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श्रीलंका को हराकर सुपर-8 में पहुंचा जिम्बाब्वे, बेनेट बने हीरो
Current image: T20 WC 2026

T20 WC 2026: ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे की टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है।बता दें कि टूर्नामेंट के एक अहम मुकाबले में जिम्बाब्वे ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर बड़ा संदेश दिया है कि उसे हल्के में लेना किसी भी टीम के लिए भारी पड़ सकता है। वहीं,यह मैच कोलंबो के प्रसिद्ध आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया, जहां जिम्बाब्वे ने 179 रनों का लक्ष्य 19.3 ओवर में हासिल कर लिया।

जानकारी के लिए बता दें कि इस जीत के साथ जिम्बाब्वे ने ग्रुप-बी में अपने तीनों मुकाबले जीते, जबकि एक मैच बारिश की वजह से धुल गया। जिसमें कुल 7 अंकों के साथ टीम ग्रुप में शीर्ष पर रही और अब सुपर-8 चरण में भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों से भिड़ेगी।

ब्रायन बेनेट बने जीत के हीरो

जिम्बाब्वे की इस ऐतिहासिक जीत के असली नायक युवा सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट रहे। साथ ही, बेनेट ने 48 गेंदों पर नाबाद 63 रन बनाए, जिसमें 8 चौके शामिल थे। सबसे खास बात यह रही कि वह अंत तक आउट नहीं हुए और टीम को जीत दिलाकर ही मैदान से लौटे।

बेनेट की फॉर्म पूरे टूर्नामेंट में कमाल की रही है। इससे पहले उन्होंने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे की टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है। टूर्नामेंट के एक अहम मुकाबले में जिम्बाब्वे ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर बड़ा संदेश दिया है कि उसे हल्के में लेना किसी भी टीम के लिए भारी पड़ सकता है। यह मैच कोलंबो के प्रसिद्ध आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया, जहां जिम्बाब्वे ने 179 रनों का लक्ष्य 19.3 ओवर में हासिल कर लिया।

इस जीत के साथ जिम्बाब्वे ने ग्रुप-बी में अपने तीनों मुकाबले जीते, जबकि एक मैच बारिश की वजह से धुल गया। कुल 7 अंकों के साथ टीम ग्रुप में शीर्ष पर रही और अब सुपर-8 चरण में भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों से भिड़ेगी।

ब्रायन बेनेट बने जीत के हीरो

जिम्बाब्वे की इस ऐतिहासिक जीत के असली नायक युवा सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट रहे। बेनेट ने 48 गेंदों पर नाबाद 63 रन बनाए, जिसमें 8 चौके शामिल थे। सबसे खास बात यह रही कि वह अंत तक आउट नहीं हुए और टीम को जीत दिलाकर ही मैदान से लौटे। बताया जा रहा है कि बेनेट की फॉर्म पूरे टूर्नामेंट में कमाल की रही है। इससे पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 64 रन और ओमान के विरुद्ध नाबाद 48 रन बनाए थे। यानी मौजूदा वर्ल्ड कप में अब तक कोई भी गेंदबाज उन्हें आउट नहीं कर सका है। यही कारण है कि वह जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी बनकर उभरे हैं।

अंडर-19 से इंटरनेशनल स्टार तक का सफर

ब्रायन बेनेट ने साल 2022 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन कर सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने छह मैचों में 45.50 की औसत से 273 रन बनाए और टीम के सबसे सफल बल्लेबाज रहे। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें जल्दी ही सीनियर स्तर पर मौका मिला। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने तेज शुरुआत की और कुछ ही महीनों में चयनकर्ताओं का ध्यान खींच लिया। फरवरी 2023 में टी20 डेब्यू करते हुए उन्होंने 41 रनों की प्रभावशाली पारी खेली। इसके बाद उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा और 7 दिसंबर 2023 को आयरलैंड के खिलाफ उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा।

रिकॉर्डतोड़ पारियां और पहला अर्धशतक

मई 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज के पांचवें मैच में बेनेट ने 49 गेंदों पर 70 रन बनाकर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाया। वहीं फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने और भी बड़ा कारनामा किया। जिसमें अपने पांचवें ही मैच में उन्होंने नाबाद 264 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 33 चौके और 3 छक्के शामिल थे। इस शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें टेस्ट टीम में भी जगह मिली और वह तीनों फॉर्मेट खेलने वाले प्रमुख युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए।

जुड़वा भाई भी हैं क्रिकेटर

ब्रायन बेनेट की खास बात यह भी है कि उनके जुड़वा भाई डेविड बेनेट भी क्रिकेट खेलते हैं और 2022 अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रहे थे। दोनों भाइयों ने जूनियर स्तर पर जिम्बाब्वे क्रिकेट को नई पहचान दिलाई और अब ब्रायन सीनियर टीम में स्टार बन चुके हैं।

इंटरनेशनल करियर के आंकड़े

  • टेस्ट: 11 मैच, 509 रन, औसत लगभग 30, 2 शतक और 2 अर्धशतक
  • वनडे: 11 मैच, 348 रन, औसत 31 से अधिक, 1 शतक
  • टी20 इंटरनेशनल: 55 मैच, 1771 रन, औसत 35.42, स्ट्राइक रेट 143 से ज्यादा, 1 शतक और 11 अर्धशतक। साथ ही, बल्लेबाजी के अलावा उन्होंने ऑफ-स्पिन गेंदबाजी से 12 अंतरराष्ट्रीय विकेट भी लिए हैं, जिससे उनकी ऑल-राउंड क्षमता साफ नजर आती है।

जिम्बाब्वे की उम्मीदों का नया सितारा

ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ब्रायन बेनेट का लगातार नाबाद रहना जिम्बाब्वे के लिए सबसे बड़ी ताकत बन गया है। वहीं, उनकी शांत बल्लेबाजी, सही शॉट चयन और दबाव में टिके रहने की क्षमता उन्हें खास बनाती है। अगर उनका यही फॉर्म जारी रहा तो जिम्बाब्वे सुपर-8 में भी बड़ा उलटफेर कर सकता है।ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 64 रन और ओमान के विरुद्ध नाबाद 48 रन बनाए थे। यानी मौजूदा वर्ल्ड कप में अब तक कोई भी गेंदबाज उन्हें आउट नहीं कर सका है। यही कारण है कि वह जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी बनकर उभरे हैं।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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