
Modi Trump Meeting G7: फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी-7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 16 महीने बाद पहली मुलाकात हुई। बताया जा रहा है दोनों नेताओं ने समिट स्थल पर एक-दूसरे का गर्मजोशी से अभिवादन किया और हाथ मिलाकर बातचीत की है। जिसमें यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब हाल के दिनों में भारत और अमेरिका के बीच कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद भी सामने आए थे।
जानकारी के लिए बता दें की जी-7 सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुनिया के कई बड़े नेता फ्रांस पहुंचे हैं। इसी दौरान जब डोनाल्ड ट्रंप बैठक हॉल में मौजूद थे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां पहुंचे। जिसके बाद मोदी को देखते ही ट्रंप अपनी सीट से उठे और दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया। इस दौरान दोनों के बीच करीब 50 सेकंड तक बातचीत भी हुई।
दोस्ताना अंदाज में दिखे दोनों नेता
बता दें जी-7 समिट की औपचारिक कार्यवाही शुरू होने से पहले हुई यह मुलाकात काफी दोस्ताना माहौल में हुई। जिसमें दोनों नेताओं के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी और उन्होंने एक-दूसरे का अभिवादन किया। इस संक्षिप्त मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि यह केवल एक अनौपचारिक मुलाकात थी, लेकिन इसकी राजनीतिक और कूटनीतिक अहमियत काफी ज्यादा मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, तकनीक और वैश्विक सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
तनाव के बाद पहली मुलाकात
ऐसे में यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हाल ही में होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी नेवी की कार्रवाई के दौरान तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी। इस घटना पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और अपनी नाराजगी अमेरिका के सामने जाहिर की थी।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान के बाद दोनों देशों के बीच कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बनी थी। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के सामने भारत की आपत्ति स्पष्ट रूप से रखी थी। ऐसे में जी-7 के मंच पर मोदी और ट्रंप की यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
बुधवार को होगी औपचारिक द्विपक्षीय बैठक
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच औपचारिक द्विपक्षीय बैठक कल बुधवार शाम करीब 6:15 बजे आयोजित की जाएगी। इस बैठक में दोनों नेता कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर सकते हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बैठक में व्यापार, रक्षा सहयोग, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, वैश्विक संघर्षों और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। इसके अलावा दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा होने की संभावना है।
जी-7 में लगातार सातवीं बार शामिल हुए पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 समिट में भाग लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर फ्रांस पहुंचे हैं। यह लगातार सातवीं बार है जब पीएम मोदी जी-7 सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि भारत इस समूह का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया के प्रमुख विकसित देश लगातार भारत को इस मंच पर आमंत्रित करते रहे हैं।
भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत, वैश्विक प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सक्रिय भूमिका के कारण जी-7 देशों के लिए भारत की भागीदारी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्रधानमंत्री मोदी भी इस मंच का उपयोग विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ की आवाज उठाने के लिए करते रहे हैं।
कई विश्व नेताओं से करेंगे मुलाकात
जी-7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। वह कई देशों के प्रमुख नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इनमें कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मुलाकात शामिल है।
इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। भारत व्यापार, निवेश, तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दे सकता है।
मैक्रों ने किया पीएम मोदी का स्वागत
जी-7 समिट की मेजबानी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कर रहे हैं। समिट स्थल पर पहुंचने पर मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। शाम को आयोजित गाला डिनर में भी पीएम मोदी अन्य वैश्विक नेताओं के साथ शामिल होंगे।
जी-7 सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है, जब दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है। वैश्विक आर्थिक मंदी, ऊर्जा संकट, क्षेत्रीय संघर्ष और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे इस समिट के प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं।
भारत के लिए क्यों अहम है यह समिट?
भारत भले ही जी-7 का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन उसकी भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं भारत को वैश्विक विकास और स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देख रही हैं।
ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की यह मुलाकात न केवल भारत-अमेरिका संबंधों के लिए अहम है, बल्कि वैश्विक राजनीति और रणनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले दिनों में दोनों नेताओं की औपचारिक बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें बनी रहेंगी।
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