
Nitin Naveen BJP Punjab Mission: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन में बड़े बदलाव करते हुए पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और त्रिपुरा में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। इन नियुक्तियों को बीजेपी के नए संगठनात्मक मिशन के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें की पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन लगातार राज्यों का दौरा कर संगठन को चुनावी मोड में ला रहे हैं, लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा चर्चा पंजाब बीजेपी में हुए बदलाव की हो रही है, जहां 76 वर्षीय केवल सिंह ढिल्लों को नई जिम्मेदारी दी गई है।
संगठन पर फोकस, मिशन मोड में नितिन नवीन
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन इन दिनों लगातार राज्यों का दौरा कर रहे हैं। बता दें की हाल ही में वह उत्तराखंड पहुंचे, जहां उन्होंने विधायकों और संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की। जिसमें उन्होंने नेताओं को सोशल मीडिया पर संयम बरतने और पार्टी मंच पर ही अपनी बात रखने की सलाह दी है। साथ ही, नितिन नवीन ने खास तौर पर उन सीटों पर फोकस करने को कहा है, जहां बीजेपी कम अंतर से चुनाव जीती थी। उनका साफ संदेश है कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किए बिना अगली चुनावी लड़ाई नहीं जीती जा सकती।
पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद नितिन नवीन लगातार एक्टिव नजर आ रहे हैं। बंगाल और असम के नेताओं के साथ बैठक करने के बाद उन्होंने ओडिशा और कर्नाटक का दौरा किया। ओडिशा में बूथ मैनेजमेंट मजबूत करने पर जोर दिया गया, जबकि कर्नाटक में संगठन और सरकार के बीच तालमेल पर चर्चा हुई। अब बीजेपी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से राज्यों में नेतृत्व तैयार कर रही है।
पंजाब में बीजेपी का बड़ा दांव
मिली जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा पंजाब बीजेपी में हुए बदलाव को लेकर हो रही है। बीजेपी ने सुनील जाखड़ की जगह केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। केवल सिंह ढिल्लों पहले कांग्रेस में थे और उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का करीबी माना जाता है। 76 वर्षीय केवल सिंह ढिल्लों बरनाला से दो बार विधायक रह चुके हैं। वह पंजाब कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2022 विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी और बाद में बीजेपी में शामिल हो गए।
ऐसे में बीजेपी की रणनीति साफ मानी जा रही है। पार्टी पंजाब में सिर्फ शहरी हिंदू वोट बैंक तक सीमित नहीं रहना चाहती। बीजेपी अब ग्रामीण इलाकों और जाट सिख वोटरों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है। पंजाब में सिख आबादी करीब 58 फीसदी और हिंदू आबादी लगभग 38 फीसदी मानी जाती है। ऐसे में केवल सिंह ढिल्लों जैसे जाट सिख चेहरे को आगे लाकर बीजेपी नया सामाजिक समीकरण बनाने की तैयारी में है।
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसान संगठनों के प्रति नरम रवैये और ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ होने के कारण केवल सिंह ढिल्लों बीजेपी के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
भगवंत मान ने ली चुटकी
पंजाब बीजेपी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी प्रतिक्रिया दी। जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि बरनाला में कई चुनाव हार चुके केवल सिंह ढिल्लों को अध्यक्ष बनने पर बधाई और सुनील जाखड़ को संवेदनाएं। भगवंत मान ने बीजेपी के कई नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि ईश्वर उन्हें यह अपमान सहने की शक्ति दे। जिसके बाद वरिष्ठ पत्रकार ने भी सवाल उठाया कि बीजेपी अब लगातार कांग्रेस से आए नेताओं पर भरोसा क्यों कर रही है। साथ ही, पार्टी ने 75 साल से ज्यादा उम्र वाले नेताओं को सक्रिय राजनीति से दूर रखने की नीति बनाई थी, लेकिन केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति ने उस लाइन को कमजोर कर दिया है।
दिल्ली बीजेपी में भी बड़ा बदलाव
दिल्ली बीजेपी में भी बड़ा फेरबदल हुआ है। वीरेंद्र सचदेवा की जगह केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया है। खास बात यह है कि दिल्ली में बीजेपी सरकार बनने के बाद यह बदलाव किया गया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दिल्ली बीजेपी के कई नेता वीरेंद्र सचदेवा के कामकाज से खुश नहीं थे। अब हर्ष मल्होत्रा को संगठन की जिम्मेदारी देकर बीजेपी दिल्ली में 2029 की तैयारी अभी से शुरू करना चाहती है। हालांकि एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि केंद्रीय मंत्री रहते हुए प्रदेश अध्यक्ष बनना प्रमोशन है या डिमोशन। बीजेपी की “एक व्यक्ति, एक पद” नीति के चलते माना जा रहा है कि हर्ष मल्होत्रा को जल्द केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है।
हरियाणा में 43 साल बाद महिला अध्यक्ष
हरियाणा बीजेपी में डॉक्टर अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। यह फैसला कई मायनों में खास माना जा रहा है। 43 साल बाद हरियाणा बीजेपी की कमान किसी महिला नेता को मिली है। इससे पहले 1980 में डॉ. कमला वर्मा हरियाणा बीजेपी की पहली महिला अध्यक्ष बनी थीं। अर्चना गुप्ता को केंद्रीय नेतृत्व और संगठन दोनों की पसंद माना जा रहा है। बीजेपी के अंदर यह भी चर्चा थी कि पूर्व मंत्री असीम गोयल को जिम्मेदारी मिल सकती है, लेकिन आखिरकार संगठन ने अर्चना गुप्ता पर भरोसा जताया।
त्रिपुरा में युवा चेहरे पर भरोसा
त्रिपुरा बीजेपी में 44 वर्षीय अभिषेक देबरॉय को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी उन्हें बूथ स्तर की रणनीति और संगठन क्षमता के लिए पहचानती है। बीजेपी पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है और इसी वजह से युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई जा रही है।
पश्चिम बंगाल के बाद अब पंजाब अगला लक्ष्य
बीजेपी लंबे समय से पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही थी। अमित शाह और जेपी नड्डा के दौर में पार्टी वहां सरकार नहीं बना सकी थी, लेकिन नितिन नवीन के नेतृत्व में बीजेपी को बड़ी सफलता मिली। अब पार्टी का अगला बड़ा लक्ष्य पंजाब माना जा रहा है। कृषि कानूनों के बाद शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन टूटने के बाद बीजेपी पंजाब में कमजोर हुई थी। 2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, लेकिन खास सफलता नहीं मिली।
अब बीजेपी नए नेतृत्व और नई सामाजिक रणनीति के जरिए पंजाब में जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति इसी मिशन का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि पश्चिम बंगाल की जीत से मिला आत्मविश्वास बीजेपी को पंजाब में कितना फायदा पहुंचाता है। 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव नितिन नवीन और बीजेपी संगठन दोनों के लिए बड़ी परीक्षा साबित होने वाला है।
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