठहराया था। इतना ही नहीं, उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के सामने एक तरह का अल्टीमेटम भी रख दिया था। कल्याण बनर्जी ने कहा था कि पार्टी को तय करना होगा कि वह अभिषेक बनर्जी को रखेगी या उन्हें। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी अभिषेक के बिना नहीं चल सकती तो वे खुद पार्टी छोड़ने को तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि उनकी निष्ठा ममता बनर्जी के साथ है और वे उन्हें ही अपना नेता मानते हैं।

बीजेपी पर भी बरसे अभिषेक

आंतरिक विवादों पर प्रतिक्रिया देने के साथ-साथ अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि टीएमसी किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है।

अभिषेक ने कहा, “हम इस लड़ाई में एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। हमें एजेंसियों का डर नहीं है। ईडी, सीबीआई और सीआईडी जैसी जांच एजेंसियां हमें झुका नहीं सकतीं। विधायक और सांसद खरीदकर टीएमसी को कमजोर करने की कोशिशें भी सफल नहीं होंगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन टीएमसी इससे डरने वाली नहीं है।

CID जांच पर क्या कहा?

आपकी जानकारी के लिए बता दें की हाल ही में सीआईडी (CID) द्वारा पूछताछ किए जाने को लेकर भी अभिषेक बनर्जी ने खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था और उन्होंने जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया। अभिषेक ने कहा, “मुझे शाम को नोटिस मिला था और मैं निर्धारित समय पर पहुंचा। करीब साढ़े पांच घंटे तक मुझसे पूछताछ की गई। मुझे 14 जून को फिर से बुलाया गया है और मैं वहां भी जाऊंगा।” उन्होंने कहा कि वे हमेशा कानून और जांच एजेंसियों का सम्मान करते हैं तथा किसी भी जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

टीएमसी में बढ़ रही अंदरूनी नाराजगी

दरअसल पिछले कुछ समय से तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पार्टी छोड़ चुके हैं या नेतृत्व के खिलाफ खुलकर बयान दे रहे हैं।

पार्टी छोड़ने वाले कई नेताओं ने आरोप लगाया है कि अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव के कारण वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी हो रही है। कुछ नेताओं का कहना है कि पार्टी के महत्वपूर्ण फैसले सीमित लोगों द्वारा लिए जा रहे हैं, जिससे पुराने नेताओं में नाराजगी बढ़ रही है। इसी कारण हाल के दिनों में टीएमसी के भीतर गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर बहस तेज हो गई है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने भी दिया था बयान

टीएमसी के वरिष्ठ सांसद और अभिनेता Shatrughan Sinha ने भी हाल ही में पार्टी नेतृत्व को लेकर बयान दिया था। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि जब तक वे तृणमूल कांग्रेस में रहेंगे, उनकी नेता केवल Mamata Banerjee ही रहेंगी।

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा था कि वे पार्टी में किसी अन्य नेता को अपना राजनीतिक नेतृत्व नहीं मानते। उनके इस बयान को भी टीएमसी के भीतर चल रही राजनीतिक हलचल से जोड़कर देखा गया।

ममता बनर्जी के सामने बड़ी चुनौती

पार्टी के अंदर बढ़ते मतभेदों ने मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो Mamata Banerjee की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ विपक्ष लगातार पार्टी पर हमलावर है, वहीं दूसरी तरफ वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी भी सामने आ रही है।

राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में ममता बनर्जी को संगठन को एकजुट रखने के लिए बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। पार्टी के भीतर बढ़ते विवाद यदि समय रहते नहीं सुलझाए गए तो इसका असर भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों पर भी पड़ सकता है।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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