
PM Modi Norway Award: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से जुड़ गई है। बता दें की यूरोपीय देश नॉर्वे ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया है। जिससे यह सम्मान भारत और नॉर्वे के बीच मजबूत होते रिश्तों और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका का प्रतीक माना जा रहा है। जिसमें खास बात यह है कि यह प्रधानमंत्री मोदी को विदेशों से मिलने वाला 32वां बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान बन गया है।
जानकारी के लिए बता दें की प्रधानमंत्री मोदी आज सोमवार 18 मई को तीसरे भारत-नॉर्डिक समिट में भाग लेने के लिए नॉर्वे की राजधानी Oslo पहुंचे थे। यहां नॉर्वे सरकार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और इसी दौरान उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। नॉर्वे सरकार की ओर से कहा गया कि यह सम्मान उन विशिष्ट लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया हो और देशों के बीच संबंध मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई हो।
क्या है ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’?
‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ नॉर्वे का बेहद प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है। यह सम्मान विदेशी नेताओं, राजनयिकों और उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने नॉर्वे और दुनिया के बीच सहयोग, शांति और विकास को बढ़ावा दिया हो। इस सम्मान का सर्वोच्च स्तर ‘ग्रैंड क्रॉस’ होता है, जिसे बहुत कम लोगों को प्रदान किया जाता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान मिलना भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और कूटनीतिक प्रभाव का संकेत है। बता दें की पिछले कुछ सालों में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत की है और कई देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम दिया है।
पीएम मोदी ने जताई खुशी
सम्मान मिलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि उन्हें यह सम्मान पाकर गर्व महसूस हो रहा है और यह भारत-नॉर्वे की मजबूत दोस्ती को समर्पित है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों देश वैश्विक शांति, हरित ऊर्जा, तकनीक और सतत विकास के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्ते और अधिक मजबूत होंगे।
भारत-नॉर्डिक संबंधों को मिलेगा नया बल
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को भारत और नॉर्डिक देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। भारत-नॉर्डिक समिट में नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड जैसे देशों के नेता शामिल हो रहे हैं। इस बैठक में व्यापार, हरित ऊर्जा, समुद्री सहयोग, डिजिटल तकनीक और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। भारत और नॉर्वे के बीच पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा, ब्लू इकॉनमी, समुद्री सुरक्षा और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। नॉर्वे की कई बड़ी कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं, जबकि भारत भी यूरोपीय देशों के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
43 साल बाद नॉर्वे पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि पूरे 43 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे के दौरे पर पहुंचा है। इससे पहले वर्ष 1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने नॉर्वे का दौरा किया था। इतने लंबे समय बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का नॉर्वे पहुंचना दोनों देशों के रिश्तों में नई शुरुआत माना जा रहा है। नॉर्वे में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों ने भी प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया। भारतीय प्रवासियों में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने इसे भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ने का प्रतीक बताया।
पांच देशों के दौरे पर हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी इन दिनों पांच देशों की अहम विदेश यात्रा पर हैं। इस दौरे की शुरुआत 15 मई को United Arab Emirates से हुई थी। इसके बाद उन्होंने Netherlands का दौरा किया और फिर नॉर्वे पहुंचे। आगे उनका कार्यक्रम Sweden और Italy जाने का है। इस पूरे दौरे का मकसद भारत के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बदलते समीकरणों के बीच भारत लगातार दुनिया के प्रमुख देशों के साथ अपने संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश कर रहा है।
अब तक मिल चुके हैं कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी को इससे पहले भी कई देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जा चुके हैं। इनमें संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, रूस, मिस्र, ग्रीस और फिजी जैसे देशों के सम्मान शामिल हैं। विदेश नीति के जानकारों के अनुसार, यह दिखाता है कि भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि लगातार मजबूत हो रही है और दुनिया भारत को एक महत्वपूर्ण वैश्विक शक्ति के रूप में देख रही है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय विदेश नीति और वैश्विक मंचों पर भारत की मजबूत उपस्थिति के कारण कई देशों के साथ भारत के रिश्ते पहले से अधिक बेहतर हुए हैं।
भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का संकेत
नॉर्वे द्वारा दिया गया यह सम्मान केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का संकेत माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने आर्थिक, रणनीतिक और तकनीकी क्षेत्रों में तेजी से प्रगति की है। जी-20 की सफल मेजबानी, वैश्विक मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी और दुनिया के बड़े देशों के साथ मजबूत संबंधों ने भारत की साख को नई ऊंचाई दी है।
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले समय में भारत और यूरोपीय देशों के बीच सहयोग और मजबूत हो सकता है। हरित ऊर्जा, रक्षा, डिजिटल तकनीक और व्यापार जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच साझेदारी बढ़ने की संभावना है।
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