
NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर बड़ा अपडेट
Neet 2026 News: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित हुई परीक्षा को कैंसिल कर दिया है। इस फैसले के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। जिसके वजह से कई राज्यों में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और निष्पक्ष परीक्षा की मांग कर रहे हैं। अब पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है।
जानकारी के लिए बता दें की करीब 26 लाख छात्रों ने इस साल नीट यूजी परीक्षा दी थी। परीक्षा रद्द होने से छात्रों की महीनों की मेहनत और भविष्य पर बड़ा असर पड़ा है। हालांकि सरकार और एनटीए का कहना है कि छात्रों के हित और परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह फैसला जरूरी था।
जल्द जारी होगी NEET UG 2026 की नई परीक्षा तारीख
NTA का साफ कहना है कि NEET UG 2026 दोबारा आयोजित की जाएगी और नई परीक्षा तारीख जल्द घोषित की जाएगी। एजेंसी ने कहा है कि परीक्षा का नया शेड्यूल, एडमिट कार्ड जारी करने की तारीख और अन्य जरूरी अपडेट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक री-एग्जाम जून के आखिरी सप्ताह या जुलाई 2026 की शुरुआत में कराया जा सकता है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। जिसमें छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयारी जारी रखें और केवल ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करें।
पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ा गुस्सा
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले ने पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली, राजस्थान, बिहार और कई अन्य राज्यों में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियां मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। दिल्ली में छात्र संगठनों ने एनटीए के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की। वहीं राजस्थान में जांच एजेंसियों ने अब तक 45 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है। माना जा रहा है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था।
CBI करेगी पूरे मामले की जांच
केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी है। जांच एजेंसियों को मिले शुरुआती इनपुट में सामने आया कि परीक्षा की गोपनीयता से समझौता हुआ था। अब सीबीआई यह पता लगाएगी कि पेपर लीक नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था और क्या किसी अंदरूनी अधिकारी की भूमिका भी इसमें थी। सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। एनटीए ने भी जांच में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है।
छात्रों को नहीं देना होगा दोबारा आवेदन
एनटीए ने छात्रों को राहत देते हुए कहा है कि दोबारा परीक्षा के लिए किसी भी छात्र को नया आवेदन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। पहले किया गया रजिस्ट्रेशन ही मान्य रहेगा। इसके अलावा छात्रों को कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क भी नहीं देना होगा। एजेंसी के मुताबिक पुराना डेटा सीधे री-एग्जाम प्रक्रिया में उपयोग किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के पुराने विकल्प भी मान्य रहने की संभावना है। इससे छात्रों और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
री-NEET 2026 से जुड़ी 5 बड़ी बातें
- री-NEET 2026 को लेकर एनटीए ने छात्रों को बड़ी राहत दी है। एजेंसी के मुताबिक दोबारा परीक्षा के लिए किसी भी छात्र को नया आवेदन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। पहले से रजिस्टर्ड सभी उम्मीदवारों का डेटा सीधे Carry Forward किया जाएगा, जिससे छात्रों का समय और परेशानी दोनों बचेंगे।
- री-एग्जाम के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। एनटीए ने साफ किया है कि परीक्षा पूरी तरह नि:शुल्क होगी और पहले जमा की गई फीस को एडजस्ट या रिफंड किया जाएगा। इससे लाखों अभ्यर्थियों और अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलेगी।
- परीक्षा केंद्रों को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। छात्रों द्वारा पहले चुने गए एग्जाम सेंटर को ही प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उन्हें दोबारा नई लोकेशन चुनने की परेशानी न हो। हालांकि जरूरत पड़ने पर कुछ केंद्रों में बदलाव संभव माना जा रहा है।
- नई परीक्षा तारीखों के साथ Fresh Admit Card जारी किए जाएंगे। एनटीए जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर एडमिट कार्ड डाउनलोड लिंक एक्टिव करेगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल ऑफिशियल अपडेट पर ही भरोसा करें।
- जानकारी के मुताबिक री-NEET 2026 जून के आखिरी सप्ताह या जुलाई की शुरुआत में आयोजित हो सकता है। हालांकि अंतिम तारीखों की घोषणा अभी बाकी है और छात्र बेसब्री से नए शेड्यूल का इंतजार कर रहे हैं।
कैसे हुआ पेपर लीक का खुलासा?
इस पूरे मामले का खुलासा राजस्थान के सीकर से हुआ। बताया जा रहा है कि एक हॉस्टल ऑपरेटर ने परीक्षा के बाद वायरल हुए ‘गेस पेपर’ का असली प्रश्नपत्र से मिलान किया। जांच में जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान के कुल 135 प्रश्न हूबहू पाए गए। इसके बाद मामला तेजी से बढ़ा और जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं। शुरुआती जांच में कई कोचिंग नेटवर्क और बिचौलियों के नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर परीक्षा से पहले किन-किन लोगों तक पहुंचा था।
छात्रों पर बढ़ा मानसिक दबाव
परीक्षा रद्द होने से सबसे ज्यादा असर छात्रों पर पड़ा है। कई छात्र पिछले एक साल से नीट की तैयारी में जुटे थे। अब उन्हें दोबारा उसी दबाव के साथ परीक्षा देनी होगी। अभिभावकों का कहना है कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं से बच्चों का मनोबल टूट रहा है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि छात्रों को इस समय मानसिक रूप से मजबूत रहने की जरूरत है। नई तारीख आने तक नियमित पढ़ाई जारी रखना ही सबसे बेहतर रणनीति होगी।
केवल आधिकारिक वेबसाइट पर करें भरोसा
एनटीए ने छात्रों को फर्जी नोटिस और अफवाहों से सावधान रहने को कहा है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि नई परीक्षा तारीख, एडमिट कार्ड और अन्य अपडेट केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी वायरल मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें।
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