
Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: जैसा कि आप सब लोग जानते हैं कि पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर काफी खबरें चर्चा में है। दरअसल, आज मंदिर के चढ़ावे के कथित गबन मामले की जांच में एक नया और बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। यूपी सरकार (UP sarkar) द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पता चला है कि चढ़ावे की गिनती और उसके प्रबंधन के लिए बनाई गई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन नहीं किया जा रहा थी, जिसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया है।
जानकारी के लिए बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) को पहले से ही चढ़ावे के प्रबंधन में गड़बड़ी की आशंका थी। इसी वजह से ट्रस्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ मिलकर नकदी की सुरक्षा, मंदिर के दान पात्रों की निगरानी और गिनती की पारदर्शी व्यवस्था के लिए विस्तृत SOP तैयार की थी, लेकिन बाद में इन सभी नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे पूरे मामले पर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सितंबर 2024 और फरवरी 2025 में तैयार हुई थी SOP
मिली जानकारी के अनुसार, सितंबर 2024 और फरवरी 2025 में ट्रस्ट और एसबीआई अधिकारियों के बीच कई बैठकें हुई थीं। इन बैठकों में तय किया गया था कि दान पात्र (हुंडी) कब खोले जाएंगे, नकदी की गिनती कैसे होगी, रिकॉर्ड किस तरह तैयार किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी रहेगी। इस SOP पर एसबीआई की ओर से गोविंद मिश्र और ट्रस्ट की ओर से अनिल मिश्रा ने अपने हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, SIT की जांच में सामने आया कि बाद में चढ़ावे की गिनती के दौरान इन तय नियमों का पालन नहीं किया गया।
ड्राइवर के पास कैसे पहुंचीं दान पात्र की चाबियां?
राम मंदिर जांच (Ram Mandir Investigation) का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि वाहन चालक के रूप में कार्यरत आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास दान पात्रों की चाबियां थीं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, उसे इस संबंध में कोई अधिकृत जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। अब SIT यह पता लगाने में जुटी है कि मंदिर की हुंडियों की चाबियां एक ड्राइवर तक कैसे पहुंचीं और लंबे समय तक यह व्यवस्था बिना किसी आपत्ति के कैसे चलती रही। जांच अधिकारियों के द्वारा यह माना जा रहा है कि मंदिर की इस सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक का मामला हो सकता है।
नकदी प्रबंधन में मिली कई खामियां
शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि मंदिर चढ़ावे की नकदी के रखरखाव और गिनती की पूरी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दान पात्र से नकदी निकालने, उसे गणना कक्ष तक पहुंचाने और रिकॉर्ड तैयार करने तक कई स्तरों पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि SIT ने अपनी रिपोर्ट में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, अपनी जवाबदेही को साफ और SOP के सख्ती से पालन की सिफारिश की है।
मंदिर चढ़ावे में पहले से थी गड़बड़ी की आशंका
इस जांच से यह भी सामने आया है कि ट्रस्ट को पहले ही चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताओं की आशंका हो गई थी। इसी कारण एसबीआई (SBI) के साथ मिलकर विस्तृत SOP तैयार की गई थी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब नियम पहले से तय थे, तो उन्हें लागू क्यों नहीं किया गया और उनकी निगरानी किस स्तर पर विफल रही।
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा
राम मंदिर चढ़ावे मामले के तूल पकड़ने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से भी इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट की ओर से इस्तीफे को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट और बढ़ते विवाद के बीच यह अहम फैसला लिया गया है।
राम मंदिर चढ़ावे मामले में सभी 8 आरोपी गिरफ्तार
SIT की सिफारिश के बाद दर्ज FIR के आधार पर अयोध्या पुलिस (Ayodhya Police) ने मामले में नामजद सभी 8 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
जानकारी के लिए बता दें कि इस गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के नाम शामिल हैं। इन सभी लोगों पर चढ़ावे की नकदी और कीमती सामान की गिनती और प्रबंधन में कथित अनियमितता के आरोप लगे हैं। फिलहाल के लिए पुलिस सभी आरोपियों से सख्त पूछताछ कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त संदेश
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को सख्त गंभीर बताया है और कहा है कि योगी सरकार (Yogi Government) किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि SIT की रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई और जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को राहत नहीं मिलेगी।
मंदिर चढ़ावे को लेकर आगे क्या होगा?
बताया जा रहा है कि SIT टीम के द्वारा इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अब अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई, अतिरिक्त गिरफ्तारियां या प्रशासनिक निर्णय लिए जाने की आंशका जताई जा रही है। राम मंदिर (Ram Mandir) देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे की व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा सुनिश्चित करना ट्रस्ट और प्रशासन दोनों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
ये भी पढ़ें: Commercial LPG Supply: अमेरिका-ईरान डील का भारत को बड़ा फायदा, सरकार ने कमर्शियल गैस सप्लाई से हटाई सभी पाबंदियां






