
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बीच एक नया विवाद सामने आया है। बता दें अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद दाखिल किया है। दरअसल यह मामला अयोध्या में हुए एक निषाद सम्मेलन के दौरान अजय राय को लेकर की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। जिसमें कांग्रेस नेता का आरोप है कि उनके बारे में मछली खाने को लेकर ऐसी बात कही गई, जिसका उनकी सामाजिक छवि पर नकारात्मक असर पड़ा है। ऐसे में आइए जानते हैं यहां पूरी खबर
क्या है अजय राय और CM योगी के बीच पूरा विवाद?
जानकारी के लिए बता दें कि अजय राय 23 अगस्त 2026 को अयोध्या पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी में दर्शन किए। इसी दौरान राम निहाल निषाद की ओर से आयोजित निषाद सम्मेलन में भोजन का कार्यक्रम भी रखा गया था। जिसमें कांग्रेस का दावा है कि अजय राय कार्यक्रम में मौजूद जरूर थे, लेकिन उन्होंने वहां आयोजित मछली भोज में खाना नहीं खाया था।
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से अजय राय को लेकर कथित तौर पर मछली खाने से जुड़ी टिप्पणी की गई। इसी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आपत्ति जताई है। अजय राय का कहना है कि वह पूरी तरह शाकाहारी हैं और उनके बारे में इस तरह की बात कहना उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है।
अजय राय ने कोर्ट में क्या कहा?
अजय राय ने इस मामले को लेकर लखनऊ की सिविल कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद दाखिल किया है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी से उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि प्रभावित हुई है।
कांग्रेस नेता के मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्ति की प्रतिष्ठा उसके लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में बिना ठोस आधार के उनके बारे में कोई टिप्पणी किए जाने से उन्हें मानसिक परेशानी भी हुई। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब अदालत में इस मामले की आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। कोर्ट उपलब्ध तथ्यों और शिकायत के आधार पर तय करेगा कि मामले में आगे किस तरह की कार्रवाई की जानी है।
अयोध्या का निषाद सम्मेलन बना विवाद की वजह
अयोध्या में आयोजित निषाद सम्मेलन के बाद सामने आया यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। एक तरफ कांग्रेस अजय राय के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साध रही है, वहीं दूसरी तरफ यह मामला प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
मछली भोज से जुड़ी टिप्पणी को लेकर अजय राय ने साफ किया है कि सम्मेलन में मौजूद होना और मछली खाना दो अलग बातें हैं। उनका कहना है कि उनके बारे में गलत धारणा बनाने वाली टिप्पणी से उनकी छवि प्रभावित हुई।
आखिर कौन हैं अजय राय?
अजय राय उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। उनका राजनीतिक सफर भारतीय जनता पार्टी (BJP) से शुरू हुआ था। साल 1996 में उन्होंने वाराणसी की कोलअसला विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीता था। इसके बाद 2002 और 2007 में भी वह विधायक चुने गए। साथ ही, अजय राय उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे। साल 2009 में लोकसभा टिकट को लेकर बीजेपी से अलग होने के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी का रुख किया। उन्होंने वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। बाद में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उन्होंने विधानसभा उपचुनाव जीता।
कांग्रेस में कैसे पहुंचे अजय राय?
साल 2012 में अजय राय कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद उन्होंने पिंडरा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की। राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी सक्रियता बढ़ी। अजय राय ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से चुनाव लड़ा। इन चुनावों में उनका मुकाबला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुआ। अगस्त 2023 में कांग्रेस ने अजय राय को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया। इसके बाद से वह लगातार प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस का प्रमुख चेहरा बने हुए हैं।
अब आगे क्या होगा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अजय राय की ओर से मानहानि का परिवाद दाखिल किए जाने के बाद इस मामले पर सबकी नजर अदालत की कार्रवाई पर रहेगी। फिलहाल विवाद का केंद्र अयोध्या के निषाद सम्मेलन में मछली भोज को लेकर की गई कथित टिप्पणी है।
अजय राय ने इसे अपनी प्रतिष्ठा से जुड़ा मामला बताते हुए कानूनी रास्ता अपनाया है। अब अदालत में शिकायत पर होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं। राजनीतिक तौर पर भी यह विवाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर सकता है।
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अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






