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Commercial LPG Supply: अमेरिका-ईरान डील का भारत को बड़ा फायदा, सरकार ने कमर्शियल गैस सप्लाई से हटाई सभी पाबंदियां
Current image: Commercial LPG Supply: अमेरिका-ईरान डील का भारत को बड़ा फायदा

Commercial LPG Supply: पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते के बाद भारत में एलपीजी (LPG) सप्लाई की स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिला है। बताया जा रहा है केंद्र सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड एलपीजी की सप्लाई पर लगी सभी सेक्टोरल पाबंदियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इस फैसले से होटल, रेस्तरां, छोटे उद्योग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सीधा लाभ मिलेगा।

होर्मुज स्ट्रेट खुलने से सुधरी वैश्विक सप्लाई

आपकी जानकारी के लिए बता दें की हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से सामान्य रूप से खोल दिया गया है। इस समुद्री मार्ग से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की आपूर्ति होती है।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण पिछले कुछ समय से एलपीजी की वैश्विक सप्लाई प्रभावित हो रही थी। इसका असर भारत समेत कई देशों पर भी पड़ा था। हालांकि अब हालात ठीक होने लगे हैं और एलपीजी कार्गो की उपलब्धता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए भारत सरकार ने गैस आपूर्ति से जुड़े प्रतिबंधों में राहत देने का फैसला किया है।

कमर्शियल एलपीजी सप्लाई पूरी तरह बहाल

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, देश में कमर्शियल पैक्ड एलपीजी की सप्लाई को संकट से पहले वाले स्तर पर पूरी तरह बहाल कर दिया गया है। पहले सप्लाई की कमी को देखते हुए कई सेक्टरों के लिए एलपीजी वितरण पर कुछ सीमाएं लगाई गई थीं, लेकिन अब इन्हें समाप्त कर दिया गया है।

सरकार का कहना है कि मौजूदा स्थिति में गैस की उपलब्धता पर्याप्त है और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग को आसानी से पूरा किया जा सकता है।

बल्क एलपीजी सप्लाई में भी बड़ी राहत

सरकार ने केवल पैक्ड कमर्शियल एलपीजी ही नहीं बल्कि बल्क एलपीजी उपयोगकर्ताओं को भी राहत दी है। मध्य पूर्व संकट की शुरुआत में बल्क एलपीजी की सप्लाई को पूरी तरह रोक दिया गया था ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध रह सके। ऐसे में अब नए आदेश के तहत उद्योग और व्यावसायिक संस्थान अपनी पूर्व खपत का 50 प्रतिशत तक बल्क एलपीजी प्राप्त कर सकेंगे। इससे बड़े होटल, फैक्ट्रियां, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और अन्य औद्योगिक इकाइयों को राहत मिलेगी।

घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को नहीं होगी परेशानी

सरकार ने साफ कहा है कि उद्योगों को दी गई इस राहत का असर घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। देशभर में घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता पहले की तरह बनी रहेगी और किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।

मंत्रालय ने कहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसी वजह से एलपीजी उत्पादन और वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है।

40 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन उत्पादन की शर्त

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि गैर-एलपीजी उपयोग के लिए C3-C4 स्ट्रीम्स का आवंटन तभी बढ़ाया जाएगा जब देश का कुल घरेलू एलपीजी उत्पादन प्रतिदिन 40,000 मीट्रिक टन से कम नहीं होगा।

इस शर्त का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति किसी भी परिस्थिति में प्रभावित न हो। यदि उत्पादन निर्धारित स्तर से नीचे जाता है तो सरकार आवश्यकतानुसार नए कदम उठा सकती है।

होटल, रेस्तरां और छोटे उद्योगों को मिलेगा लाभ

कमर्शियल एलपीजी सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटने से सबसे ज्यादा फायदा होटल, रेस्तरां, कैटरिंग व्यवसाय, बेकरी, डेयरी यूनिट और छोटे उद्योगों को होगा। पिछले कुछ समय से गैस आपूर्ति में कमी के कारण इन क्षेत्रों को संचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। अब सप्लाई सामान्य होने से उत्पादन और सेवाओं पर सकारात्मक असर पड़ेगा। कारोबारियों का मानना है कि इससे उनकी लागत और परिचालन संबंधी परेशानियां कम होंगी।

आयात और घरेलू उत्पादन में सुधार

पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, घरेलू एलपीजी उत्पादन में वृद्धि और आयातित एलपीजी कार्गो की बेहतर उपलब्धता के कारण सप्लाई की स्थिति मजबूत हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता लौटने के बाद भारत को भी पर्याप्त मात्रा में एलपीजी प्राप्त हो रही है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में शांति बनी रहती है तो आने वाले महीनों में एलपीजी बाजार और अधिक स्थिर हो सकता है।

डेटा मॉनिटरिंग पर सरकार का जोर

भविष्य में सप्लाई संकट जैसी स्थितियों से निपटने के लिए सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को एक व्यापक और यूनिफाइड डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

इस डेटाबेस में देशभर के कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी उपभोक्ताओं की जानकारी शामिल होगी। इससे सरकार को मांग और सप्लाई का बेहतर आकलन करने में मदद मिलेगी और आपूर्ति प्रबंधन अधिक प्रभावी बन सकेगा।

PNG कनेक्टिविटी बढ़ाने पर फोकस

सरकार ने यह भी दोहराया है कि देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का विस्तार उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिक से अधिक उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को PNG से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि PNG नेटवर्क के विस्तार से एलपीजी पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा आपूर्ति अधिक स्थिर तथा किफायती बन सकेगी।

क्या है इस फैसले का असर?

सरकार के इस फैसले से कमर्शियल और इंडस्ट्रियल क्षेत्र को तत्काल राहत मिलेगी। गैस की बेहतर उपलब्धता से उत्पादन गतिविधियां सामान्य होंगी और व्यवसायों को संचालन में आसानी होगी। वहीं सरकार ने यह भरोसा भी दिलाया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

मध्य पूर्व में हालात सामान्य होने और वैश्विक सप्लाई चेन के सुधरने के बीच यह फैसला देश के उद्योग जगत के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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