
Telangana Heatwave: तेलंगाना में भीषण गर्मी और लू ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. राज्य के कई जिलों में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि हीटस्ट्रोक और लू की चपेट में आने से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है. बढ़ती मौतों और बिगड़ते हालात को देखते हुए तेलंगाना सरकार ने राहत और बचाव के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. इसके साथ ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सरकार ने लोगों से दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की अपील की है.
लगातार बढ़ रहा तापमान, कई जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार तेलंगाना के कई जिलों में तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है. जयशंकर भूपालपल्ली, वारंगल, करीमनगर, निजामाबाद, रंगा रेड्डी, सूर्यापेट और जोगुलम्बा गडवाल जैसे जिलों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने हुए हैं. दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक लू की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मई के आखिरी सप्ताह में ही जून जैसी गर्मी महसूस की जा रही है. कई इलाकों में रात का तापमान भी सामान्य से ज्यादा बना हुआ है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही.
7 जिलों में 16 लोगों की मौत
सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक अब तक सात जिलों में 16 लोगों की मौत दर्ज की गई है. इनमें सबसे ज्यादा मौतें जयशंकर भूपालपल्ली जिले में हुई हैं. यहां चार लोगों ने लू की वजह से दम तोड़ दिया. इसके अलावा वारंगल अर्बन, करीमनगर और निजामाबाद में तीन-तीन लोगों की मौत हुई है. वहीं जोगुलम्बा गडवाल, रंगा रेड्डी और सूर्यापेट में एक-एक व्यक्ति की जान गई है. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कई लोग तेज धूप में लंबे समय तक रहने के कारण हीटस्ट्रोक का शिकार हुए. कुछ मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका.
सरकार अलर्ट मोड में, हुई आपात बैठक
बढ़ते संकट को देखते हुए तेलंगाना के राजस्व, आवास, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात समीक्षा बैठक की. इस बैठक में राहत कार्यों और लोगों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में पेयजल, छांव और प्राथमिक चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था की जाए. खासतौर पर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अस्थायी राहत केंद्र बनाए जाएं. उन्होंने कहा कि गर्मी से बचाव को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाना भी बेहद जरूरी है. इसके लिए गांवों और शहरों में माइक अनाउंसमेंट, सोशल मीडिया और स्थानीय प्रशासन के जरिए एडवाइजरी जारी करने को कहा गया है.
जानवरों और पक्षियों के लिए भी विशेष इंतजाम
तेलंगाना सरकार ने सिर्फ इंसानों ही नहीं बल्कि जानवरों और पक्षियों की सुरक्षा को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं. मंत्री ने अधिकारियों को गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी के बर्तन रखने और पशुओं के लिए पानी की विशेष व्यवस्था करने को कहा है. भीषण गर्मी का असर पशुधन पर भी दिखाई दे रहा है. कई इलाकों में तालाब और छोटे जलस्रोत सूखने लगे हैं. ऐसे में सरकार ने पंचायतों और नगर निकायों को जल संरक्षण और पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.
अस्पतालों में बढ़े हीटस्ट्रोक के मरीज
राज्य के सरकारी और निजी अस्पतालों में हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और उल्टी-बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. अस्पतालों में विशेष वार्ड बनाए गए हैं जहां लू से प्रभावित मरीजों का इलाज किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां भी सीमित कर दी हैं ताकि आपात स्थिति से निपटा जा सके.
सरकार की एडवाइजरी, इन बातों का रखें ध्यान
सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए कई जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. लोगों से कहा गया है कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें. इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के रंग के कपड़े पहनने और सिर को ढककर बाहर निकलने की सलाह दी गई है. डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी ही हीटस्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण बन रही है. सरकार ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और हार्ट या डायबिटीज के मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी है.
स्कूलों और कामकाज पर असर
तेज गर्मी का असर स्कूलों और रोजमर्रा के कामकाज पर भी दिखाई देने लगा है. कई निजी स्कूलों ने समय में बदलाव किया है. वहीं निर्माण कार्य और खुले में काम करने वाले मजदूरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई जिलों में प्रशासन ने दोपहर के समय निर्माण कार्य सीमित करने की सलाह दी है. मजदूर संगठनों ने भी सरकार से काम के घंटों में बदलाव की मांग की है.
बिजली और पानी की मांग बढ़ी
भीषण गर्मी के कारण बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल से बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है. कई इलाकों में लोकल फॉल्ट और ट्रिपिंग की शिकायतें भी सामने आई हैं. इसके साथ ही पानी की मांग भी बढ़ गई है. नगर निगम और जल विभाग को अतिरिक्त टैंकर भेजने के निर्देश दिए गए हैं. ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत को देखते हुए प्रशासन ने विशेष निगरानी शुरू की है.
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तेलंगाना में गर्मी और लू की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है. कुछ जिलों में तापमान 46 डिग्री तक पहुंच सकता है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी और उत्तरी भारत से आने वाली गर्म हवाओं के कारण दक्षिण भारत के कई राज्यों में तापमान बढ़ा है. फिलहाल बारिश की संभावना बेहद कम बताई जा रही है.
विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हीटस्ट्रोक एक जानलेवा स्थिति बन सकती है. अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, चक्कर, सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों को बिना जरूरत धूप में नहीं भेजना चाहिए। इसके अलावा शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है.
लोगों से सहयोग की अपील
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की भी सलाह दी गई है. तेलंगाना में बढ़ती गर्मी ने साफ कर दिया है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम में बदलाव अब आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर डाल रहे हैं. आने वाले दिनों में अगर तापमान और बढ़ता है तो प्रशासन के सामने चुनौती और बड़ी हो सकती है. फिलहाल सरकार राहत और बचाव कार्यों को तेज करने में जुटी हुई है, ताकि लोगों को इस भीषण गर्मी से सुरक्षित रखा जा सके.
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