
Telangana News: तेलंगाना की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब मंत्री कोंडा सुरेखा को कैबिनेट से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। बता दें मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार ने सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने की सिफारिश राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को भेज दी है। इस घटनाक्रम के बाद तेलंगाना कांग्रेस में चल रहा अंदरूनी मतभेद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता की ओर से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और पार्टी के कुछ नेताओं को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणियों के बाद सामने आई है। सुष्मिता के बयान के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी बढ़ी और कई नेताओं ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में आइए यहां पढ़ें पूरी खबर
बेटी सुष्मिता ने सीएम रेवंत रेड्डी पर क्या सवाल उठाए?
विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने परकल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी के समर्थन में बयान दिया। बताया गया कि मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों से आगामी चुनाव में प्रकाश रेड्डी को दोबारा समर्थन देने की अपील की है।
मुख्यमंत्री के इस रुख पर कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता ने सवाल उठाए। उन्होंने प्रकाश रेड्डी के समर्थन को लेकर रेवंत रेड्डी की आलोचना की और कहा कि जिस इलाके को वह कोंडा परिवार का क्षेत्र मानती हैं, वहां मुख्यमंत्री की ओर से किसी अन्य नेता के लिए समर्थन मांगना उचित नहीं है।
सुष्मिता की इन टिप्पणियों के बाद तेलंगाना कांग्रेस के भीतर मामला तूल पकड़ने लगा। पार्टी के कई विधायकों और नेताओं ने इस बयान पर नाराजगी जाहिर की और मंत्री कोंडा सुरेखा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पार्टी के स्तर पर सुरेखा से इस पूरे मामले को लेकर स्पष्टीकरण भी मांगा गया।
कोंडा सुरेखा ने बेटी के बयान से खुद को किया अलग
विवाद बढ़ने के बाद मंत्री कोंडा सुरेखा ने अपनी बेटी के बयान से खुद को अलग कर लिया। उन्होंने पार्टी की अनुशासनात्मक समिति के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी बेटी द्वारा दिया गया बयान उनका व्यक्तिगत विचार है।
सुरेखा ने साफ कहा कि किसी व्यक्ति के बयान के लिए उसके परिवार के दूसरे सदस्य को राजनीतिक रूप से जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उनका तर्क था कि केवल पारिवारिक संबंध होने के आधार पर किसी दूसरे व्यक्ति के विचारों की जिम्मेदारी उनसे नहीं ली जा सकती।
सुरेखा ने तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) की अनुशासनात्मक समिति को दिए जवाब में इसी आधार पर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के निजी बयान को उनकी राजनीतिक जिम्मेदारी से जोड़ना उचित नहीं होगा।
कांग्रेस में बढ़ा अंदरूनी विवाद
कोंडा सुरेखा को हटाने की सिफारिश के बाद तेलंगाना कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान और ज्यादा चर्चा में आ गई है। एक तरफ पार्टी नेतृत्व सरकार और संगठन में अनुशासन बनाए रखने पर जोर दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ सुरेखा का पक्ष है कि उनकी बेटी के बयान के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
वहीं, यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब तेलंगाना कांग्रेस में अलग-अलग नेताओं के बीच राजनीतिक प्रभाव और स्थानीय स्तर पर नेतृत्व को लेकर मतभेद समय-समय पर सामने आते रहे हैं। कोंडा परिवार और स्थानीय कांग्रेस नेताओं के बीच राजनीतिक समीकरण भी इस पूरे विवाद में अहम माने जा रहे हैं। मंत्री को कैबिनेट से हटाने की सिफारिश के बाद अब राज्यपाल की ओर से आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। फिलहाल इस घटनाक्रम ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार और पार्टी संगठन के बीच चल रहे राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगे क्या होगा?
अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने की सिफारिश पर राज्यपाल की ओर से क्या कदम उठाया जाता है। इसके साथ ही कांग्रेस के भीतर इस विवाद को शांत करने के लिए पार्टी नेतृत्व किस तरह का फैसला लेता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल कोंडा सुरेखा ने अपनी बेटी के बयान से दूरी बनाते हुए अपना पक्ष पार्टी के सामने रख दिया है। दूसरी ओर, बेटी के बयान के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग और कैबिनेट से हटाने की सिफारिश ने तेलंगाना की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
ऐसे में अब आने वाले दिनों में यह मामला कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर कितना असर डालता है और कोंडा सुरेखा की राजनीतिक भूमिका किस दिशा में जाती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






